NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
नितीश राज में नियोजन की मांग कर रहे अभ्यर्थी युवाओं को मिली पुलिस की लाठी !
9 शिक्षक अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर 500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कर दिया गया है।
अनिल अंशुमन
22 Jan 2021
नितीश राज में नियोजन की मांग कर रहे अभ्यर्थी युवाओं को मिली पुलिस की लाठी !

पटना हाई कोर्ट के निर्देश के आलोक में नियोजित किए जाने की मांग को लेकर 18 जनवरी से राजधानी पटना स्थित गर्दनीबग धरनास्थल पर शांतिपूर्ण ढंग से बैठे टीईटी पास नियोजित शिक्षकों पर पुलिस लाठी चार्ज का मामला काफी सियासी तूल पकड़ता जा रहा है ।

प्रमुख विपक्षी दल राजद तथा वाम दलों ने इस कांड का कड़ा विरोध करते हुए ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर होनेवाले बजट सत्र में सरकार को घेरने का ऐलान किया है।

वाम छात्र व युवा संगठनों ने रोजगार की मांग रहे राज्य के युवाओं के साथ दमन की भाषा में बात करने का आरोप लगाकर नितीश कुमार सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिवाद कर रहें हैं।

चंद महीने पहले बिहार विधान सभा चुनाव के समय सत्ताधारी भाजपा–जदयू तथा महागठबंधन के बीच प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की घोषणाओं की प्रतियोगिता सी मच गयी थी। तेजस्वी यादव 10 लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा के मुक़ाबले भाजपा ने एनडीए की तरफ से 19 लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की थी।

लेकिन 19 जनवरी को राजधानी स्थित अपने नियोजन की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना पर बैठे टीईटी पास नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया। प्रत्यक्षदशियों तथा घायलों के अनुसार पूरे राज्य से आए सैकड़ों महिला–पुरुष नियोजित शिक्षक अभ्यर्थी 18 जनवरी से ही शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। 19 जनवरी की दोपहर जब धरनास्थल पर अचानक से पुलिस ने आकर सबको घेर लिया और धरनास्थल के दोनों तरफ के गेट को बंद कर लाठी चलाना शुरू कर दिया। लोगों को पीट पीटकर धरना स्थल से खदेड़ दिया गया। यहाँ तक कि महिलाओं और विकलांगों को भी नहीं छोड़ा गया। 9 शिक्षक अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर 500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कर दिया गया।

नियोजित शिक्षक अभ्यर्थी संगठन के प्रवक्ताओं का कहना है कि स्थानीय प्रशासन ने चार दिन के लिए धरना करने की अनुमति दी थी लेकिन कार्यक्रम के दूसरे ही दिन हमें पीट पीट कर वहां से हटा दिया गया।

लाठीचार्ज से आक्रोशित शिक्षकों दूसरे जगह बैठकर अपना विरोध प्रकट करने लगे। मीडिया को संबोधित करते हुए उनके प्रतिनिधियों ने कहा है कि दोबारा शिक्षा मंत्री बने नेता जी का दावा है कि वे प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्तता को बढ़ाएँगे। लेकिन 2017 से ही राज्य के 90 हज़ार से भी अधिक शिक्षक अभ्यर्थी नियुक्ति की सारी अहर्त्ताओं को पूरा करने के बावजूद नियोजन के इंतज़ार में रोड पर हैं, जबकि उन्हें स्कूल के बोर्ड पर होना चाहिए था। 2018 में भी हमने जोरदार आंदोलन किया था और इसी तरह से पुलिस की लाठियाँ  खाईं थी, तब जाकर सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा करनी पड़ी थी। जो कि एक दिखावा मात्र ही था, क्योंकि साजिश के तहत कई बहाने बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया को ठंढे बस्ते में डाल दिया गया। बाद में हाई कोर्ट ने भी हमारे पक्ष में फैसला देते हुए प्रदेश कि सरकार को जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। लेकिन उसपर भी अमल नहीं किया गया। अब जबकि फिर से नयी सरकार बनी तो हमने शिक्षा मंत्री और उनके मंत्रालय–विभाग के अधिकारियों के समक्ष हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जब नियुक्ति की मांग उठाई तो वही पुराना रवैया दिखते हुए सबने चुप्पी साध ली है। मजबूरन राज्य भर के 2 लाख से भी अधिक शिक्षक अभ्यर्थियों ने 18 जनवरी से फिर से आंदोलन की घोषणा के तहत धरना पर बैठे हुए थे। लेकिन हमारे शांतिपूर्ण धरना पर पुलिस ने ऐसे हमला बोला जैसे कि हम कोई दुश्मन हों। बीएड-एमए–टीईटी पास उच्च शिक्षित अभ्यर्थियों के साथ पुलिस-प्रशासन ने  अपराधियों वाला सलूक किया है।

अभ्यर्थी शिक्षकों पर हुए लाठी चार्ज की खबर सुनकर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पहुँचकर आक्रोशित शिक्षकों की भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को लेकर पूरा विपक्ष बजट सत्र में सरकार को घेरेगा। बाद में उनके हस्तक्षेप से स्थानीय प्रशासन ने आंदोलनकारी शिक्षकों को 4 बजे शाम तक उसी स्थल पर धरना देने की अनुमति दी।

आंदोलनकारी शिक्षकों से मिलने पहुंचे इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाकपा माले विधायक मनोज मंज़िल ने भी कहा कि सरकार अविलंब राज्य के 95 हज़ार शिक्षक अभ्यिर्थियों की बहाली की प्रक्रिया पूरा हो। अपने सम्बोधन में यह भी कहा कि इन मांगों को विधान सभा के बजट सत्र में पूरी मजबूती से उठाया जाएगा और विधान सभा का घेराव भी होगा। शिक्षकों पर हुए लाठी चार्ज की तीखी निंदा करते हुए भाजपा–जदयू से पूछा कि क्या जिस तरह से मोदी जी द्वारा 2 करोड़ युवाओं नौकरी देने की घोषणा झांसा साबित हुआ, बिहार में भी 19 लाख नौकरी देने का वादा भी वैसा ही झांसा है? लाठी चार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बिहार के युवा नितीश कुमार कि सरकार के इस दमन और विश्वासघात का जोरदार प्रतीकार करेंगे।

बिहार के कई छात्र–युवा संगठनों ने भी नियोजन की मांग कर रहे शिक्षकों पर हुए इस पुलिस दमन का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि रोजगार की मांग कर रहे आंदोलनकारी युवाओं के साथ भाजपा–जदयू की सरकार दमन की भाषा में बात कर रही हैं। 

विडम्बना ही है कि जिस दिन प्रदेश के शिक्षकों पर पुलिस लठियाँ भाँज रही थी, उसी दिन जदयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह नितीश कुमार जी के सुशासन की प्रशंसा गाथा गा रहे थे कि जैसे महाराणा प्रताप ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया, नितीश कुमार जी ने वही काम करके बिहार का मान बढ़ाया है।

आंदोलनकारी शिक्षकों की मांगों पर अभी तक सरकार-शिक्षा मंत्री तथा विभाग के किसी भी आला अफसर का कोई बयान नहीं आया है। हर दिन अखबारों के स्थायी कॉलम की भांति बयान देकर विपक्ष तथा वामपंथी दलों को गलियाने वाले तथा खुद को छात्र आंदोलन की उपज बताने वाले पूर्व उप मुख्यमंत्री जी भी नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों पर मौन साधे हुए हैं। 

खबर यह भी है कि 21 जनवरी को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी कार्यालय के समक्ष कार्यपालक सहायक पद पर बहाली की मांग को लेकर जुटे अभ्यर्थी युवाओं पर पुलिस ने लठियाँ चटकाकर खदेड़ दिया है। आधा दर्जन को गिरफ्तार भी किया है। वहाँ जुटे अभ्यर्थी अपने नियोजन को रद्द कर बेलट्रोन एजेंसी द्वारा नया नियोजन किए जाने का विरोध कर रहे थे।

फिलहाल शिक्षकों का आंदोलन जारी है। उधर आइसा–इनौस ने ‘19 लाख रोजगार, मांग रहा युवा बिहार’ की मांग को लेकर राज्यव्यापी मुहिम शुरू कर दी है। बिहार के कई छात्र–युवा संगठन भी विधान सभा चुनाव में भाजपा-एनडीए द्वारा 19 लाख रोजगार देने की घोषणा को पूरा करवाने के लिए लामबंद हो रहे हैं। देखने की बात है कि ये वायदे पूरा हो पाते हैं या पूर्व की भांति सिर्फ चुनावी जुमला ही साबित होते हैं!

Nitish Kumar
Bihar
Police lathi charge on Teachers
bihar police
TET
left parties
BJP
jdu
B.Ed. MA - TET
teachers protest
Bihar education system

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • चिप युद्घ: क्या अमेरिका वास्तव में चीन को पछाड़ सकता है
    प्रबीर पुरकायस्थ
    चिप युद्ध : क्या अमेरिका वास्तव में चीन को पछाड़ सकता है
    30 Aug 2021
    शोध के लिए कम पैसा होने का मतलब अंतत: इस क्षेत्र में अमरीका की बढ़त का ही खत्म होना होगा क्योंकि दूसरे देशों के विपरीत, अमरीका बढ़ते पैमाने पर चिपों या मशीनों के उत्पादन से पीछे हटता गया है।
  • करनाल पुलिसिया हिंसा: एक किसान की मौत, खट्टर सरकार पर उठ रहे सवाल
    मुकुंद झा
    करनाल पुलिसिया हिंसा: एक किसान की मौत, खट्टर सरकार पर उठ रहे सवाल
    30 Aug 2021
    किसानों ने जानकारी दी है कि एक किसान सुशील काजल की मौत हो गई है। किसानों ने दावा किया है कि वो शनिवार के विरोध में शामिल थे, पुलिस ने उन्हें लाठियों से मारा, जिसके बाद वे घर गए  और रात में दिल का…
  • कोविड में स्कूलों से दूर हुए गरीब बच्चे, सरकार का ध्यान केवल ख़ास वर्ग पर
    रूबी सरकार
    कोविड में स्कूलों से दूर हुए गरीब बच्चे, सरकार का ध्यान केवल ख़ास वर्ग पर
    30 Aug 2021
    केंद्र सरकार की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरी तरह से डिजिटलीकरण शिक्षा पर आधारित है। इस समय दूर-दराज ग्रामीण इलाकों के बच्चे, सरकार की चिंता से बाहर हो गये हैं।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में क़रीब 43 हज़ार नए मामले, 380 मरीज़ों की मौत
    30 Aug 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3 लाख 76 हज़ार 324 हो गयी है।
  • अफ़ग़ानिस्तान पर 'बिग' मीडिया का सवाल ग़लत और ख़तरनाक है
    थॉम हार्टमैन
    अफ़ग़ानिस्तान पर 'बिग' मीडिया का सवाल ग़लत और ख़तरनाक है
    30 Aug 2021
    बुश और डिक चेनी हमें अफ़ग़ान युद्ध और अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल के क़ब्ज़े के बारे में कैसे झूठ बोलकर चुप बैठ सकते हैं - जबकि जिन्होंने लगभग उतने ही लंबे अरसे तक इराक़ में बिना किसी राजनीतिक या ऐतिहासिक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License