NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक : अब तो ‘बस’ करो
प्रवासी मज़दूर अपने गांव-घर जाने को परेशान हैं, पैदल चल रहे हैं, मर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकारों को फिक्र नहीं, राजनीति से फुर्सत नहीं। और इसमें सबसे आगे हैं हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी। जी हां, उत्तर प्रदेश की सीमा पर मज़दूरों को ले जाने के लिए बसे खड़ी हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने की मंज़ूरी नहीं मिल रही।
आज का कार्टून
20 May 2020
कार्टून क्लिक : अब तो ‘बस’ करो

प्रवासी मज़दूर अपने गांव-घर जाने को परेशान हैं, पैदल चल रहे हैं, मर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकारों को फिक्र नहीं, राजनीति से फुर्सत नहीं। और इसमें सबसे आगे हैं हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी। जी हां, उत्तर प्रदेश की सीमा पर मज़दूरों को ले जाने के लिए बसे खड़ी हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने की मंज़ूरी नहीं मिल रही। क्योंकि उन्हें कांग्रेस ने उपलब्ध कराया है। आज सवाल ये नहीं कि ये बसें किस दल या नेता की तरफ़ से उपलब्ध कराई जा रही हैं, बड़ी बात ये है कि जब सरकारों ने मज़दूरों को उनके हाल पर बे-बस छोड़ दिया, तब कोई तो आगे आया। अब अगर कांग्रेस मज़दूरों के लिए बस उपलब्ध करा रही है, तो किसी को क्या परेशानी हो सकती है। लेकिन यही तो राजनीति है। अब बीजेपी और योगी जी कैसे कांग्रेस को नंबर बनाने दें, इसलिए वे चाहते हैं कि किसी तरह कांग्रेस को मात दी जाए, कोई न कोई नुक्ता निकालकर उसे नीचा दिखाया जाए, हंसी उड़ाई जाए। इसी चक्कर में बसों को अब तक यूपी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

Coronavirus
Lockdown
Poor People's
government policies
dirty politics
Migrant workers

Related Stories

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना मामलों में 17 फ़ीसदी की वृद्धि

LIC IPO: कैसे भारत का सबसे बड़ा निजीकरण घोटाला है!

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

दिवंगत फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को दूसरी बार मिला ''द पुलित्ज़र प्राइज़''


बाकी खबरें

  • रवि कौशल
    आदिवासियों के विकास के लिए अलग धर्म संहिता की ज़रूरत- जनगणना के पहले जनजातीय नेता
    28 Apr 2022
    जनजातीय समूह मानते रहे हैं कि वे हिंदू धर्म से अलग रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं, इसलिए उन्हें अलग धर्म संहिता दी जाना चाहिए, ताकि आने वाली जनगणना में उन्हें अलग समहू के तौर पर पहचाना जा…
  • संदीप चक्रवर्ती
    कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च
    28 Apr 2022
    नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर बीजेपी-आरएसएस की ताक़त बढ़ी तो वह देश को हिन्दू राष्ट्र बना देंगे जहां अल्पसंख्यकों के साथ दोयम दर्जे के नागरिक जैसा बर्ताव किया जाएगा।
  • राज वाल्मीकि
    ब्राह्मणवादी व्यवस्था ने दलितों को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण स्त्री समुदाय को मानवाधिकारों से वंचित रखा: चौथीराम यादव
    28 Apr 2022
    पंडिता रमाबाई के परिनिर्वाण दिवस के 100 साल पूरे होने पर सफाई कर्मचारी आंदोलन ने “पंडिता रमाबाई : जीवन और संघर्ष” विषय पर कार्यक्रम किया।
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 साल में रोज़गार दर 46 फ़ीसदी से घटकर हुई 40 फ़ीसदी
    28 Apr 2022
    CMIE के आंकड़ों के मुताबिक भारत की काम करने लायक़ 90 करोड़ आबादी में नौकरी और नौकरी की तलाश में केवल 36 करोड़ लोग हैं। तकरीबन 54 करोड़ आबादी रोज़गार की दुनिया से बाहर है। बेरोज़गरी के यह आंकड़ें क्या कहते…
  • राजु कुमार
    बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा
    28 Apr 2022
    मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी सहित आठ राजनीतिक दलों की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने खरगोन के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License