NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: आग का क्या है, पल दो पल में लगती है...
शायर कैफ़ भोपाली ने कहा था, “आग का क्या है, पल दो पल में लगती है/ बुझते बुझते एक ज़माना लगता है”, देश की राजनीति में आज यही नज़ारा है। अब वो दिल्ली हो या बंगाल आग तो लग चुकी है...
आज का कार्टून
11 Dec 2020
cartoon click

शायर कैफ़ भोपाली ने कहा था, “आग का क्या है, पल दो पल में लगती है/ बुझते बुझते एक ज़माना लगता है”, देश की राजनीति में आज यही नज़ारा है। अब वो दिल्ली हो या बंगाल आग तो लग चुकी है, अब किसने लगाई, क्यों लगाई इसपर बहुत बहस और चर्चा की गुंजाईश नहीं बची है। लेकिन हक़ीक़त यही है कि आग लग चुकी है और इसी को लेकर राहत इंदौरी ने चेताया था कि “लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में, यहां पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है”, लेकिन बहुत लोगों को लगता था या अब भी लगता है कि यहां हमारा मकान थोड़ी है! अब सबके मकान, सबके हाथ जलने लगे हैं, लेकिन अब भी इसे बुझाने की कम भड़काने की ज़्यादा कोशिशें दिखाई देती हैं।  

ख़ैर ताज़ा मसला बंगाल का है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हिंसक हमले की पृष्ठभूमि में केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है। इसी के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को 14 दिसंबर को तलब किया है। हालांकि दिल्ली में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर हुए कथित हमले या चढ़ाई पर अभी किसी चिंता या किसी सख्त एक्शन की खबर नहीं है। टेलीविज़न में भी नहीं। हालांकि मानने वाले यह भी मानते हैं कि ये सब प्रायोजित है। 

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
West Bengal
Governor Jagdeep Dhankar
BJP

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License