NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे?
तीन-तीन साल बीत जाने पर भी पेपर देने की तारीख़ नहीं आती। तारीख़ आ जाए तो रिज़ल्ट नहीं आता, रिज़ल्ट आ जाए तो नियुक्ति नहीं होती। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी कोर्ट में चला जाता है। ऐसे लगता है जैसे महामारी के दौर में सरकारी नौकरियाँ भी बेरोज़गारों से सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कर रही हैं।
आज का कार्टून
03 Feb 2022
cartoon

देश में नौकरियों का टंटा लगा हुआ है, छात्र इतने तंग आ चुके हैं कि पटरियाँ तक उखाड़ दे रहे हैं, नौकरी का फार्म निकलता है, छात्र फ़ॉर्म भरता है, तैयारी के लिए शहरों में जाकर किराए पर रहता है, जैसे-तैसे काम चलाता है। लेकिन तीन-तीन साल बीत जाने पर भी पेपर की तारीख़ नहीं आती। तारीख़ आ जाए तो रिज़ल्ट नहीं आता। रिज़ल्ट आ जाए तो नियुक्ति नहीं होती। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी कोर्ट में चला जाता है। कुल मिलाकर ज़िंदगी जीने के लिए एक अदब सरकारी नौकरी नसीब नहीं होती। ऐसे लगता है जैसे कि महामारी के दौर में सरकारी नौकरियाँ भी बेरोज़गारों से सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कर रही हैं। छात्र एक कदम आगे आता है नौकरी दो कदम पीछे चली जाती है।

इधर हरियाणा सरकार, सरकारी नौकरियाँ नहीं दे पाई, तो सोचा प्राइवेट नौकरियों पर ही बिल फाड़ दिया जाए। सरकार क़ानून ले आई कि अब हरियाणा में प्राइवेट नौकरियों में 75% कोटा स्थानीय लोगों के लिए रहेगा, यानी हरियाणा में ज़्यादातर उसे ही प्राइवेट नौकरी मिल सकेगी जो हरियाणा का निवासी होगा। लेकिन सरकार के इस बेतुके फ़ैसले पर हाईकोर्ट ने डंडा चला दिया। अब हरियाणा सरकार चिंता में है कि सरकारी नौकरियाँ तो दे नहीं पाए, न आरक्षण दे पाए, प्राइवेट नौकरियों पर “Thank You Modi Ji” के नाम का प्रचार करवाते, वो भी चांस चला गया… ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे…

ये भी पढ़ें: कार्टून क्लिक: कैसे करेंगे चुनाव प्रचार? जब बागों में ही नहीं है कोई बहार! 

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
Haryana
Haryana Government

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License