NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
छतीसगढ़: किसान आंदोलन के समर्थन में गांव-गांव उपवास, मानव श्रृंखला भी बनाई
किसान केवल अपनी खेती-किसानी बचाने की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, वे इस देश की स्वतंत्रता और अस्मिता की रक्षा के लिए भी लड़ रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Jan 2021
छतीसगढ़: किसान आंदोलन के समर्थन में गांव-गांव उपवास, मानव श्रृंखला भी बनाई

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर शनिवार को महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा के हजारों सदस्यों ने उपवास में हिस्सा लिया। 

किसान संगठनों ने 26 जनवरी को दिल्ली में हुई 'प्रायोजित हिंसा' और किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने के आह्वान के साथ इस आंदोलन में शहीद हुए 150 से ज्यादा किसानों की स्मृति और सम्मान में आज दिन भर के उपवास की अपील की थी।

किसानों के साथ गांव के लोगों ने भी उपवास में हिस्सा लिया। गांव- गांव उपवास रख मानव श्रृंखला भी बनाई गई। छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते ने बताया कि कोरबा, सरगुजा, सूरजपुर, रायगढ़, बिलासपुर, बस्तर सहित पूरे प्रदेश में किसान सभा के सदस्यों ने रोजमर्रा का काम करते हुए यह उपवास रखा ताकि एक देशव्यापी दबाव बनाकर किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने के लिए मोदी सरकार को बाध्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस किसान आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आम जनता के विभिन्न तबकों का उन्हें समर्थन मिल रहा है, जिसके कारण यह आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा ऐतिहासिक आंदोलन बन गया है।

छतीसगढ़ किसान सभा के महासचिव ऋषि गुप्ता ने दो महीने से अधिक दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों की हिम्मत की दाद देते हुए कहा, “वास्तव में यह आम किसानों की मांगों के लिए, आम जनता का, आम जनता द्वारा संचालित आंदोलन है। उन्होंने आगे कहा, “पूरी दुनिया देख रही है कि सरकार प्रायोजित हिंसा, दमन, उकसावे के बावजूद किस तरह यह आंदोलन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। जिस कानून के पीछे जनता का कोई बल न हो, उस कानून को आम जनता पर थोपना लोकतंत्र का मजाक उड़ाना ही है और केंद्र सरकार को इन कानूनों को वापस लेना ही होगा।”

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि यह संघर्ष देश की अर्थव्यवस्था को कारपोरेटीकरण से बचाने का और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और सुरक्षा को बचाने का देशभक्तिपूर्ण और राष्ट्रवादी संघर्ष है।

गुप्ता कहते हैं, “जिस संघी गिरोह ने आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों के तलुए चाटे है, वही आज इस देश को साम्राज्यवाद के हाथों बेचना चाहता है। इसलिए हमारे देश के किसान केवल अपनी खेती-किसानी बचाने की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, वे इस देश की स्वतंत्रता और अस्मिता की रक्षा के लिए भी लड़ रहे हैं।”

Chhattisgarh
farmers protest
Farmers Support
human chain
Human Chain for Farmers

Related Stories

छत्तीसगढ़ : दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दिया

छत्तीसगढ़ः 60 दिनों से हड़ताल कर रहे 15 हज़ार मनरेगा कर्मी इस्तीफ़ा देने को तैयार

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

छत्तीसगढ़ :दो सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिनों से हड़ताल पर मनरेगा कर्मी

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...


बाकी खबरें

  • sedition
    भाषा
    सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश
    11 May 2022
    पीठ ने कहा कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। अदालतों द्वारा आरोपियों को दी गई राहत जारी रहेगी। उसने आगे कहा कि प्रावधान की वैधता को चुनौती…
  • बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    एम.ओबैद
    बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    11 May 2022
    "ख़ासकर बिहार में बड़ी संख्या में वैसे बच्चे जाते हैं जिनके घरों में खाना उपलब्ध नहीं होता है। उनके लिए कम से कम एक वक्त के खाने का स्कूल ही आसरा है। लेकिन उन्हें ये भी न मिलना बिहार सरकार की विफलता…
  • मार्को फ़र्नांडीज़
    लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?
    11 May 2022
    दुनिया यूक्रेन में युद्ध का अंत देखना चाहती है। हालाँकि, नाटो देश यूक्रेन को हथियारों की खेप बढ़ाकर युद्ध को लम्बा खींचना चाहते हैं और इस घोषणा के साथ कि वे "रूस को कमजोर" बनाना चाहते हैं। यूक्रेन
  • assad
    एम. के. भद्रकुमार
    असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की
    11 May 2022
    राष्ट्रपति बशर अल-असद का यह तेहरान दौरा इस बात का संकेत है कि ईरान, सीरिया की भविष्य की रणनीति का मुख्य आधार बना हुआ है।
  • रवि शंकर दुबे
    इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा यूपी में: कबीर और भारतेंदु से लेकर बिस्मिल्लाह तक के आंगन से इकट्ठा की मिट्टी
    11 May 2022
    इप्टा की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गीतों, नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License