NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चिन्मयानंद मामला: पीड़िता को बरेली कॉलेज में एलएलएम में दाखिले के लिए ले जाया गया
पीड़िता के पिता ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को सीजेएम की अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया था जिस पर अदालत ने 18 अक्टूबर को पीड़िता का बरेली कॉलेज में एलएलएम में दाखिला कराने का आदेश दिया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Oct 2019
chinmayanand case
Image courtesy: Hindustan

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद मामले की पीड़िता और उनसे रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में बंद छात्रा को अदालत के आदेश पर आज, शुक्रवार सुबह बरेली कॉलेज में एलएलएम में दाखिले के लिए ले जाया गया।

पीड़िता स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम की छात्रा है। उसने एक वीडियो के जरिये स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने मामले पर संज्ञान लेते हुए महात्मा ज्योतिबा फूले विश्वविद्यालय में एलएलएम में पीड़िता के दाखिले का आदेश दिया था। परंतु दाखिले से पूर्व ही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पीड़िता को जेल भेज दिया था।

पीड़िता के पिता ने बताया कि उन्होंने कल बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ओमवीर सिंह की अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया था जिस पर अदालत ने 18 अक्टूबर को पीड़िता का बरेली कॉलेज में एलएलएम में दाखिला कराने का आदेश दिया था।

पुलिस अधीक्षक डॉ. एस चिनप्पा ने शुकवार को 'भाषा' को बताया कि सीजेएम के आदेश पर जेल प्रशासन ने पीड़िता को बरेली ले जाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। इसके बाद पुलिस का एक दल पीड़िता को अपनी सुरक्षा में लेकर बरेली कालेज गया।

जेलर राजेश कुमार राय ने बताया कि आज सुबह लगभग सात बजे पीड़िता को दाखिले के लिए बरेली कॉलेज भेजा गया।

गौरतलब है कि स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली इस पीड़ित छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल कर पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओमवीर सिंह ने यहां शहर कोतवाली में पीड़िता के खिलाफ रंगदारी मांगने का एक मुकदमा दर्ज करा दिया था। मामले में एसआईटी ने जांच की और पीड़िता तथा उसके तीन साथियों संजय, विक्रम और सचिन को रंगदारी मांगने के आरोप में किया गया।

वहीं दूसरी ओर पीड़िता के आरोपों और चिन्मयानंद का मालिश कराते हुए वीडियो वायरल होने के बाद विशेष जांच दल ने उनको आरोपी बनाते हुए धारा 376 सी के तहत उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। मामले में चिन्मयानंद समेत पांच आरोपी जेल में बंद है ।

मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी को अपनी जांच रिपोर्ट 22 अक्टूबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक विशेष पीठ को सौंपनी है।

आपको बता दें कि चिन्मयानंद पर भी पहले भी उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। उत्तर प्रदेश समेत देशभर के नागरिक समाज और बुद्धिजीवियों ने पीड़िता को ही रंगदारी का आरोप लगाकर गिरफ़्तार करने की निंदा की है और पीड़िता के पक्ष में धरना-प्रदर्शन किए।

नागरिक समाज का आमतौर पर मानना है कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार बीजेपी के सांसद रहे और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को बचाने की कोशिश कर रही है।

अपडेट :  बरेली के विश्वविद्यालय परिसर में एलएलएम में पीड़िता के दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो गई।

महात्मा ज्योति फुले विश्वविद्यालय के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमित सिंह ने फोन पर भाषा को बताया की शाहजहांपुर से पुलिस सुरक्षा में लाई गई पीड़िता के परीक्षा फार्म, लाइब्रेरी फार्म सहित दाखिले की प्रक्रिया सुबह करीब नौ बजे पूरी की गई और दाखिला शुल्क भी जमा कर लिया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Chinmayanand Case
Chinmyanand rape case victim
LLM college
Protests

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़, छात्र संगठनों ने निकाला विरोध मार्च

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

राज्यसभा के निलंबित सदस्यों के समर्थन में विपक्षी नेताओं का संसद परिसर में धरना

तमिलनाडु: दलदली या रिहायशी ज़मीन? बेथेल नगर के 4,000 परिवार बेदखली के साये में

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते भूस्खलन की वजह क्या है? लोग सड़कों का विरोध क्यों कर रहे हैं? 

मध्य प्रदेश : सेंचुरी मिल के प्रदर्शनकर्मियों पर पुलिस कार्रवाई, 800 से अधिक की गिरफ़्तारी

लोहिया आंदोलनकारी थे या आंदोलनजीवी?


बाकी खबरें

  • पेगासस प्रकरण के बाद निजता का क्या होगा? 
    वैभव निकम
    पेगासस प्रकरण के बाद निजता का क्या होगा? 
    03 Aug 2021
    किसी भी मोबाइल या लैपटॉप की ऑनलाइन गतिविधि को गुप्त रूप से ट्रैक करना और बड़े डेटा को हासिल करना बताता है कि कंपनियां ज़्यादातर उन व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल करती हैं जो जानकारी उनके पास कभी…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 30,549 नए मामले, 422 मरीज़ों की मौत
    03 Aug 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 30,549 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 4 लाख 4 हज़ार 958 हो गयी है।
  • फ़ैक्ट-चेक : अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में पेट्रोल 8 रुपये 36 पैसे सस्ता किया?
    प्रियंका झा
    फ़ैक्ट-चेक : अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में पेट्रोल 8 रुपये 36 पैसे सस्ता किया?
    03 Aug 2021
    की-वर्ड सर्च करने पर हमें मालूम चला कि ये ख़बर जुलाई 2020 की है. DNA में 30 जुलाई 2020 को छपी एक ऐसी रिपोर्ट में दिल्ली में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों के कम होने के बारे में बताया गया है. इस रिपोर्ट…
  • यूपी: महिला शिक्षक संघ ने तीन दिन की 'पीरियड लीव' की मांग की
    सबरंग इंडिया
    यूपी: महिला शिक्षक संघ ने तीन दिन की 'पीरियड लीव' की मांग की
    03 Aug 2021
    महिला संगठन की सदस्यों ने कहा कि मिशन शक्ति जैसी कथित पहल के बावजूद पुरुष संगठनों ने मांग को नजरअंदाज किया।
  • आंचल और उनके साथी 25 हज़ार पेड़ काटने का विरोध कर रहे हैं
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: क्या आप साइंस रिसर्च कॉलेज के लिए 25 हज़ार पेड़ों को कटने देना चाहेंगे ?
    03 Aug 2021
    “हम दुनियाभर में प्राकृतिक आपदाएं देख रहे हैं। उत्तराखंड में ही एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। अब विकास के नाम पर पेड़ों को काटने का समय खत्म हो गया है। अब पेड़ों के संरक्षण का समय है। हम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License