NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सभ्यता का आकलन अल्पसंख्यकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार के आधार पर होता है: हाईकोर्ट
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिले में बूचड़खानों पर लगी रोक पर उठाया सवाल। न्यायालय ने टिप्पणी की कि ‘‘सवाल यह है कि क्या नागरिकों को अपना भोजन चुनने का अधिकार है या राज्य इसका फ़ैसला करेगा।’’
भाषा
17 Jul 2021
हाईकोर्ट

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिले में बूचड़खानों पर रोक लगाने के फैसले की संवैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभ्यता का आकलन अल्पसंख्यकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार के आधार पर होता है।

हरिद्वार जिले में बूचड़खाने पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती देने के लिए मंगलौर कस्बे के रहने वाले याचिककार्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने कहा, ‘‘ लोकतंत्र का अभिप्राय है अल्पसंख्यकों की रक्षा। सभ्यता का आकलन केवल इस बात से किया जा सकता है कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है और हरिद्वार जैसी पाबंदी से सवाल उठता है कि राज्य किस हद तक नागरिकों के विकल्पों को तय कर सकता है।’’

याचिका में कहा गया है कि पांबदी निजता के अधिकार, जीवन के अधिकार, स्वतंत्रता से अपने धार्मिक रीति रिवाजों का अनुपालन करने के अधिकार का उल्लंघन करता है। यह हरिद्वार में मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है जहां पर मंगलौर जैसे कस्बे में बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है।

याचिका में कहा गया, ‘‘ हरिद्वार में धर्म और जाति की सीमाओं से परे साफ और ताजा मांसाहार से मनाही भेदभाव जैसा है।’’

गौरतलब है कि इस साल मार्च में राज्य सरकार ने हरिद्वार को ‘‘ बूचड़खानों से मुक्त क्षेत्र’’ घोषित कर दिया था और बूचड़खानों के लिए जारी अनापत्तिपत्रों को भी रद्द कर दिया था।

याचिका में दावा किया गया कि पाबंदी ‘मनमाना और असंवैधानिक है।’ याचिका में इस फैसले को दो कारणों से चुनौती दी गई है। इसमें कहा गया कि मांस पर किसी तरह की पूर्ण पांबदी अंसवैधानिक है, जबकि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम में उत्तराखंड सरकार द्वारा जोड़ी गई धारा-237ए, उसे नगर निगम, परिषद या नगर पंचायत को ‘‘बूचड़खाना मुक्त’’घोषित करने का अधिकार प्रदान करती है।

अदालत ने कहा कि याचिका में ‘‘ गंभीर मौलिक सवाल’’ उठाए गए हैं और इसमें संवैधानिक व्याख्या शामिल है।

अदालत ने कहा कि इसी तरह के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि ‘‘ मांस पर प्रतिबंध किसी पर भी थोपा नहीं जाना चाहिए। कल आप कह सकते हैं कि कोई मांस का सेवन नहीं करे।’’

इसको ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि ‘‘सवाल यह है कि क्या नागरिकों को अपना भोजन चुनने का अधिकार है या राज्य इसका फैसला करेगा।’’

अदालत ने हालांकि कहा कि यह संवैधानिक मामला और त्योहार को देखते हुए सुनवाई में जल्दबाजी नहीं की जा सकती है। इसने कहा कि इस मामले में उचित सुनवाई और विमर्श की जरूरत है। इसलिए, इस मामले पर फैसला बकरीद तक करना संभव नहीं है जो 21 जुलाई को पड़ रहा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है।

UTTARAKHAND
Uttarakhand high court

Related Stories

उत्तराखंड के ग्राम विकास पर भ्रष्टाचार, सरकारी उदासीनता के बादल

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

रुड़की : डाडा जलालपुर गाँव में धर्म संसद से पहले महंत दिनेशानंद गिरफ़्तार, धारा 144 लागू

कहिए कि ‘धर्म संसद’ में कोई अप्रिय बयान नहीं दिया जाएगा : न्यायालय ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव से कहा

इको-एन्ज़ाइटी: व्यासी बांध की झील में डूबे लोहारी गांव के लोगों की निराशा और तनाव कौन दूर करेगा

उत्तराखंड : चार धाम में रह रहे 'बाहरी' लोगों का होगा ‘वेरीफिकेशन’

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

रुड़की : हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा, पुलिस ने मुस्लिम बहुल गांव में खड़े किए बुलडोज़र

व्यासी परियोजना की झील में डूबा जनजातीय गांव लोहारी, रिफ्यूज़ी बन गए सैकड़ों लोग

उत्तराखंड: तेल की बढ़ती कीमतों से बढ़े किराये के कारण छात्र कॉलेज छोड़ने को मजबूर


बाकी खबरें

  • ईकेवाईसी सत्यापन के ज़रिये यूआईडीएआई ने 21 महीनों में कमाये 240 करोड़ रुपये: आरटीआई
    शाश्वत साहा
    ईकेवाईसी सत्यापन के ज़रिये यूआईडीएआई ने 21 महीनों में कमाये 240 करोड़ रुपये: आरटीआई
    26 Jun 2021
    इन रक़मों को आम तौर पर ग्राहक शुल्क के तहत रखा जाता है और यह इतनी छोटी रक़म होती है कि ज़्यादतर समय तो ये रक़म भुगतान करने वालों के ध्यान में भी नहीं आते। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि क्या आम लोगों…
  • मौजूदा अघोषित आपातकाल का अंत किसान करेंगे
    लाल बहादुर सिंह
    मौजूदा अघोषित आपातकाल का अंत किसान करेंगे
    26 Jun 2021
    Emergency Day पर "खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ" हुंकार के साथ किसान-आंदोलन अधिनायकवादी शासन से देश को निजात दिलाने की लड़ाई में अपनी ऐतिहासिक भूमिका में डट कर खड़ा है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 48,698 नए मामले, 1,183 मरीज़ों की मौत
    26 Jun 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 48,698 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.97 फ़ीसदी यानी 5 लाख 95 हज़ार 565 हो गयी है।
  • अमानतुल्लाह खान ने एक्सीडेंट के बाद वैन चालक की पिटाई का वीडियो सांप्रदायिक ऐंगल से शेयर किया
    किंजल
    अमानतुल्लाह खान ने एक्सीडेंट के बाद वैन चालक की पिटाई का वीडियो सांप्रदायिक ऐंगल से शेयर किया
    26 Jun 2021
    भीड़ द्वारा गुलाबी रंग का कुर्ता पहने एक व्यक्ति की पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “नए भारत में नए कीर्तिमान अब कुछ इस तरह…
  • दूरदर्शन
    श्रुति एमडी
    दूरदर्शन चेन्नई के कर्मचारियों का आरोप : '30 दिन काम करने के बाद सिर्फ़ 7 दिन का हुआ भुगतान'
    26 Jun 2021
    दूरदर्शन में लंबे समय के लिए अस्थायी कर्मचारी रखने का सिलसिला काफ़ी वक़्त से चला आ रहा है और यह कथित तौर पर उच्च अधिकारियों की जानकारी के साथ होता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License