NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िनलैंड के कम्युनिस्ट युवाओं ने 'मैत्री स्मारकों' को हटाने के प्रस्ताव की आलोचना की
फ़िनलैंड में एक कंज़र्वेटिव सांसद ने हेलसिंकी में हकानीमी वर्ल्ड पीस स्टैच्यू और इटाकेस्कस में फ्रेंडशिप ऑफ पीपल्स मॉन्यूमेंट को हटाने का प्रस्ताव पेश किया है। ये दोनों स्मारक रूस के लोगों के साथ दोस्ती का प्रतीक है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Jun 2020
 Finnish Youth

बुधवार 10 जून को फिनलैंड में कम्युनिस्ट युवा समूह कोमुनिस्टिन्यूरेट ने एक बयान जारी किया जिसमें दो सोवियत-फिनलैंड फ्रेंडशिप स्मारकों को हटाने के प्रस्ताव की निंदा की गई। 9 जून को सेंटर पार्टी के सांसद मिको कर्ना ने हेलसिंकी में हकानीमी वर्ल्ड पीस स्टैच्यू और इटाकेस्कस में फ्रेंडशिप ऑफ पीपल्स मोन्यूमेंट को हटाने का पेश किया है। कोमुनिस्टिन्यूरेट ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है और इन स्मारकों की सुरक्षा के लिए देश में प्रगतिशील वर्गों से आह्वान किया है।

वर्ल्ड पीस स्टैच्यू ओलेग किरजूहिन द्वारा बनाई गई जिसका अनावरण 14 जनवरी 1990 को हेलसिंकी के हकानीमी में किया गया था और मित्रता एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत मास्को शहर से हेलसिंकी को एक उपहार के रुप में दिया गया था। इटाकेस्कस में लोगों की मित्रता का ये स्मारक एंट्टी नेउवोनेन द्वारा 1983 में मित्रता, सहयोग और पारस्परिक सहायता की फिनो-सोवियत संधि (1948) की 35 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए निर्माण किया था।

कोमुनिस्टिन्यूरेट ने अपने बयान में कहा कि "प्रस्तावित स्मारक न केवल शहर के ऐतिहासिक चरणों और विदेशों में संबंधों को दर्शाते हैं बल्कि इसके नाम का भी अर्थ शांति और मित्रता ही है। लोगों की मित्रता और विश्व शांति। लड़ाकू सेनापतियों और राष्ट्रीय रक्षा अधिकारों के ख़िलाफ़ हमारी आधुनिक दुनिया में इन विचारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। कर्ना का ये प्रस्ताव शांति और एकजुटता पर एक प्रतीकात्मक हमला है। हम उनकी नीति को व्यावहारिक या प्रतीकात्मक स्तर पर स्वीकार नहीं करते हैं!”

बयान में कहा गया है कि “इन स्मारकों के हमले को हर संभव तरीक़े से रोका जाना चाहिए। हेलसिंकी के शहरी क्षेत्र में पूंजीपति वर्ग और महान पुरुष योद्धाओं के अलावा अन्य चित्र भी शामिल होने चाहिए। हालांकि, असहमतिपूर्ण राय और विचार अपमानित करते हैं और बुर्जुआ– कर्ना और उनके मित्रों की आंखों में आंसू लाते हैं, हम अपने विचारों की छवियों को छोड़ने से इनकार करते हैं। जबकि लोगों की मित्रता बड़े व्यवसाय के सांसदों को बहुत परेशान करती है, हम इसे स्मारकों को हटाने के लिए एक वैध कारण के रूप में नहीं देखते हैं।“

कर्ना के प्रस्ताव को यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा समर्थित यूरोप में दक्षिणपंथी ताक़तों द्वारा चलाए जा रहे कम्युनिस्ट-विरोधी अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। अपने प्रस्ताव में कर्ना ने कम्युनिज़्म को नाजीवाद से बराबरी करने की कोशिश की और हेलसिंकी के मेयर और नगर परिषद से कहा कि वे इन दो स्मारकों को निजी संग्राहकों को बेच दें या उन्हें धातु में पिघला दें और अतिवाद के ख़िलाफ़ कलाकृतियों के लिए दान करें। कर्ना के प्रस्ताव के जवाब में कोमुनिस्टिन्यूरेट ने सुझाव दिया कि यदि हेलसिंकी के ख़जाने को बढ़ाने के लिए स्क्रैप धातु की बिक्री के माध्यम से धन की आवश्यकता होती है तो इसके बजाय शहर में गोरे सिपाहसालारों की मूर्तियों को पिघलाना बेहतर होगा।

Finland
communist
Finno-Soviet Treaty
EU
Communisturate
Finnish Youth

Related Stories

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी

बुका हमले के बावजूद रशिया-यूक्रेन के बीच समझौते जारी

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

यूक्रेन में विपक्षी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध और 'एकीकृत सूचना नीति' लागू की गई

यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन युद्ध ने यूरोपियन यूनियन और अमेरिका को ईरान सौदे पर सोचने को मजबूर किया


बाकी खबरें

  • HATHRAS
    सरोजिनी बिष्ट
    हाथरस कांड का एक साल: बेटी की अस्थियां लिए अब भी न्याय के इंतज़ार में है दलित परिवार
    28 Sep 2021
    मुख्यमंत्री योगी ने पीड़िता के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया था, इसी के साथ कनिष्ठ सहायक पद पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी और हाथरस शहर में ही एक घर के आवंटन की घोषणा भी की गई।…
  • Akhlaq
    मुकुल सरल
    दादरी लिंचिंग के 6 बरस: तुम भी कभी मिले हो? मिलना कभी ज़रूर/ कैसे है जुड़ता-टूटता अख़लाक़ का बेटा
    28 Sep 2021
    उत्तर प्रदेश में दादरी के बिसाहड़ा गांव के अख़लाक़ हत्याकांड को आज पूरे 6 बरस हो गए हैं। 28 सितंबर, 2015 को गोमांस की अफ़वाह फैलाकर जुटाई गई एक उग्र भीड़ ने उन्हें घर में घुसकर पीट-पीटकर मार डाला था…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 6 महीने बाद कोरोना से रोज़ाना हो रही मौत का आंकड़ा 200 से नीचे आया
    28 Sep 2021
    देश में 24 घंटो में कोरोना के 18,795 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 36 लाख 97 हज़ार 581 हो गयी है।
  • US
    शिव इंदर सिंह
    अमेरिका में मोदी का क्यों हुआ विरोध?
    28 Sep 2021
    अमेरिका व अन्य देशों में किसान आंदोलन के हक में तथा मोदी सरकार की नीतियों को लेकर पहले भी प्रदर्शन होते रहे हैं। इसी कारण से भारतीय मूल के कई अमेरिकी नेताओं ने भी समय-समय पर मोदी सरकार के कामों और…
  • Photo Essay: Kashmir’s Walnut Industry is on the Decline
    कामरान यूसुफ़
    फ़ोटो आलेख: ढलान की ओर कश्मीर का अखरोट उद्योग
    28 Sep 2021
    कश्मीर में अखरोट उगाने की प्रक्रिया में मशीनीकरण की कमी है, इससे पैदावार कम होता है और फ़सल की गुणवत्ता भी ख़राब हुई है, लिहाज़ा कश्मीर के अखरोट उत्पादकों को इस समय निर्यात में गिरावट का सामना करना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License