NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
किसान-योद्धा ग़ुलाम मोहम्मद जौला के निधन पर शोक
गुलाम मोहम्मद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ भारतीय किसान यूनियन की बुनियाद डालने वाले जुझारू किसान नेता थे। अपने जीवन के अंतिम दिनों तक वे किसान आंदोलन में सक्रिय रहे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 May 2022
Ghulam Mohammad Joula

किसान नेता गुलाम मुहम्मद जौला का आज सोमवार सुबह निधन हो गया। वे मुज़फ़्फ़रनगर में बुढ़ाना क्षेत्र के जौला गांव निवासी थे।

गुलाम मोहम्मद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ भारतीय किसान यूनियन की बुनियाद डालने वाले जुझारू किसान नेता थे। अपने जीवन के अंतिम दिनों तक वे किसान आंदोलन में सक्रिय रहे।

अखिल भारतीय किसान महासभा ने उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि गुलाम मोहम्मद पिछले एक दशक से आरएसएस के साम्प्रदायिक एजेंडे की प्रयोग स्थली बने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वे धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की प्रतिमूर्ति थे।

किसान महासभा ने अपने बयान में कहा कि 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों से पीड़ित परिवारों को राहत और शरण देने, उनका पुनर्वास कराने में गुलाम मुहम्मद जौला ने बड़ी साहसिक भूमिका निभाई थी। भाकपा माले ने भी इन दंगा पीड़ितों के लिए जुटाई गई राहत सामग्री को गुलाम मोहम्मद जौला के माध्यम से ही पीड़ितों तक पहुंचाया था। बाद में भी अखिल भारतीय किसान महासभा के साथ उनके संगठन भारतीय मजदूर किसान यूनियन का आंदोलनात्मक एकता का रिश्ता बना रहा।

किसान आंदोलन में गुलाम मोहम्मद जौला द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से उन्हें श्रद्धाजंलि!

गुलाम मोहम्मद जौला के निधन पर अन्य लोगों ने भी बेहद दुख व्यक्त किया है।  

पहले चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ और फिर एक बेहद नाज़ुक घड़ी में राकेश टिकैत के साथ मिलकर किसान आंदोलन की रक्षा और साम्प्रदायिक सौहार्द मजबूत करने में उन्होंने महती भूमिका निभाई।

Ghulam Mohammad Joula

Related Stories


बाकी खबरें

  • Protest
    मुकुंद झा
    लखीमपुर नरसंहार : कई राज्यों में विरोध के बाद झुकी सरकार, मुआवज़े का दिया आश्वासन
    04 Oct 2021
    दिनभर के विरोध प्रदर्शनों के बाद आख़िरकार किसानों की मांग के आगे सरकार झुकी और दोनों पक्षों में समझौता हुआ, जिसमें धारा 302 और 120B के तहत मंत्री के लड़के के ऊपर एफ़आईआर दर्ज की गई है। मृत किसानों को…
  • bhasha
    भाषा सिंह
    लखीमपुरः योगी राज के लिए दावानल बन सकती है किसानों की मौत
    04 Oct 2021
    बात बोलेगी: हिंसा और प्रतिशोध और वह भी अपने ही देश के नागरिकों के प्रति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित नये भारत का नया नार्मल होता जा रहा है। ऐसा लगता है सरकारों ने अपने लोगों-नागरिकों…
  • agriculture
    रूबी सरकार
    खेती- किसानी में व्यापारियों के पक्ष में लिए जा रहे निर्णय 
    04 Oct 2021
    खाद की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। सरकार ने गेहूं ख़रीद पर 40 रुपए समर्थन मूल्य बढ़ाकर खाद की क़ीमत क़रीब दोगुनी कर दी है।
  • Taxes
    न्यूज़क्लिक टीम
    पैंडोरा पेपर्स लीक: कैसे अमीर और ताकतवर टैक्स से बचते हैं
    04 Oct 2021
    सचिन तेंदुलकर, अनिल अम्बानी , किरण मजूमदार , इक़बाल मिर्ची , इमरान खान, टोनी ब्लेयर- इन सबसे में क्या समानता है ? इन सभी का नाम हाल ही में हुए पैंडोरा पेपर्स लीक में आया है। ऑनिंद्यो चक्रवर्ती और…
  • Farmers
    भारत डोगरा
    किसानों की मांगें सही हैं: खाद्य क्षेत्र पर कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ता जा रहा है
    04 Oct 2021
    पोषक तत्वों का संचार करना कृषि और खाद्य क्षेत्र पर कंपनियों के बढ़ते प्रभाव का एक और संकेत है। इससे उपभोक्ताओं और कृषकों को नुकसान पहुंचेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License