NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में सामाजिक कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्या
30 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच बारह सामाजिक कार्यकर्ताओं और एफएआरसी के एक पूर्व लड़ाकों की अवैध हथियारबंद समूहों द्वारा हत्या कर दी गई है
पीपल्स डिस्पैच
08 Dec 2020
कोलंबिया

कोलंबिया में सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्या तेज़ी से हो रही है। क़रीब हर दिन कम से कम एक कम्यूनिटी लीडर, पर्यावरणविद्, भूमि रक्षक, मानवाधिकार कार्यकर्ता या रिवॉल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलम्बिया (एफएआरसी) के पूर्व लड़ाके को देश में सक्रिय कुछ अवैध सशस्त्र समूहों के सदस्यों द्वारा मार दिया जाता है।

पिछले सप्ताह 30 नवंबर और 7 दिसंबर के बीच 6 स्थानीय नेताओं, 2 एफ्रो-मूल के नेताओं, 2 पर्यावरणविदों और एक सामाजिक नेता की हत्या कर दी गई। इसके अलावा 5 दिसंबर को सेंटेंडर डे क्विलिचाओ में एक अन्य नरसंहार में एक अन्य स्थानीय नेता और एफएआरसी के एक पूर्व-लड़ाके मारे गए।

कोलंबिया में यूएन वेरिफिकेशन मिशन के प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि कार्लोस रूइज़ मास्सियू ने 7 दिसंबर को आयोजित "इंप्रूविंग द डेलिवरी ऑफ पीस ऑपरेशन" पर एक फॉरम में जोर देकर कहा कि ये हत्याएं कोलंबिया में शांति के कार्यान्वयन के लिए मुख्य बाधाओं में से एक हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार साल 2016 में क्यूबा के हवाना में पूर्व सरकार और एफएआरसी के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 13,000 से अधिक पूर्व-गुरिल्लाओं को तितर बितर कर दिया। शांति समझौते के एक हिस्से के रूप में गुरिल्ला समूह के निरस्त्रीकरण के बाद उभरे राजनीतिक दल कॉमन अल्टरनेटिव रिवोल्यूशनरी फोर्सेस (एफएआरसी) का अनुमान है कि तब से देश के विभिन्न हिस्सों में 245 शांति हस्ताक्षरकर्ताओं की हत्या कर दी गई है।

इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (आईएनडीईपीएजेड) के अनुसार 1 जनवरी से 7 दिसंबर 2020 के बीच 287 पर्यावरणविदों, मानवाधिकार रक्षकों, स्थानीय नेताओं, किसान और सामाजिक नेताओं और एफएआरसी के 60 पूर्व लड़ाके जो पुनः संयोजन प्रक्रिया में हैं वे मारे गए हैं। इस संगठन ने यह भी बताया कि इस साल अब तक देश में पंजीकृत 79 नरसंहारों में 340 लोग मारे गए।

इस संस्थान ने आगे बताया कि 7 अगस्त 2018 को दक्षिणपंथी राष्ट्रपति इवान डुके द्वारा पदभार करने के बाद से 680 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं और 150 से अधिक पूर्व एफएआरसी लड़ाकों की हत्या कर दी गई।

colombia
social workers
FARC
INDEPAZ

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

कोलंबिया में चुनाव : बदलाव की संभावना और चुनावी गारंटी की कमी

कोलंबिया में साल 2021 का 91वां नरसंहार दर्ज

प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीन तलाक़ क़ानून को बताया अल्पसंख्यक, महिला व संविधान विरोधी

कोलंबिया की नेशनल स्ट्राइक कमेटी ने प्रदर्शन का आह्वान किया

यदि मैं संघर्ष करते हुए गिर जाऊँ, तो मेरी जगह ले लेना

कोलंबियाई नेता अपने हाथ देश के श्रमिक वर्ग के खून से रंगना चाहते हैं

शांति समझौते के वर्षों बाद कोलंबिया में हिंसा और मानवीय संकट गहराया

यूके सरकार के कमीशन द्वारा देश में प्रणालीगत नस्लवाद को नकारने की सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निंदा की


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    डोनबास में हार के बाद अमेरिकी कहानी ज़िंदा नहीं रहेगी 
    26 Apr 2022
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस को बेहद अहम बताया है।
  • दमयन्ती धर
    गुजरात : विधायक जिग्नेश मेवानी की गिरफ़्तारी का पूरे राज्य में विरोध
    26 Apr 2022
    2016 में ऊना की घटना का विरोध करने के लिए गुजरात के दलित सड़क पर आ गए थे। ऐसा ही कुछ इस बार हो सकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पिछले 5 साल में भारत में 2 करोड़ महिलाएं नौकरियों से हुईं अलग- रिपोर्ट
    26 Apr 2022
    क़ानूनी कामकाजी उम्र के 50% से भी अधिक भारतवासी मनमाफिक रोजगार के अभाव के चलते नौकरी नहीं करना चाहते हैं: सीएमआईई 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारें अलर्ट 
    26 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,483 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 30 लाख 62 हज़ार 569 हो गयी है।
  • श्रिया सिंह
    कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है
    26 Apr 2022
    सैनिक से नेता बने गोटाबाया राजपक्षे की मौजूदा सरकार इसलिए ज़बरदस्त आलोचना की ज़द में है, क्योंकि देश का आर्थिक संकट अब मानवीय संकट का रूप लेने लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License