NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अश्वेत व्यक्ति की पुलिस द्वारा हत्या को लेकर फैली अशांति के बाद फ़िलाडेल्फ़िया में कर्फ़्यू
सोमवार को मानसिक रूप से पीड़ित एक अश्वेत व्यक्ति की हत्या के बाद फ़िलाडेल्फ़िया शहर में व्यापक विरोध और प्रदर्शन हुए जिससे ठहराव की स्थिति पैदा हो गई।
पीपल्स डिस्पैच
29 Oct 2020
Philadelphia

एक तरफ जहां वाल्टर वालेस जूनियर की जानलेवा पुलिस गोलीबारी को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है वहीं दूसरी ओर शहर के अधिकारियों ने कर्फ्यू लगा दिया और अशांति को रोकने के लिए संघीय सैनिकों को बुलाया है। मेयर जिम केनी द्वारा पारित रात भर का कर्फ्यू आदेश बुधवार 28अक्टूबर को रात 9 बजे से प्रभावी था और गुरुवार सुबह तक जारी रहा। शहर में नेशनल गार्ड को तैनात करने के अनुरोध के साथ कर्फ्यू लगाना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के संघीय सैनिकों को भेजने की पेशकश के कुछ घंटों के भीतर हुआ।

सोमवार 26 अक्टूबर को वालेस की मौत के बाद शहर में फैली अशांति के दो दिन बाद यह आदेश आया है। फिलाडेल्फिया में पहले से ही मई महीने में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के कारण पुलिस हिंसा के ख़िलाफ़ राष्ट्रव्यापी आंदोलन के हिस्से के रूप में विरोध और प्रदर्शन हो रहा था।

हाल ही में हुई गोलीबारी ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों को प्रेरित किया है। इन प्रदर्शनों ने सोमवार से शहर में ठहराव पैदा कर दिया है। शहर में संघीय सैनिकों को बुलाने के महापौर केनी के निर्णय को शहर में लूटपाट और आगजनी के मामले की रिपोर्ट को माना गया।

27 वर्षीय वालेस को कथित तौर पर चाकू को लेकर पुलिस ने गोली मार दी थी, जबकि उसके परिवार के सदस्यों ने उसे मानसिक पीड़ित बताया था। परिवार के सदस्यों ने कहा है कि वाल्टर मानसिक रुप से पीड़ित था और इसको लेकर पहले से ही एक एम्बुलेंस को बुलाया गया था।

वालेस के परिवार ने यह भी कहा कि पुलिस को उसकी परेशानी का अच्छी तरह से पता था क्योंकि वे घटना से पहले तीन बार उनसे मिल चुके हैं। गोली मारने के दिन भी पहले उससे मिले थे। परिवार के वकील शाका जॉनसॉन ने कहा, “वह व्यक्ति पीड़ित था। वह डॉक्टर की देखरेख में था। वह लिथियम आदि पर था और पुलिस उस दिन पहले यहां थी।"

इस बीच, पुलिस की शक्तियों को खास तरीके से सीमित करने के लिए मांग की गई है। ट्रैफ़िक उल्लंघन में पुलिस के आदेश को सीमित करने का एक हालिया प्रस्ताव सिटी काउंसिल में तैयार हो रहा है। ड्राइविंग इक्विटी बिल काउंसिल के सदस्य इशयाह थॉमस द्वारा अगले सप्ताह तक पेश किए जाने की योजना है। ये बिल यातायात उल्लंघन में पुलिस की भूमिका को काफी कम करने की कोशिश करेगा। मामूली उल्लंघन के मामलों में कारों को रोकने और तलाशी लेने से रोकेगा।

चीफ पब्लिक डिफेंडर किर ब्रैडफोर्ड-ग्रे ने इस बिल के समर्थन में बोलते हुए कहा कि इस गोलीबारी ने "अश्वेत समुदाय को उस बिंदु पर ले जाने की कोशिश की है जहां वे पुलिस अधिकारियों के साथ अपने पड़ोस में अपराध को हल करने के लिए काम नहीं करना चाहते हैं क्योंकि वे अपने जीवन में पुलिस की दखल का टार्गेट थे।”

Philadelphia
Black Lives Matter
Racism
racism in

Related Stories

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

प्रधानमंत्री ने गलत समझा : गांधी पर बनी किसी बायोपिक से ज़्यादा शानदार है उनका जीवन 

सरकारों द्वारा होने वाली आर्थिक हिंसा की तरह है बढ़ती असमानता- ऑक्सफ़ैम रिपोर्ट

नस्लवाद के आरोपों के बाद वॉन बीबीसी के शो से बाहर

दुनिया में अंतर्निहित नस्लवाद और असहिष्णुता के मूल कारणों की पड़ताल

ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन की एक नेता ने कैसे बच्चों के लिए ‘फ्रीडम स्कूल’ समर कार्यक्रम की शुरुआत की  

संसद में नस्लवादी फ़िलिस्तीन-विरोधी इज़रायली क़ानून बहुमत हासिल करने में विफल

रिपब्लिकन ने अमेरिकी सीनेट में मतदान के अधिकारों की रक्षा करने वाले बिल को रोका

जॉर्ज फ़्लॉइड की पुण्यतिथि से पहले पूरे अमेरिका में सतर्कता बढ़ी


बाकी खबरें

  • water pump
    शिवम चतुर्वेदी
    हरियाणा: आज़ादी के 75 साल बाद भी दलितों को नलों से पानी भरने की अनुमति नहीं
    22 Nov 2021
    रोहतक के ककराणा गांव के दलित वर्ग के लोगों का कहना है कि ब्राह्मण समाज के खेतों एवं अन्य जगह पर लगे नल से दलित वर्ग के लोगों को पानी भरने की अनुमति नहीं है।
  • ATEWA
    सरोजिनी बिष्ट
    पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा का लखनऊ में प्रदर्शन, निजीकरण का भी विरोध 
    22 Nov 2021
    21 नवंबर को लखनऊ के इको गार्डेन में नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को रद्द करने, पुरानी पेंशन सिस्टम यानी ओपीएस को पुनः बहाल करने और रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने की मांगों के साथऑल इंडिया टीचर्स एंड…
  • COP26
    डी रघुनंदन
    कोप-26: मामूली हासिल व भारत का विफल प्रयास
    22 Nov 2021
    इस शिखर सम्मेलन में एक ओर प्रधानमंत्री के और दूसरी ओर उनकी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तथा आला अफसरों के अलग-अलग रुख अपनाने से ऐसी छवि बनी लगती है कि या तो इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत ने ठीक से तैयारी…
  • birsa
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘जनजातीय गौरव दिवस’ से सहमत नहीं हुआ आदिवासी समुदाय, संवैधानिक अधिकारों के लिए उठाई आवाज़! 
    22 Nov 2021
    बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के मंचों से अधिकतर लोगों ने यही सवाल उठाया कि यदि बिरसा मुंडा और आदिवासियों की इतनी ही चिंता है तो आदिवासियों के प्रति अपने नकारात्मक नज़रिए और आचरण में…
  • kisan mahapanchayat
    लाल बहादुर सिंह
    मोदी को ‘माया मिली न राम’ : किसानों को भरोसा नहीं, कॉरपोरेट लॉबी में साख संकट में
    22 Nov 2021
    आज एक बार फिर कॉरपोरेट-राज के ख़िलाफ़ किसानों की लड़ाई लखनऊ होते हुए देश और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई और नीतिगत ढांचे में बदलाव की राजनीति का वाहक  बनने की ओर अग्रसर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License