NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
शिक्षा
भारत
राजनीति
दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 May 2022
case

दलित असिस्टेंट प्रोफेसर से कथित भेदभाव संबंधित मामले में नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इस मामले को लेकर न्यूजक्लिक ने मिरांडा हाउस की भौतिकी विभाग की प्रोफेसर आभा देव हबीब से बात की जिसमें उन्होंने कहा कि, "उन्हें महामारी के दौरान अगस्त 2020 में निकाल दिया गया था जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले को लेकर हमलोग कोर्ट में बार-बार जा कर हारे भी हैं। डूटा ने उनका सपोर्ट किया है। संगठन ने इस मामले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन किया है। डूटा के अधिकारियों पर कई केस चल रहे हैं। हमें कोर्ट से न्याय का इंतजार है।"

उधर पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश पर अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 

पुलिस ने कहा कि, एडहोक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर को अगस्त 2020 में नौकरी से हटा दिया गया था जिसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत की थी और अदालत का दरवाजा खटखटाया था। डीसीपी कलसी ने कहा, “मौरिस नगर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई थी जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस के अनुसार, उनकी शिकायत में किसी अपराध का जिक्र नहीं किया गया था। उन्होंने एससी आयोग से संपर्क किया और आयोग के आदेश पर 23 मई को एक मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच अभी जारी है।"

ज्ञात हो कि दलित प्रोफेसर ने पहले आरोप लगाया था कि कॉलेज ने उनकी सामाजिक सक्रियता और विरोध प्रदर्शन करने को लेकर जिन मुद्दों का उन्होंने चयन किया था उसके चलते उनको नौकरी से हटा दिया था। 

इस बीच, दौलत राम कॉलेज ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि प्रोफेसर के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया गया क्योंकि कई छात्रों ने उनके खिलाफ शिकायत की थी।

लेकिन इस आरोप का पूर्व प्रोफेसर ने वर्ष 2020 और 2021 में अपने प्रेस बयानों में खंडन किया था। उन्होंने कहा है कि कॉलेज के अधिकारियों को उनके सोशल मीडिया पोस्ट, उनकी राय और कुछ मुद्दों पर, विशेष रूप से सरकार के खिलाफ टिप्पणी होने के मामले को लेकर समस्याएं थी।

पूर्व प्रोफेसर ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, 'उन्होंने (विश्वविद्यालय ने) जाली दस्तावेज भी आयोग को सौंपे हैं। यह भी फर्जीवाड़ा का मामला है। उन्होंने मेरे छात्रों से संबंधित रिकॉर्ड में हेरफेर किया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि मैं उनके साथ काम करूं। यहां तक कि उन्होंने कॉलेज के एक समारोह के दौरान मुझ पर जातिसूचक टिप्पणियां भी कीं। मुझे आयोग से संपर्क करना पड़ा क्योंकि विश्वविद्यालय ने कार्रवाई नहीं की।” 

ज्ञात हो कि सितंबर 2020 में एक शिक्षक संगठन द्वारा कथित जाति सूचक अपमान को लेकर शिकायत दर्ज करने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने विश्वविद्यालय को एक नोटिस जारी किया था।

वहीं प्रोफेसर की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने कहा, 'मुझे अभी इस मामले में किसी भी तरह की प्रगति के बारे में सूचित नहीं किया गया है।

रॉय ने पहले अखबार से कहा था कि उक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को अगस्त 2019 में एडहॉक आधार पर नौकरी पर रखा गया था लेकिन कुछ महीनों के बाद कई छात्रों ने उनके बारे में शिकायत की। रॉय ने कहा कि महामारी के दौरान छात्रों ने उनकी ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होना बंद कर दिया था, जिसके कारण कॉलेज प्रशासन ने उन्हें कॉलेज में आगे सेवा नहीं लेने का फैसला किया।

डीयू के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने कहा कि उन्हें उनके खिलाफ इस तरह की किसी भी एफआईआर की जानकारी नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज किए जाने के समय वह रजिस्ट्रार नहीं थे। गुप्ता ने कहा, "मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमें केवल 30 मई को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष कुछ सुनवाई के बारे में सूचित किया गया है। जब यह मुद्दा पहली बार उठाया गया था तब मैं प्रभार में नहीं था; मैंने अक्टूबर 2020 में ज्वाइन किया है।” 

ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी पर फेसबुक पर टिप्पणी के मामले में डीयू के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत मिली

Dalit Assistant Professor
Dalit Professor Case
Delhi University
Daulat Ram College

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार


बाकी खबरें

  • तमिलनाडु बजट: कुछ चुनावी वादे ज़रूर किए पूरे, मगर राजस्व शून्य
    नीलाबंरन ए, श्रुति एमडी
    तमिलनाडु बजट: कुछ चुनावी वादे ज़रूर किए पूरे, मगर राजस्व शून्य
    14 Aug 2021
    डीएमके सरकार ने पेट्रोल पर राज्य उत्पाद शुल्क में 3 रुपये की कमी करके अपने चुनावी वादों को पूरा कर दिया है।
  • दलित पूंजीवाद मुक्ति का मार्ग क्यों नहीं है?
    कुशाल चौधरी
    दलित पूंजीवाद मुक्ति का मार्ग क्यों नहीं है?
    14 Aug 2021
    दलितों की मुक्ति जाति को मिटाने की सामूहिक कार्रवाई में निहित है, इसलिए व्यक्तिगत सफलताओं और लाभ की कहानी, मुक्ति की कहानी नहीं बन सकती है।
  • नागा शांति प्रक्रिया में देरी नुक़सानदेह साबित हो सकती है
    अमिताभ रॉय चौधरी
    नागा शांति प्रक्रिया में देरी नुक़सानदेह साबित हो सकती है
    14 Aug 2021
    एनएससीएन (IM) 1997 से ही एक अलग झंडे और संविधान की अपनी मांग पर ज़ोर देता रहा है और उस किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार करता रहा है, जो इन दोनों की गारंटी नहीं देता हो।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 38,667 नए मामले, 478 मरीज़ों की मौत
    14 Aug 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 38,667 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.21 फ़ीसदी यानी 3 लाख 87 हज़ार 673 हो गयी है।
  • मुजफ्फरनगर दंगा: मंत्री सुरेश राणा, संगीत सोम, साध्वी प्राची पर फिर से चलेगा दंगा भड़काने का मुकदमा
    सबरंग इंडिया
    मुजफ्फरनगर दंगा: मंत्री सुरेश राणा, संगीत सोम, साध्वी प्राची पर फिर से चलेगा दंगा भड़काने का मुकदमा
    14 Aug 2021
    योगी सरकार ने मार्च 2021 में सुरेश राणा, संगीत सोम आदि के मुकदमे, राजनीति से प्रेरित बताते हुए वापस ले लिए थे। इसी से मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े इन मुकदमों के दोबारा खुलने को योगी सरकार के लिए एक बड़ा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License