NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग
किसान संगठनों ने 9 मई को प्रदेशभर में सिवनी हत्याकांड और इसके साथ ही एमएसपी को लेकर अभियान शुरू करने का आह्वान किया।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 May 2022
farmers

संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति मध्यप्रदेश की बैठक ने सिवनी में दो आदिवासियों की हत्या पर तीखे गुस्से का इजहार किया है। हत्या के बाद मध्यप्रदेश के गृहमंत्री द्वारा दिए गए बयान को किसान संघठनों ने अत्यंत निराशाजनक बताया है।  

किसान संगठनों की राय में गृहमंत्री के बयान ने इन बर्बर हत्याओं को न सिर्फ जायज करार देने की कोशिश की है, बल्कि विवेचना और न्याय प्रणाली में लगे कर्मचारियों, अधिकारियों को भी एक तरह से संकेत दिया है। 

आपको बता दें कि बीते मंगलवार को मध्य प्रदेश के सिवनी में गौमांस की तस्करी के शक में तीन आदिवासियों की कुछ लोगों ने लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को हिरासत में लिया है।

किसान संगठनों की आज हुई  बैठक ने प्रदेशभर में इस तरह की हिंसक और असामाजिक कार्रवाइयों में लिप्त बजरंग दल तथा राम सेना पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।  इससे जुड़ी उनकी अन्य चार मांगें हैं;  

  • इस हत्याकांड में लिप्त सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर विशेष न्यायालय गठित कर उसमें अनवरत सुनवाई करके उन्हें अधिकतम संभव दंड दिया जाये। 
  • इस तरह का उन्मादी वातावरण बनाने के जिम्मेदार सभी तत्वों, संगठनों की शिनाख्त कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।  
  • दोनों मृतक के परिवारों  को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।  
  • दोनों मृतक के परिवार के एक एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।  
  • गुंडों के हमले तथा बीच बचाव में  घायल हुए घटना के मुख्य गवाह ब्रजेश और मृतक के परिजनों की सुरक्षा मुहैया कराई जाये

इन सभी मांगों को लेकर 9 मई को प्रदेशभर में किसान संघठन सड़क पर उतरेंगे।    

संयुक्त किसान मोर्चे और एआईएकेएससी की इस बैठक में उपज  के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के सही तरीके से निर्धारण तथा उसी पर खरीदी का बाध्यकारी क़ानून बनाने तथा लखीमपुर खीरी हत्याकांड के अभियुक्त गृह राज्य मंत्री टेनी मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी को लेकर अभियान छेड़ने का भी निर्णय किया गया है।  

इसके लिए संभागीय किसान पंचायतों से शुरुआत की जाएगी। बैठक ने गेंहू के कम उत्पादन से परेशान किसानों की दशा तथा नीमच मंदसौर में लहसुन की खरीदी 3 और 4 रूपये में किये जाने की स्थिति को किसानों के लिए विनाशकारी बताया और गेंहू उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 1000 रुपया बोनस देने और लहसुन प्याज खरीदी में लूट रोकने के लिए सरकार की तरफ से हस्तक्षेप सुनिश्चित करने की मांग की गयी।  

किसान संगठनों ने 2017 में मंदसौर में हुई पुलिस फायरिंग में मारे गए 6 किसानों की स्मृति में तथा उनकी शहादत के बाद से जारी किसान आंदोलन की मजबूती के संकल्प में 6 जून को कार्रवाई करने का फैसला लिया।  उन्होंने बताया कि इसके बारे में कार्यक्रम शीघ्र तैयार किया जाएगा।  

एआईकेएससीसी मध्य प्रदेश के किसान मोर्चा के संयोजक बादल सरोज के संचालन में हुई इस बैठक की  शुरुआत में  संयुक्त किसान मोर्चे की राष्ट्रीय समिति के सदस्य व  किसान-मजदूर संघर्ष समिति के प्रमुख डॉ सुनीलम ने सभी विषयों पर सुझाव रखे।  

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता शिव सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता  में हुई इस बैठक में मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष रामनारायण कुररिया,  सिवनी से प्रहलाद पटेल, राजेश पटेल, अनिल सल्लाम, डी डी वासनिक के अलावा जाग्रत आदिवासी संगठन की माधुरी कृष्णास्वामी,  राधेश्याम मीणा, कांतिकुमार दुबे, कृपाल सिंह मंडलोई, इंद्रजीत सिंह, लालमन नट, अशोक सिंह पैगाम, अखिल भारतीय किसान सभा के अशोक तिवारी, रामजीत सिंह, डॉ हीरा धुर्वे सहित अनेक ने भाग लिया। 

farmers
farmers protest
Madhya Pradesh
tribals

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!

ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां
    26 May 2022
    विश्व आर्थिक मंच पर पेश की गई ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के दौर में फूड फ़ार्मा ऑयल और टेक्नोलॉजी कंपनियों ने जमकर कमाई की।
  • परमजीत सिंह जज
    ‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप
    26 May 2022
    पंजाब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब की गिरती अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करना है, और भ्रष्टाचार की बड़ी मछलियों को पकड़ना अभी बाक़ी है, लेकिन पार्टी के ताज़ा क़दम ने सनसनी मचा दी है।
  • virus
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या मंकी पॉक्स का इलाज संभव है?
    25 May 2022
    अफ्रीका के बाद यूरोपीय देशों में इन दिनों मंकी पॉक्स का फैलना जारी है, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में मामले मिलने के बाद कई देशों की सरकार अलर्ट हो गई है। वहीं भारत की सरकार ने भी सख्ती बरतनी शुरु कर दी है…
  • भाषा
    आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद
    25 May 2022
    विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाईं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    "हसदेव अरण्य स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल"
    25 May 2022
    हसदेव अरण्य के आदिवासी अपने जंगल, जीवन, आजीविका और पहचान को बचाने के लिए एक दशक से कर रहे हैं सघंर्ष, दिल्ली में हुई प्रेस वार्ता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License