NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली:  पेट्रोल डीज़ल की बढ़ती कीमतों के ख़िलाफ़ सी.पी.आई.(एम) का प्रदर्शन
प्रदर्शन में लोगों ने पेट्रोल-डीज़ल-रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के साथ ही बढ़ती मंहगाई, बढ़ती बेरोज़गारी, किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों तथा मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड लागू करने के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Feb 2021
 पेट्रोल डील बढ़ती कीमतों के ख़िलाफ़ सी.पी.आई.(एम) का प्रदर्शन

देश में लगातर पेट्रोल डीजल और गैस के दाम जिस तरह से आसमान छू रहे हैं,  इसको लेकर सी.पी.आई.(एम) की दिल्ली राज्य कमेटी ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।  इस प्रदर्शन में उन्होंने पेट्रोल-डीज़ल-रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के साथ ही बढ़ती मंहगाई, बढ़ती बेरोज़गारी, किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों तथा मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड लागू करने के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की। पार्टी के मुताबिक इस प्रदर्शन से पहले 15 दिनों तक इन मुद्दों पर पूरी दिल्ली तक अभियान चलाया गया था। प्रदर्शन को पोलित ब्यूरो सदस्य बृन्दा करात व हन्नान मोल्लाह, केंद्रीय कमेटी के सदस्य अशोक ढवले, मरियम ढवले तथा दिल्ली राज्य सचिव के.एम. तिवारी ने सम्बोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी के कारण तमाम खाने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। खाद्य सामग्री को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाके कालाबाजारी को बढ़ावा दिया गया है। जनता को थोड़ी बहुत राहत पहुंचाने वाली राशन व्यवस्था को भी केन्द्र सरकार ने ध्वस्त करने की पूरी योजना बना ली है। पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और बाद में बगैर तैयारी के मार्च 2020 में लगे लॉकडाउन के चलते आज बेरोज़गारी 45 वर्ष के चरम पर है। मोदी सरकार ने श्रम कानूनों के ‘सरलीकरण’ के नाम पर पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर 4 लेबर कोड बनाए हैं। इन कानूनों में नौकरी से जुड़ी सुरक्षा को समाप्त किया जा रहा है। मेहनतकश वर्ग को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की तैयारी की जा रही है।

सी.पी.आई.(एम) ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा केन्द्र की मोदी सरकार किसान आंदोलन में 200 से ज्यादा किसानों की शहादत के बावजूद अड़ियल रूख अपनाए हुए है। किसानों की मांग मानने के बजाए उन्हें क्षेत्रीय व वर्गीय आधार पर बांटने, उन्हें कुचलने, झूठे आरोप लगाकर नेताओं, पत्रकारों को गिरफ्तार करने के घिनौने कामों  में लगी हुई है।

अंत में वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा आज मेहनतकश जनता की जीविका पर चौतरफ़ा हमला बोल रही है। साथ ही वह इन विनाशकारी नीतियों के खिलाफ़ संघर्ष को कमज़ोर करने व जनता को बांटने के लिए साम्प्रदायिक विभाजन की नीति चला रही है। हमें मिलकर इन दमनात्मक नीतियों का मुकाबला करते हुए महंगाई, बेरोज़गारी, श्रम कानून परिवर्तन, नए कृषि कानून व जनवाद इत्यादि पर हमलों के खिलाफ़ डटकर लड़ना होगा।

CPIM
petrol price hike
Petrol & diesel price
gas cylender
Brinda Karat
Inflation
Modi government

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन की वजह से घर-घर चक्कर काट रहे हैं गृह मंत्री : धर्मेंद्र मलिक
    29 Jan 2022
    जाटलैंड यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन ने कितनी बदली है तस्वीर, क्या चलेगा भाजपा का सांप्रदायिक कार्ड, इस पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की भारतीय किसान यूनियन के अहम चेहरे और मीडिया…
  • uttarpradesh
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: जिसके सर होगा पूर्वांचल का हाथ, वही करेगा यूपी में राज!
    29 Jan 2022
    देश का सबसे बड़ा सियासी सूबा उत्तर प्रदेश हर बार यही सोचता है कि इस बार तो विकास पर चुनाव होंगे, लेकिन गाड़ी आकर आखिरकार जातिवाद पर ही अटक जाती है, ऐसे में पूर्वांचल का जातीय समीकरण हर बार राजनीतिक…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड 2022: क्या खदबदा रहा है पहाड़ के भीतर, पहाड़ की सियासत, पहाड़ के सवाल
    29 Jan 2022
    सन् 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना उत्तराखंड राज्य आज तक अपनी तकदीर नहीं बदल पाया। हर बार इस आशा में सरकार बदलता है कि शायद इस बार अच्छा होगा...लेकिन इसके अच्छे दिन नहीं आते। भाजपा और कांग्रेस…
  • GANDHI JI
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: टीवी स्टूडियो में गांधी जी के साथ महाबहस
    29 Jan 2022
    बापू मुस्कुरा के बोले— मुझे तो इतने साल पहले मारा जा चुका है। फिर आप मुझे मारने के लिए अब क्यों परेशान हो रहे हैं?
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः योगी सरकार के 5 साल बाद भी पानी के लिए तरसता बुंदेलखंड
    29 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश को बुंदेलखंड स्पेशल पैकेज के तहत जितना पैसा दिया गया उसका 66% यानी 1445.74 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पानी का संकट दूर करने के लिए किया गया लेकिन स्थिति नहीं बदली।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License