NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
साबरमती आश्रम में गांधी को ही भूल गए डोनाल्ड ट्रंप
साबरमती आश्रम के आगंतुक रजिस्टर में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना संदेश लिखा। ट्रंप ने बड़े अक्षरों में लिखा कि टू माई ग्रेट फ्रेंड प्राइम मिनिस्टर मोदी, थैंक यू फॉर वंडरफुल विजिट। यहां पर ट्रंप ने महात्मा गांधी का नाम तक नहीं लिखा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Feb 2020
Trump in India
Image courtesy: HMTV

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी की दोपहर से अहमदाबाद से अपनी यात्रा की शरुआत कर दी है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप को गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता 22 किलोमीटर का रोड शो करते हुए साबरमती आश्रम पहुंचे। यहां करीब 20 मिनट रुके। ट्रंप और मोदी ने बापू की तस्वीर पर सूत की माला चढ़ाई। राष्ट्रपति और पत्नी मेलानिया ने चरखा चलाया और गांधी के तीन बंदरों वाली थ्योरी समझी।

अहमदाबाद के साबरमती के करीब अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए शोला भागवत स्कूल के बच्चे कतारों में खड़े में थे। इन बच्चों के हाथों में भारत और अमेरिका का झंडा था।  इस नजारे की आलोचना करते हुए कई जानकारों ने कहा बच्चों को कूटनीति के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन्हें भारत और अमेरिका की वास्तविक स्थिति का ठीक ढंग से पता भी नहीं है। यह ऐसे है जैसे बच्चे कोई निर्जीव वस्तु हों और उनका प्रदर्शनी में इस्तेमाल किया जा रहा हो।

87539982_2888113974580477_1578809078698737664_n.jpg
साबरमती आश्रम के आगंतुक रजिस्टर में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना संदेश लिखा। ट्रंप ने बड़े अक्षरों में लिखा कि टू माई ग्रेट फ्रेंड प्राइम मिनिस्टर मोदी, थैंक यू फॉर वंडरफुल विजिट। यहां पर ट्रंप ने राष्ट्र्रपिता महात्मा गांधी का नाम तक नहीं लिखा। इसके बाद लोगों ने ट्रंप के सन्देश और बराक ओबामा के साबरमती आगुंतक रजिस्टर में लिखे संदेश की तुलना शुरू कर दी।

बराक ओबामा ने साबरमती आश्रम के अपने यात्रा के दौरान साल 2015 में लिखा था कि 'गांधी की आत्मा भारत में आज भी जीवित है। और यह दुनिया को मिला एक नायाब तोहफ़ा है। हम हमेशा प्रेम और शांति की उनकी भावना के साथ जिएं, यह भावना सभी लोगों और देशों में बनी रहे।'

आगुन्तक रजिस्टर में ट्रंप की लिखी गयी बात पर जानकारों ने कहा कि यह बात सही है कि आज की दुनिया में देशों के बीच आर्थिक लेन-देन केंद्र में है। फिर भी ऐतिहासिक विरासत ही किसी देश का पहचान गढ़ती हैं। इस ऐतिहासिक विरासत के सहारे ही दुनिया के लोग किसी देश को जानते हो। गांधी भारत की ऐतिहासिक विरासत हैं। साबरमती आश्रम जाकर गांधी को भूल जाना आर्थिक लेन-देन के तौर पर भले ही बड़ी बात न हो। लेकिन इतिहास के माध्यम से इस बड़े अवसर पर जिस तरह से पूरी दुनिया को सन्देश दिया जा सकता था, वह नहीं दिया जा सका। इसी तरह से एक विचारहीन नेता पूरी दुनिया को दिशाहीन कर देता है।

Donand Trump
Narendra modi
Sabarmati Ashram
Trump Signature
Mahatma Gandhi
Barack Obama
India-America

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • सरोजिनी बिष्ट
    विधानसभा घेरने की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशाएं, जानिये क्या हैं इनके मुद्दे? 
    17 May 2022
    ये आशायें लखनऊ में "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन- (AICCTU, ऐक्टू) के बैनर तले एकत्रित हुईं थीं।
  • जितेन्द्र कुमार
    बिहार में विकास की जाति क्या है? क्या ख़ास जातियों वाले ज़िलों में ही किया जा रहा विकास? 
    17 May 2022
    बिहार में एक कहावत बड़ी प्रसिद्ध है, इसे लगभग हर बार चुनाव के समय दुहराया जाता है: ‘रोम पोप का, मधेपुरा गोप का और दरभंगा ठोप का’ (मतलब रोम में पोप का वर्चस्व है, मधेपुरा में यादवों का वर्चस्व है और…
  • असद रिज़वी
    लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश
    17 May 2022
    एडवा से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर सांप्रदायिकता और नफ़रत से दूर रहने की लोगों से अपील कर रही हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 43 फ़ीसदी से ज़्यादा नए मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए 
    17 May 2022
    देश में क़रीब एक महीने बाद कोरोना के 2 हज़ार से कम यानी 1,569 नए मामले सामने आए हैं | इसमें से 43 फीसदी से ज्यादा यानी 663 मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए हैं। 
  • एम. के. भद्रकुमार
    श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी
    17 May 2022
    यहां ख़तरा इस बात को लेकर है कि जिस तरह के राजनीतिक परिदृश्य सामने आ रहे हैं, उनसे आर्थिक बहाली की संभावनाएं कमज़ोर होंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License