NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर की इलेक्टोरल काउंसिल ने पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरीया की पार्टी को आगामी चुनावों से बाहर किया
पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरीया के नेतृत्व वाली सोशल कमिटमेंट मूवमेंट फॉर सिटिजेन रिवॉल्यूशन पार्टी ने नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (सीएनई) के इस फैसले को अस्वीकार कर दिया और घोषणा की कि वह 2021 के आम चुनाव भाग लेगी और जीतेगी।
पीपल्स डिस्पैच
20 Jul 2020
 राफेल कोरीया

इक्वाडोर की नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (सीएनई) ने 19 जुलाई को 2021 के आम चुनावों में हिस्सा लेने से चार राजनीतिक दलों को निलंबित कर दिया और इन पर रोक लगा दिया। इन पार्टियों में पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरीया के नेतृत्व वाली सोशल कमिटमेंट मूवमेंट फॉर द सिटिजेन रिवॉल्यूशन भी शामिल है।

सीएनई ने राज्य नियंत्रक महालेखाकार कार्यालय से मिले अनुरोध की प्रतिक्रिया में सोशल कमिटमेंट, लिबर्टाड एस प्यूब्लो, जस्टिसिया सोशल और पोडेमोस के पंजीकरण को निलंबित कर दिया। इस सरकारी संस्था ने इन चार राजनीतिक दलों के पंजीकरण प्रक्रियाओं में अनियमितता पाया था।

सीएनई ने निलंबित इन राजनीतिक संगठनों के क़ानूनी प्रतिनिधियों को अपना बचाव करने के लिए दस दिन का समय दिया।

सोशल कमिटमेंट मूवमेंट फॉर द सिटिजेन रिवॉल्यूशन पार्टी ने इस फैसले को अस्वीकार कर दिया और घोषणा की कि वह आगामी चुनाव में भाग लेगी और जीतेगी।

पार्टी ने ट्वीट में लिखा, "सीएनई पर नियंत्रक (पाब्लो) सेली का दबाव पड़ा और सोशल कमिटमेंट के निलंबन का आदेश देते हुए चुनावी मामलों में मनमाने ढंग से और अवैध रूप से गैर-मौजूद संसाधन खोज निकाला है। इसमें कोई संदेह नहीं है: सोशल मूवमेंट 2021 में भाग लेगी और जीत हासिल करेगी।"

एक आधिकारिक बयान में इस पार्टी ने अपने सदस्यों को चुनाव में लड़ने से रोकने के एक नए प्रयास के रूप में इस निलंबन की निंदा की। बयान में ज़ोर दे कर कहा गया, "यह स्पष्ट है कि 2021 के चुनावों में भाग लेने से रोकने के लिए एक सरकारी संचालक है और इस प्रकार लाखों इक्वाडोरवासी के अधिकारों का उल्लंघन करता है जो सिटिजेन रिवॉल्यूशन का समर्थन करते हैं।"

राष्ट्रपति कोरीया ने भी इस फैसले की निंदा की। कोरिया ने लिखा, "हम फिर से लोकतंत्र को लूट रहे हैं, सीएनई पर सेली (आंतरिक मंत्री मारिया पाउला), रोमियो और सरकार से दबाव था जो सोशल कमिटमेंट को अवैध रूप से समाप्त कर देना चाहते हैं।"

इस साल की शुरुआत में 7 अप्रैल को इक्वाडोर के नेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने फ़र्ज़ी रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोपों में कोरीया को आठ साल की जेल की सजा सुनाई थी। उन्हें 25 साल के लिए चुनावी राजनीति से भी रोक दिया गया था।

Ecuador
Rafael Correa
Social Commitment Movement for Citizen Revolution Party
National Electoral Council

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी

इक्वाडो : राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में एंड्रेस अराउज के प्रतिद्वंद्वी को लेकर अनिश्चितता बरक़रार

इक्वाडोर में 11 अप्रैल को राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर का मतदान

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License