NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट : अधिकारियों ने एक और महिला पत्रकार को गिरफ़्तार किया
अल-मनासा न्यूज़ एजेंसी की फ़ाउंडर और एडिटर इन चीफ़ नोरा यूनिस मानवाधिकार को लेकर सरकार के रवैये की आलोचना करती रही हैं।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jun 2020
Nora Younis

ईजिप्ट के अधिकारियों ने 24 जून को एक और महिला पत्रकार को गिरफ़्तार कर लिया। अधिकारियों ने अल-मनासा न्यूज़ एजेंसी के दफ़्तर पर रेड की और उसकी फ़ाउंडर और एडिटर इन चीफ़ नोरा यूनिस को गिरफ़्तार कर लिया।

इसके बाद अधिकारी उन्हें कैरो के मादी पुलिस स्टेशन पर ले गए, और उनके वकील को उनसे मिलने की इजाज़त नहीं दी गई। बाद में उनके वकील ने बताया कि नोरा पर "बग़ैर लाइसेंस के वेबसाइट चलाने" का संभावित मामला दर्ज किया जाएगा। Mada Masr ने रिपोर्ट किया है कि अल-मनासा का रिन्यूअल लाइसेंस 2018 से प्रक्रिया में है।

नोरा यूनिस ने ईजिप्ट के सबसे मशहूर अरबी अख़बार El-Masry al-Youm और वॉशिंगटन पोस्ट में काम किया है। उन्होंने 2015 में अल-मनासा की शुरूआत की थी। वह मानवाधिकार पर सरकार के रवैये और काम की मुखर आलोचक रही हैं। अल-मनासा उन 500 से ज़्यादा वेबसाइट्स में से एक है जिन्हें ईजिप्ट में अब्देल फ़तह अल-सीसी की सरकार ने ब्लॉक किया है।

अल-सिसी शासन ने 2013 में सत्ता में आने के बाद से मीडिया पर कठोर परिस्थितियों को लागू किया है। इसने कई पत्रकारों और मीडिया हाउसों को अपने हुक्म का पालन नहीं करने के लिए गिरफ्तार किया है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अप्रैल में कोविड ​​-19 को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाए जाने के बाद से स्वतंत्र मीडिया के व्यक्तियों और संगठनों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न बढ़ गया है।

नोरा तीसरी महिला पत्रकार हैं जिन्हें अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में गिरफ्तार किया है। पिछले महीने उन्होंने माडा मास के संस्थापक लीना अत्ताला को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उन्होंने सरकार की निरोध नीति की आलोचना के लिए अरबी भाषा के समाचार पत्र दरब के साथ काम करने वाली एक युवा महिला पत्रकार शिमा समी को भी गिरफ्तार किया है।
  
द जर्नल ऑफ़ वीमेन इन जर्नलिज्म ने अपने ट्विटर हैंडल पर गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए तुरंत रिहाई की माँग की है।

twit 3.PNG

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया और मिस्र के अधिकारियों से उनकी हिरासत के दौरान नोरा को किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या यातना से बचाने का आग्रह किया है।

egypt
Nora Younis
Al-Manassa
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

इजिप्ट : राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में मशहूर हस्तियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

इजिप्ट की संसद ने आतंकवादी समूहों से कथित संबंधों वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए क़ानून पारित किया

इतिहासकार की हिरासत को लेकर व्यापक आलोचना के बाद इजिप्ट ने ज़मानत पर रिहा किया


बाकी खबरें

  • kashmir jammu
    सुहैल भट्ट
    विशेषज्ञों के मुताबिक़ कश्मीर में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति अपने कगार पर है
    27 Dec 2021
    जम्मू-कश्मीर में तनाव से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका बड़ा कारण साल 2019 में हटाई गई धारा 370 को मुख्य माना जा रहा है, खुद को कैदी जैसा महसूस कर रहे जम्मू-कश्मीर के लोगों में…
  • Ethiopia
    पीपल्स डिस्पैच
    अमेरिका समर्थित टीपीएलएफ़ ने इथियोपिया में जंग हारने के बाद संयुक्त राष्ट्र से सुरक्षा की गुहार लगाई
    27 Dec 2021
    संघीय सरकार की फ़ौज ने टीपीएलएफ़ को टिगरे राज्य में वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया, अब टीपीएलएफ़ शांति प्रक्रिया के लिए बातचीत शुरू करने की गुहार लगा रहा है। सरकार ने समूह के नि:शस्त्रीकरण और इसके…
  • Mental health
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: मानसिक सेहत गंभीर मामला लेकिन इलाज के लिए जाएं कहां?
    27 Dec 2021
    फ़रवरी 2019 में उत्तराखंड में मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। ये प्राधिकरण काग़ज़ों में भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। प्राधिकरण में मानसिक स्वास्थ्य के लिए…
  •  Muzaffarpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुज़फ़्फ़रपुर: हादसा या हत्याकांड!, मज़दूरों ने कहा- 6 महीने से ख़राब था बॉयलर, जबरन कराया जा रहा था काम
    27 Dec 2021
    बॉयलर छह महीने से ख़राब था। कामगारों ने ख़तरे की आशंका जताई थी। बॉयलर का सेफ्टी वाल्व भी ख़राब था। इसके विरोध में दो दिन तक मज़दूरों ने काम भी बंद रखा था लेकिन प्रबंधन ने इसको ठीक नहीं कराया था।
  • haridwar
    वसीम अकरम त्यागी
    राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: आख़िर तुम किस मर्ज़ की दवा हो?
    27 Dec 2021
    हरिद्वार, आगरा से लेकर गुरुग्राम तक, त्रिपुरा से लेकर कर्नाटक तक, नमाज़ से लेकर चर्च की प्रार्थना सभा तक अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिये बना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License