NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
साल्वाडोर का बिटकॉइन को राष्ट्रीय मुद्रा के रूप में अपनाने से इंकार
बहुत से लोगों को डर हैं कि क्रिप्टोकरेंसी की अस्थिरता उनकी आय और क्रय शक्ति को प्रभावित करेगी और यह छोटे विक्रेताओं के हितों के ख़िलाफ़ है और यह केवल बड़े निवेशकों को लाभ पहुंचाएगी।
पीपल्स डिस्पैच
10 Sep 2021
साल्वाडोर का बिटकॉइन को राष्ट्रीय मुद्रा के रूप में अपनाने से इंकार

देश की दक्षिणपंथी सरकार द्वारा अत्यधिक अव्यवहार्य डिजिटल करेंसी को राष्ट्रीय मुद्रा के रूप में अपनाने के विरोध में भारी संख्या सल्वाडोर के लोग राजधानी सैन सल्वाडोर की सड़कों पर उतर रहे हैं। उनमें से ज्यादातर लोगों को डर है कि इस निर्णय से उनकी आय और क्रय शक्ति प्रभावित होगी और केवल बड़े कॉरपोरेशऩ और विदेशी निवेशकों को लाभ पहुंचाएगी।

7 सितंबर को ही विरोध शुरू हो गया जब अल-साल्वाडोर ने इस बिटकॉइन को लीगल टेंडर के रूप में घोषित किया था। ऐसा करने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया। राष्ट्रपति नयिब बुकेले की अतिदक्षिणपंथी सरकार के इस फैसले पर असंतोष व्यक्त करने के लिए हजारों लोगों ने केंद्रीय चौक से विधायी भवन तक मार्च किया। विपक्षी वामपंथी फाराबुंडो मार्टी नेशनल लिबरेशन फ्रंट पार्टी (एफएमएलएन) के सदस्य और सांसद भी इस मार्च में शामिल हुए।

इन प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह अनिश्चितता पैदा करता है और अधिकांश आबादी को लाभ नहीं पहुंचाता है। कई लोगों ने कहा कि उन्हें डर है कि क्रिप्टोकरेंसी की अस्थिरता उनकी आय और क्रय शक्ति को प्रभावित करेगी। अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें डर है कि जल्द ही ये इलेक्ट्रॉनिक करेंसी एकमात्र मुद्रा बन जाएगी। उन्होंने कहा कि 2001 में मौद्रिक एकीकरण को लेकर प्रचलित कानून के तहत साल्वाडोरन कोलन को अमेरिकी डॉलर से कितनी जल्दी से बदल दिया गया था यह सबको पता है।

32 सामाजिक संगठनों और यूनियनों को एक साथ लाने वाले और हाल ही में बिटकॉइन विरोधी प्रदर्शनों में सबसे आगे रहने वाले पॉपुलर रेसिस्टेंस एंड रिबेलियन ब्लॉक ने कहा कि यह निर्णय "मजदूर वर्ग, किसान और ग्रामीण समुदायों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।" इस ब्लॉक ने इस बात को भी उजागर किया कि सरकार समर्थित इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट ऐप, जिसे चिवो के नाम से जाना जाता है, उसको डाउनलोड करने और संचालित करने के लिए अधिकांश आबादी के पास तकनीकी उपकरणों और उच्च-स्तरीय फोन की कमी है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि ये इलेक्ट्रॉनिक करेंसी देश में भ्रष्टाचार और गरीबी को बढ़ा सकती है।

कई अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी कि डिजिटल करेंसी की पारदर्शिता की कमी देश में आपराधिक गतिविधियां बढ़ सकती है और इसे मनी लॉन्ड्रिंग का ठिकाना बना सकती है क्योंकि यह इससे काम करने वालों की पहचान रिकॉर्ड नहीं करता है।

El Salvador
Central America/El Salvador
bitcoin
National Currency

Related Stories

क्रिप्टो करेंसी की कहानी

कर्नाटक: बिटकॉइन घोटाला ने सियासत में हलचल क्यों मचा दी है?

वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों को एक कांग्रेस प्रतिनिधि ने आड़े हाथों लिया

एक बिटकॉइन बराबर तकरीबन ₹17 लाख, यह सोचिए कि क्या बिटकॉइन पैसा है?

लातिन अमेरिकी और कैरिबियाई देशों से चीन को बाहर करने की जुगत में है अमेरिका 

अल सल्वाडोर : सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति नाइब बुकेले के आपातकाल स्थिति बढ़ाने के फ़ैसले को ख़ारिज किया

बहुत पेचीदा और ख़तरनाक़ भी है क्रिप्टकरेंसी का खेल !


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    मुद्दा: नई राष्ट्रीय पेंशन योजना के ख़िलाफ़ नई मोर्चाबंदी
    21 Mar 2022
    एनपीएस के विरोध में आज नयी बात क्या है? यह पूरी तरह से राजनीतिक एजेंडे पर वापस आ गया है। और भाजपा के ट्रेड यूनियन को छोड़कर सभी ट्रेड यूनियनों द्वारा 28-29 मार्च की दो दिवसीय हड़ताल में प्रमुख…
  • नाइश हसन
    मुबारक: नए दिन की शुरुआत है नौरोज़
    21 Mar 2022
    भारत की इस बहुरंगी सभ्यता संस्कृति को कुचल कर आगे निकल जाने की होड़ में हम तमाम ऐसे खूबसूरत रस्म रिवाजों से महरूम होते जा रहे हैं जिनके मिलने से हिंदुस्तान एक खूबसूरत हिंदुस्तान बनता है।
  • भाषा
    भारतीय अर्थशास्त्री जयती घोष संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक समिति के उच्च स्तरीय सलाहकार बोर्ड में शामिल
    21 Mar 2022
    घोष को 12 सदस्यीय बोर्ड में नामित किया गया है, जिसके काम में महासचिव के शासकीय कार्यालय के करीबी समन्वय के साथ संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा सहयोग दिया जाएगा।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,549 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    21 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.06 फ़ीसदी यानी 25 हज़ार 106 हो गयी है।
  • प्रबीर पुरकायस्थ
    यूक्रेन और वैश्विक आर्थिक युद्ध: बर्बरता या सभ्यता?
    21 Mar 2022
    इतना तो तय है कि दुनिया एक दोराहे पर है। इस सब के चलते या तो रूसी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी, या फिर इससे एक नयी विश्व आर्थिक व्यवस्था बनेगी, जिसके आसार पहले से बन रहे थे और जिसमें सैन्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License