NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफगानिस्तान में दोषों को उजागर करता चुनावी परिणाम
50.06% वोट हासिल करने वाले अशरफ गनी को फिर से राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया है। इनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने इस परिणाम पर संदेह जाहिर किया है और दावा किया है कि वह एक समानांतर सरकार बनाएंगे।
पीपल्स डिस्पैच
19 Feb 2020
Election results expose fault lines in Afghanistan

राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा के बाद अफगानिस्तान में फिर बड़ा राजनीतिक उठा पटक तेज हो गया है। पिछले साल सितंबर में हुए चुनाव में चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को सत्तासीन राष्ट्रपति को विजेता घोषित किया और अशरफ गनी को 50.64% वोटों के साथ फिर से राष्ट्रपति चुना गया है।

हालांकि, उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह जिन्होंने 39.5% मत हासिल किया है, उन्होंने इस परिणाम पर संदेह जाहिर करते हुए देश में समानांतर सरकार बनाने का शपथ लिया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अफगानिस्तान सरकार की सेवा करने वाले अब्दुल्लाह ने कहा, “पारदर्शी और बायोमेट्रिक वोटों के आधार पर हम चुनाव के विजेता हैं। विवादित वोटों पर निर्णय अवैध था और तख्तापलट जैसा था। यह राष्ट्रीय राजद्रोह जैसा है और हमारे प्रतिद्वंद्वी दल के पक्ष में है। हम इस कपटपूर्ण परिणामों को स्वीकार नहीं करते हैं। हम अपनी जीत की घोषणा कर रहे हैं। अब हम एक समावेशी सरकार बनाएंगे ...।"

शुरू में इन परिणामों को अक्टूबर 2019 में घोषित किया जाना था लेकिन धोखाधड़ी और वोटों के धांधली के आरोपों के कारण चुनाव आयोग ने कम से कम पांच महीनों के लिए वोटों की गिनती की अवधि में देर कर दी। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने तकनीकी मुद्दों और उम्मीदवारों के विरोध को मतगणना प्रक्रिया में रुकावट की वजह बताया था।

चुनाव आयोग के प्रमुख हवा आलम नुरिस्तानी ने काबुल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिणामों की घोषणा करते हुए कहा कि एक विशेष ऑडिट में आयोग ने पाया कि लगभग "137000 वोट संदिग्ध" थे और कम से कम "12012 वोट" मतदान के समय की अवधि पूरी होने के बाद डाले गए थे जिसे वैध पाया गया"।

तालिबान विद्रोही समूह ने "अफगान सरकार को अमेरिका की कठपुतली" बताते हुए इन चुनावों को "धोखा" बताया था।

विरोध का सामना करने के बावजूद अशरफ गनी ने इस आरोप को खारिज कर दिया है और काबुल में अपने समर्थकों के सामने हाजिर हुए जिसमें उन्होंने तालिबान के साथ शांति वार्ता जारी रखने और देश में शांति लाने में उनकी सरकार की भूमिका पर जोर दिया है।

अफगानिस्तान में कुल 37 मिलियन आबादी है और उनमें से 9.6 मिलियन पंजीकृत मतदाता थे, चुनाव के आखिरी दौर में राष्ट्रपति चुनावों में 1.8 मिलियन लोगों ने हिस्सा लिया जो काफी कम है। चुनाव आयोग ने अनियमितताओं के कारण लगभग एक मिलियन वोटों को हटा दिया है। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान विद्रोही हमले और हिंसा की आशंका ने बड़ी संख्या में लोगों को मतदान करने से दूर रहने को मजबूर किया है।

Election results Afghanistan
Ashraf Ghani
pponent Abdullah Abdullah

Related Stories

अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर एक नज़र – भाग 6

भारत अमेरिका की अफ़गान नीति का पिछलग्गू न बन कर, स्थानीय ताकतों के साथ मिलकर काम करे

अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर विचार – भाग दो 

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त, समावेशी और नई प्रतिनिधि सरकार का यूएन का आह्वान

अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर कुछ विचार

अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का क़ब्ज़ा, पीएम का लाल क़िले का भाषण और अन्य ख़बरें

काबुल में तालिबान, दुनिया भूल गयी अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ान फिल्म निर्देशक सहारा करीमी की दुनिया से अपील

तालिबान के काबुल पर नियंत्रण के बाद अफ़ग़ान नागरिकों के मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ीं

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान में सभी से 'संयम' दिखाने का आग्रह किया


बाकी खबरें

  • जर्मनी के चुनावों में सेंटर-लेफ़्ट को मिली बढ़त
    एम. के. भद्रकुमार
    जर्मनी के चुनावों में सेंटर-लेफ़्ट को मिली बढ़त
    29 Sep 2021
    संक्षेप में, जर्मनी में हुए चुनावों से जो उभर कर सामने आ रहा है वह यह है कि देश में तीन-तरफ़ा गठबंधन की सरकार होगी, लेकिन यह सरकार कई महीने बाद ही बनेगी।
  • Congress is trying to get out of its 'Elite Image'!
    अफ़ज़ल इमाम
    अपनी ‘एलीट इमेज’ से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है कांग्रेस!
    29 Sep 2021
    कहा जा रहा है कि बड़े व रसूख़दार घरानों के ‘एलीट इमेज’ वाले कुछ और नेता अपने लिए नए ठिकाने की तलाश कर रहे हैं। वैसे इस बीच पार्टी के भीतर कई लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि पुराने व पुश्तैनी दिग्गज…
  • NV Ramana
    विक्रम हेगडे
    न्याय वितरण प्रणाली का ‘भारतीयकरण’
    29 Sep 2021
    भारत के मुख्य न्यायाधीश ने हाल ही में दो मौकों पर न्याय देने वाली प्रणाली के भारतीयकरण किए जाने की बात उठाई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    कोविड-19: वैक्सीन की राजनीति
    29 Sep 2021
    'द कोविड शो' के इस एपिसोड में डॉ. सत्यजीत और प्रबीर अंतरराष्ट्रीय टीकाकरण नीति और उसमे हो रहे भेदभाव पर चर्चा करते हैं। उनका ख़याल है कि पश्चिमी देशों को भारत से वैक्सीन और व्यापार चाहिए, लेकिन भारत…
  • हरियाणा: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी रेलवे प्रशासन ने संजय नगर में शुरू की तोड़फोड़
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी रेलवे प्रशासन ने संजय नगर में शुरू की तोड़फोड़
    29 Sep 2021
    आज बुधवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संजय नगर बस्ती को स्टे दे दिया उसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने एक न सुनी। मजदूरों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ताओं ने एक पत्र रेलवे प्रशासन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License