NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना वायरस के ख़तरे के बावजूद पश्चिमी अफ़्रीकी देश गिनी में हुए चुनाव
संसदीय चुनाव के अलावा एक रिफ़रेंडम भी जारी किया गया है जिसके तहत देश के संविधान में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे।
पीपल्स डिस्पैच
23 Mar 2020
अफ़्रीकी देश गिनी में हुए चुनाव

22 मार्च को बहिष्कार की धमकियों, कोरोना वायरस के ख़तरों और हिंसा के बीच पश्चिमी अफ़्रीकी देश गिनी की जनता ने नई संसद चुनने के लिए वोट दिया। इसके अलावा एक रिफ़रेंडम भी जारी किया गया जिसके तहत देश के संविधान में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे।

गिनी में अब तक कोरोना वायरस के दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

गिनी की संसद नेशनल एसम्ब्ली में 114 सीटें हैं जिसके लिए 43 से ज़्यादा पार्टियों ने चुनाव लड़ा है। राष्ट्रपति अल्फा कोंडे की पार्टी रैली ऑफ़ द गिनियन पीपल को 2013 के चुनावों में 53 सीटें मिली थीं।

संसद चुनावों के अलावा जो महत्वपूर्ण संशोधन हो रहे हैं, उसके लिए जनमत संग्रह में वर्तमान पांच साल से सात साल तक की अवधि में वृद्धि शामिल है। इसका अर्थ यह भी है कि हालांकि प्रस्तावित दो कार्यकाल की सीमा संविधान में बनी रहेगी यदि प्रस्तावित संशोधन को लोगों की स्वीकृति मिल जाती है तो वर्तमान राष्ट्रपति अल्फा कोंडे फिर से चुनाव लड़ सकते हैं। उनका वर्तमान कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो रहा है।

अन्य प्रस्तावित बदलावों में लैंगिक समानता शामिल है। जिसके तहत शादी के तहत महिला जननांग विकृति को अवैध बनाने और तलाक में पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान अधिकार देने का प्रस्ताव है।

चुनाव के नतीजे आने अभी भी बाक़ी हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली पार्टी विपक्षी पार्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फोर्सेस ऑफ़ गिनी(यूडीएफ़जी) और यूनियन ऑफ़ रिपब्लिकन फोर्सेस ने राष्ट्रपति के कार्यकाल अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया था।

नेशनल फ्रंट फॉर द डिफ़ेंस द्वारा प्रस्तावित संशोधनों के ख़िलाफ़ अक्टूबर 2019 से विरोध जारी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ हिंसक रवैया अपनाया है, जिसकी वजह से अभी तक 32 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है।

पहले वोटिंग 1 मार्च को होने वाली थी, लेकिन वोटिंग लिस्ट में कथित छेड़छाड़ की वजह से तारीख़ आगे बढ़ा दी गई। Regional group Economic Community of West African States (ECOWAS) ने इसमें हस्तक्षेप किया था और 2.4 मिलियन फ़र्ज़ी वोटरों को हटाने की मांग की थी।

पहले फ़्रांस द्वारा शासित गिनी की आबादी क़रीब 13 मिलियन है जिसमें से 5 मिलियन लोग वोट दे सकते हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

West African country Guinea
election
Voting
Corona Virus
constitution
United Democratic Forces of Guinea
UDAFG
Union of Republican Forces

Related Stories

राहुल गांधी ,मनमोहन सिंह ,और केजरीवाल की पत्नी हुई कोरोना वायरस से संक्रमित

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना वायरस से संक्रमित

कोरोना वायरस से पहले भूख हमें मार देगी

HAHC में 84 नर्स बर्खास्त, मज़दूरों का देशव्यापी प्रदर्शन और अन्य

कोरोना काल: सट्टेबाज़ी और रेल भ्रमण

कोविड अपडेट, दिल्ली भट्ट कैंप और अन्य

चीन ने चुनावी लाभ के लिए COVID-19 का राजनीतिकरण करने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी

दक्षिण अफ़्रीका : लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद माइनिंग कंपनियों ने मज़दूरों को काम पर बुलाया

चीन : 2 महीने से ज़्यादा समय के बाद वुहान से हटा लॉकडाउन

इस देश में ग़रीब भी रहते हैं सरकार!


बाकी खबरें

  • बिहार : सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने सिर मुंडन करवाया
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने सिर मुंडन करवाया
    11 May 2022
    धरना स्थल पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए अभ्यर्थियों ने सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हवन किए और सिर मुंडवा कर विरोध जताया।
  • PROTEST
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र
    11 May 2022
    अजय सिंह की कविता अपने तौर पर एक चेतावनी है। साफ़ चेतावनी। जिसे बुलंद आवाज़ में पढ़ा और समझा जाना चाहिए।
  • climate
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    लगातार गर्म होते ग्रह में, हथियारों पर पैसा ख़र्च किया जा रहा है: 18वाँ न्यूज़लेटर  (2022)
    11 May 2022
    हथियारों के लिए ख़र्च किए जाने वाले पैसे की कोई सीमा नहीं है, लेकिन दुनिया के सामने उपस्थित जलवायु आपदा को टालने के लिए ख़ैरात भी नहीं है।
  • रवि शंकर दुबे, मुकुंद झा
    दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज
    11 May 2022
    अतिक्रमण के नाम पर ग़रीबों के घऱ पर चलाए जा रहे बुलडोज़र के खिलाफ वामदलों के साथ तमाम संगठनों ने दिल्ली के उपराज्यपाल आवास के बाहर ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया।
  • jgp
    शारिब अहमद खान
    बेलगाम बुलडोज़र: इस तरह के विध्वंस पर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय क़ानून क्या कहता है?
    11 May 2022
    सरकार द्वारा चलाई जा रही विध्वंस नीति ने न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों को दरकिनार किया बल्कि राष्ट्रीय कानूनों का भी उपहास उड़ाया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License