NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
"पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे हैं।"
एम.ओबैद
17 Feb 2022
yogi

उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने के लिए सभी पार्टियां अपने प्रचार के दौरान जनता से लुभावने वादे कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को औरेया के दिबियापुर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि "भाजपा को जीत दिलाइए। 5 साल तक किसी भी किसान को बिजली का बिल भरना नहीं पड़ेगा।"

ज्ञात हो कि पिछले महीने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावों की घोषणा से ठीक पहले अर्थात 6 जनवरी को किसानों के बिजली बिल को आधा करने की घोषणा की। यह घोषणा उन्होंने ट्वीट करते हुए की थी। आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने ये घोषणा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की घोषणा के बाद की।

किसानों की सुविधा और समृद्धि के लिए संकल्पित #UPCM श्री @myogiadityanath जी ने निजी नलकूप हेतु विद्युत दरों में वर्तमान दरों के सापेक्ष 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। @spgoyal @sanjaychapps1 @74_alok pic.twitter.com/Ozr1QTsY7M

— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 6, 2022

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद दिसंबर महीने में बिजली बिल में वृद्धि कर दी गई थी। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर औसतन 12.73 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की गई थी।

वर्ष 2019 में भी बिजली दरों में वृद्धि की योगी सरकार ने घोषणा की थी। इस बार भी करीब 12 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया गया था।

जनवरी 2020 में ही प्रदेश सरकार ने तक़रीबन 10 से 15 प्रतिशत बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किसानों का बिजली बिल मुफ्त करने के लिए की गई घोषणा को लेकर ऑल इंडिया किसान सभा के प्रदेश महासचिव मुकत सिंह ने कहा कि, "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ किया नहीं। ये बीजेपी के चुनावी वादे हैं। पहले अखिलेश यादव ने इस बाबत घोषणा की थी। इसको काउंटर करने के लिए बीजेपी ने घोषणा की।" 

बता दें कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल मुफ्त करने और घरेलू बिजली 300 यूनिट मुफ्त देने का वादा किया है। उन्होंने 1 जनवरी को ट्वीट करते हुए लिखा, “नव वर्ष की हार्दिक बधाई व शुभकामना! अब बाइस में ‘न्यू यूपी’ में नयी रोशनी से नया साल होगा, 300 यूनिट घरेलू बिजली फ़्री व सिंचाई बिल माफ़ होगा। नव वर्ष सबको अमन-चैन, ख़ुशहाली दे। सपा सरकार आयेगी और 300 यूनिट फ़्री घरेलू बिजली व सिंचाई की बिजली मुफ़्त दिलवाएगी।"

नव वर्ष की हार्दिक बधाई व शुभकामना!

अब बाइस में ‘न्यू यूपी’ में नयी रोशनी से नया साल होगा
300 यूनिट घरेलू बिजली फ़्री व सिंचाई बिल माफ़ होगा

नव वर्ष सबको अमन-चैन, ख़ुशहाली दे। सपा सरकार आयेगी और 300 यूनिट फ़्री घरेलू बिजली व सिंचाई की बिजली मुफ़्त दिलवाएगी। #बाइस_में_बाइसिकल pic.twitter.com/8RadolTql5

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 1, 2022

बीते साल सितंबर महीने में उत्तर प्रदेश में चुनाव को देखते हुए दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव अपनी पार्टी की जीत के बाद राज्य में सरकार बनने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने और 38 लाख परिवारों पर बकाया बिजली का बिल माफ करने का ऐलान किया था। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की थी। साथ ही उन्होंने किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। 

पिछले हफ्ते कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस के सत्‍ता में आने के 10 दिनों के अंदर किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा और उनका बिजली बिल आधा किया जाएगा।

ग्रामीण इलाकों में बिजली की उपलब्धता और इसके बिल को लेकर कासगंज के किसान डंबर सिंह कहते हैं कि, "अखिलेश यादव के कार्यकाल में और उससे पहले 12-14 घंटे तक बिजली रहती थी जिससे ज्यादातर किसान बिजली मोटर से सिंचाई कर लेते थे। लेकिन योगी कार्यकाल में बिजली के घंटे धीरे-धीरे कम होते चले गए। अब तो समस्या काफी ज्यादा हो गई।"

image

वे आगे कहते हैं, "बिजली लगातार रहती नहीं है। ऐसे में बिजली मोटर से सिंचाई बहुत कम होती है। हमारे पास दो मोटर हैं। प्रति महीने दो हजार रुपया प्रति मोटर लगता ही है। यह फिक्स्ड है। इस तरह हमको चार हजार रुपये प्रति महीना देना पड़ता है जबकि इससे सिंचाई होती नहीं है। फिक्स्ड बिल होने से हमारा नुकसान ही होता है।" 

कासगंज के स्थानीय किसान नेता सुनिल कहते हैं, "बिजली की दर योगी सरकार बढ़ाती आई है। निजी नलकूप का दो हजार रूपये किसानों को फिक्स्ड बिल आता है। ये चुनाव का समय है इसलिए एक महीने पहले सरकार को किसानों की याद आई और बिजली बिल आधी करने की घोषणा की। जनता इनकी बातों को समझ रही है कि जैसे ही चुनाव खत्म होगा फिर बिजली की दशा पहले की तरह हो जाएगी और बिल आता रहेगा।"

उन्होंने कहा, "इस समय खेती का मौसम था और बारिश भी हो गई इसलिए किसानों का बिजली मोटर चला नहीं इसके बावजूद उनको बिजली बिल भरना पड़ गया। ऐसे में फिक्स्ड बिल के चलते किसानों को सरकार को पैसा देना पड़ा। सरकार ने तो कहा कि हमने किसानों का बिल आधा छोड़ दिया लेकिन देखा जाए तो किसानों का मोटर इन दो महीनों में चला ही नहीं फिर भी बिल देना पड़ा है।" 

सुनिल कहते हैं कि "ग्रामीण इलाकों में बिजली न के बराबर रहती है जिससे किसानों को ज्यादातर डीजल पंप के जरिए खेतों की सिंचाई करनी पड़ती है। इन इलाकों में 24 घंटे में मुश्किल से 5-6 घंटे बिजली रहती है। ज्यादातर रात में बिजली आती है जिससे किसानों को रात में भी जागना पड़ता है। बिजली आने पर जब किसान मोटर चलाने के लिए खेतों में जाते हैं और बमुश्किल 1-2 घंटे मोटर पंप चला, खेतों में पानी पहुंचा ही कि बिजली चली जाती है। फिर काफी देर के बाद बिजली आती है। जब तक पहले का पानी नालियों में या खेतों के मुहाने पर ही सूख जाता है। लगातार बिजली नहीं रहती है। इस तरह देखें तो बिजली से किसानों को कोई फायदा नहीं होता है। उनको डीजल पंप का सहारा लेना ही पड़ता है।"

ये भी पढ़ें: यूपी चुनाव: मोदी की ‘आएंगे तो योगी ही’ से अलग नितिन गडकरी की लाइन

UttarPradesh
UP Assembly Elections 2022
Yogi Adityanath
Electricity bill
Electricity in UP
BJP
AKHILESH YADAV

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • indian student in ukraine
    मोहम्मद ताहिर
    यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती
    03 Mar 2022
    “हम 1 मार्च को सुबह 8:00 बजे उजहोड़ सिटी से बॉर्डर के लिए निकले थे। हमें लगभग 17 घंटे बॉर्डर क्रॉस करने में लगे। पैदल भी चलना पड़ा। जब हम मदद के लिए इंडियन एंबेसी में गए तो वहां कोई नहीं था और फोन…
  • MNREGA
    अजय कुमार
    बिहार मनरेगा: 393 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, 11 करोड़ 79 लाख की चोरी और वसूली केवल 1593 रुपये
    03 Mar 2022
    बिहार सरकार के सामाजिक अंकेक्षण समिति ने बिहार के तकरीबन 30% ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर बताया कि मनरेगा की योजना में 393 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितता पाई गई और 11 करोड़ 90 लाख की चोरी हुई जबकि…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 6,561 नए मामले, 142 मरीज़ों की मौत
    03 Mar 2022
    देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 14 हज़ार 388 लोगों अपनी जान गँवा चुके है।
  • Civil demonstration in Lucknow
    असद रिज़वी
    लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें
    03 Mar 2022
    युद्ध भले ही हज़ारों मील दूर यूक्रेन-रूस में चल रहा हो लेकिन शांति प्रिय लोग हर जगह इसका विरोध कर रहे हैं। लखनऊ के नागरिकों को भी यूक्रेन में फँसे भारतीय छात्रों के साथ युद्ध में मारे जा रहे लोगों के…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में 'अपर-कास्ट हिन्दुत्व' की दरार, सिमटी BSP और पिछड़ों की बढ़ी एकता
    03 Mar 2022
    यूपी चुनाव के छठें चरण मे पूर्वांचल की 57 सीटों पर गुरुवार को मतदान होगे. पिछले चुनाव में यहां भाजपा ने प्रचंड बहुमत पाया था. लेकिन इस बार वह ज्यादा आश्वस्त नहीं नज़र आ रही है. भाजपा के साथ कमोबेश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License