NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फेक्ट चेक: एम्स, नेहरू ने नहीं राजकुमारी अमृत कौर ने बनवाया?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश में दावा किया जा रहा है कि एम्स का निर्माण राजकुमारी अमृत कौर के राजघराने ने कराया है। जिसका श्रेय कांग्रेस और नेहरू ले रहे हैं। आइये, इस दावे की पड़ताल करते हैं। जानते हैं क्या है सच।
राज कुमार
24 Aug 2020
राजकुमारी अमृत कौर
राजकुमारी अमृता कौर (फाइल)

सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है “एम्स बनवाने का श्रेय चमचे नेहरू को देते हैं। जिस एम्स को बनवाने का श्रेय कांग्रेसी लेते हैं असल में उसे कपूरथला की राजकुमारी अमृत कौर ने बनवाया था।”

ट्वीटर, फेसबुक और वाट्सअप पर ये पोस्ट वायरल हो रही है। एम्स के निर्माण को लेकर, इस मामले की शुरुआत तब हुई जब अमित शाह एम्स में भर्ती हुए। पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. उदित राज ने उस वक्त ट्वीट किया कि “स्वागत है अमित शाह जी का एम्स में जिसे नेहरू ने बनवाया था।”

1_36.JPG

इस ट्वीट के बाद उदित राज को जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील प्रशांत पटेल उमराव ने भी एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा “AIIMS की स्थापना में नेहरू का रोई योगदान नहीं था, एम्स कपूरथला की राजकुमारी अमृत कौर अहलूवालिया ने बनवाया था...।” इसे यह ख़बर लिखे जाने तक 10.8 हज़ार लोगों ने लाइक किया और 4.8 हज़ार लोगों ने रिट्वीट किया।

2_36.JPG

इसके बाद ये संदेश फोटो और ग्राफिक आदि की शक्ल में भी फेसबुक और वाट्सअप पर वायरल होने लगा।

3_23.JPG

4_20.JPG

इन पोस्ट में जो दावा किया जा रहा है, उससे ऐसा लगता है कि एम्स का निर्माण राजकुमारी अमृत कौर के राजघराने ने कराया है। जिसका श्रेय कांग्रेस और नेहरू ले रहे हैं। आइये, इस दावे की जांच-पड़ताल शुरु करते हैं। सच्चाई जानने के लिए हमें पहले राजकुमारी अमृत कौर के बारे में जानना होगा।

कौन है राजकुमारी अमृत कौर?

राजकुमारी अमृत कौर सिर्फ एक राजघराने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि वे एक स्वतंत्रता सेनानी, कांग्रेस की सदस्य और भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री हैं। उनका संबंध कपूरथला के राजघराने से हैं। अमृत कौर आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय रही हैं और जेल भी गई है। अमृत कौर महात्मा गांधी से प्रभावित थी और 17 साल तक उनकी सचिव रही। अमृत कौर संविधान सभा की सदस्य भी रहीं हैं। जब देश आज़ाद हुआ तो नेहरू ने उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनने का प्रस्ताव पेश किया। देश की आज़ादी और देश के स्वास्थ्य ढांचे में अमृत कौर का योगदान अतुलनीय है। इनका देहांत 6 फरवरी 1964 को हुआ था। न्यूयॉर्क टाइम्स की ये आर्काइव्ड खबर देखें।

अमृत कौर के बारे में पाठकों को ज्यादा पढ़ना चाहिये और जानकारी हासिल करनी चाहिये। द प्रिंट का ये लेख और नई दुनिया का लेख आप पढ़ सकते हैं।

5_16.JPG

AIIMS खुद क्या कहता है?

नज़र डालते हैं AIIMS की ऑफिशियल वेबसाइट पर जहां एम्स की स्थापना के लिए तीन नामों का जिक्र हैं। एक जवाहर लाल नेहरू, दूसरा अमृत कौर और तीसरा सर जोसेफ भोर। जोसेफ, स्वास्थ्य सर्वे और विकास समिति के चेयरपर्सन थे। इस समिति ने 1946 में एम्स जैसे संस्थान को स्थापित करने की अनुशंसा की थी। साथ ही इस तरह के संस्थान को बनाने का सपना नेहरू और अमृत कौर का भी था। तो एम्स के मुताबिक, एम्स की स्थापना के पीछे सर जोसेफ भोर, नेहरू और अमृत कौर हैं।

Screen Shot 2020-08-21 at 2.20.38 PM.png

निष्कर्ष

वायरल संदेश में दावा किया जा रहा है कि एम्स की निर्माण में नेहरू और कांग्रेस का कोई योगदान नहीं है। ये दावा गलत है।

लेकिन, अच्छी बात ये हुई कि इस पोस्ट के कारण अमृत कौर के योगदान पर बात करने का मौका मिला। लेकिन दुखद ये है कि दक्षिणपंथी सोशल मीडिया यूजर, भजपा आइटी सेल और स्वयंसेवकों ने अमृत कौर की शख्सियत को छोटा करके पेश किया। उन्हें मात्र एक राजकुमारी तक ही सीमित कर दिया, जो गलत है।

गौरतलब है कि किसी भी संस्थान को निर्माण के पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं होता। उसके पीछे असंख्य लोग होते हैं। लेकिन ये भी सच्चाई है कि जब एम्स की स्थापना की गई उस वक्त प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे और स्वास्थ्य मंत्री अमृत कौर थी।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

fact check
Social Media
Viral post
AIIMS Hospital
Jawaharlal Nehru
indira gandhi
Congress
Rajkumari Amrit Kaur

Related Stories

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

पंजाब विधानसभा चुनाव: प्रचार का नया हथियार बना सोशल मीडिया, अख़बार हुए पीछे

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

पड़ताल: क्या टिकैत वाकई मीडिया को धमकी दे रहे हैं!

छत्तीसगढ़ की वीडियो की सच्चाई और पितृसत्ता की अश्लील हंसी

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने


बाकी खबरें

  • Mohan Bhagwat
    अनिल जैन
    संघ से जुड़े संगठन अपने प्रमुख मोहन भागवत की ही बातों को क्यों नहीं मानते?
    17 Dec 2021
    संघ प्रमुख की बातों के विपरीत अल्पसंख्यकों और दलितों पर हमले की जो घटनाएं होती हैं उसकी औपचारिक निंदा भी कभी संघ की ओर से नहीं की जाती है। आख़िर क्यों?
  • manikpur
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: बुंदेलखंड से पलायन जारी, सरकारी नौकरियों का वादा अधूरा
    17 Dec 2021
    बेहिसाब खराब मौसम ने इस क्षेत्र में कृषि को अव्यवहारिक या नुकसान का सौदा बना दिया है, जियाके कारण नौकरियों की तलाश में युवाओं का बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र से पलायन कर रहा जो चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,447 नए मामले, ओमिक्रॉन से अब तक 87 लोग संक्रमित 
    17 Dec 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 47 लाख 26 हज़ार 49 हो गयी है।
  • Hindutva
    अशोक कुमार पाण्डेय
    हिंदू दक्षिणपंथियों को यह पता होना चाहिए कि सावरकर ने कहा था "हिंदुत्व हिंदू धर्म नहीं है"
    17 Dec 2021
    उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि जैसे ही सावरकर ने हिंदुओं को 'अपने आप में एक राष्ट्र' कहा था, तो वे जातीय-धार्मिक आधार पर दो राष्ट्रों के सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले पहले व्यक्ति बन गये थे।
  • bank strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    निजीकरण के खिलाफ़ बैंक कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल
    16 Dec 2021
    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ 16 दिसंबर से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर है । इसके तहत देशभर में बैंक कर्मी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License