NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
फेसबुक ने भाजपा नेता टी. राजा सिंह को किया प्रतिबंधित
फेसबुक ने हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाली सामग्री से जुड़ी अपनी नीतियों का उल्लंघन करने के मामले भाजपा नेता टी. राजा सिंह को अपने मंच और ‘इंस्टाग्राम’ पर प्रतिबंधित कर दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Sep 2020
टी. राजा सिंह

नई दिल्ली: घृणा भरे भाषणों से निपटने के तौर-तरीकों को ले कर आलोचनाओं का सामना कर रही फेसबुक ने हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाली सामग्री से जुड़ी अपनी नीतियों का उल्लंघन करने के मामले भाजपा नेता टी. राजा सिंह को अपने मंच और ‘इंस्टाग्राम’ पर प्रतिबंधित कर दिया है।

फेसबुक के एक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए जारी किए एक मेल में कहा, ‘हमारी नीति हिंसा को बढ़ावा देने या हिंसा में संलग्न होने वालों की हमारे मंचों पर उपस्थिति प्रतिबंधित करने की हमारी नीति रही है और इसका उल्लंघन करने पर हमने राजा सिंह को फेसबुक पर प्रतिबंधित कर दिया है।’

बयान के अनुसार संभावित उल्लंघनों का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया व्यापक है और इसके जरिए फेसबुक ने भाजपा नेता का अकाउंट हटाने का निर्णय किया। गौरतलब है कि हाल ही में ‘बीबीसी’, ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’, ‘रॉयटर्स ’ और ‘टाइम मैगजीन’ ने खबरें प्रकाशित की थीं, जिनमें दावा किया गया था कि फेसबुक की भारतीय इकाई के कुछ पदाधिकारियों ने भाजपा को फायदा पहुंचाया है। इसके बाद से फेसबुक सवालों के घेरे में है।

भारत में 30 करोड़ से अधिक लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि फेसबुक के कर्मचारी चुनावों में लगातार हार का सामना करने वाले लोगों तथा प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को ‘गाली’ देने वालों का समर्थन कर रहे हैं।

कांग्रेस के आरोपों पर फेसबुक ने कहा : हम निष्पक्ष हैं, घृणा को खारिज करते हैं

भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कथित तौर पर दखल देने से जुड़े विवाद में घिरे फेसबुक ने कांग्रेस पार्टी से कहा है कि वह एक निष्पक्ष मंच है और सभी तरह की घृणा एवं कट्टरता को खारिज करता है तथा वह एक ऐसे मंच के तौर बने रहने का प्रयास करता है जहां लोग खुलकर अपनी भावनाएं प्रकट कर सकें। कांग्रेस ने अपनी ओर से उठाई गई चिंताओं के जवाब में आए फेसबुक के पत्र को जारी किया है। फेसबुक के जवाबी पत्र पर एक सितंबर की तारीख है।

फेसबुक के निदेशक (पब्लिक पॉलिसी, ट्रस्ट एंड सेफ्टी) नील पॉट्स ने इस पत्र में कहा है कि सोशल मीडिया कंपनी ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए भेदभाव के आरोपों को गंभीरता लिया है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह निष्पक्ष बना रहे और उच्चतम स्तर की ईमानदारी को बनाए रखने को वह प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि इस सोशल मीडिया कंपनी की भारतीय शाखा भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सामाजिक तानेबाने में दखल दे रही है तथा नफरत भरे भाषण के नियमों के संदर्भ में सत्तारूढ़ भाजपा के सदस्यों के प्रति इसका नरम रुख है। पार्टी ने अमेरिकी अखबार ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ और पत्रिका ‘टाइम’ की खबरों का हवाला देते हुए जुकरबर्ग को पत्र लिखा था। इन दोनों प्रकाशनों ने अपनी खबरों में फेसबुक पर पक्षपात और भाजपा के साथ निकटता का दावा किया था।

कांग्रेस फेसबुक के मुद्दे को पिछले कुछ हफ्तों से लगातार उठा रही है और भाजपा पर हमले बोल रही है। उधर, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी जुकरबर्ग को तीन पृष्ठों का पत्र लिखकर कहा कि फेसबुक के कर्मचारी चुनावों में लगातार हार का सामना करने वाले लोगों तथा प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को कथित ‘अपशब्द’ कहने वालों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फेसबुक इंडिया टीम में बैठे लोग पक्षपात के मामलों की शिकायत के बावजूद कोई जवाब नहीं देते।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ

Facebook
instagram
T. Raja Singh
Hate Post
Hate Crime
BJP

Related Stories

बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

पंजाब विधानसभा चुनाव: प्रचार का नया हथियार बना सोशल मीडिया, अख़बार हुए पीछे

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

वे कौन लोग हैं जो गोडसे की ज़िंदाबाद करते हैं?

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”


बाकी खबरें

  • बिहार में ज़हरीली हवा से बढ़ी चिंता, पटना का AQI 366 पहुंचा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में ज़हरीली हवा से बढ़ी चिंता, पटना का AQI 366 पहुंचा
    24 Nov 2021
    सोमवार को बिहार के कटिहार का एयर क्वालिटी इंडेक्स 386 था जबकि पूर्णिया का 384, वहीं सिवान का 381, जबकि दरभंगा का 369 दर्ज किया गया था।
  • Communalism
    बी सिवरामन
    सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?
    24 Nov 2021
    क्या भाजपा शासित पांच राज्यों में तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर असंबद्ध मुद्दों पर अचानक सांप्रदायिक उछाल महज एक संयोग है या उनके पीछे कोई साजिश थी?
  • अमेय तिरोदकर
    क़रीब दिख रही किसानों को अपनी जीत, जारी है 28 नवंबर को महाराष्ट्र महापंचायत की तैयारी
    24 Nov 2021
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विवादित कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बावजूद, किसानों अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए दृढ़ निश्चय कर चुके हैं। शाहपुर के दत्तात्रेय शंकर महात्र
  •  "Ceasefire announced by the government, our struggle will continue
    ओंकार सिंह
    “संघर्ष विराम की घोषणा सरकार की, हमारा संघर्ष जारी रहेगा”
    24 Nov 2021
    किसान आंदोलन की एक ख़ासियत यह रही कि विभिन्न संगठन अपने अलग-अलग झंडों के साथ शामिल हुए। जिसको लेकर कहीं कोई ऐतराज नहीं रहा और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती रही। लखनऊ महापंचायत में इस विविधता और उसकी…
  • cartun
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: किताबों की राजनीति, राजनीति की किताब
    24 Nov 2021
    राजनीति में समय का बहुत महत्व है। और दोनों किताब वाकई भाजपा के हिसाब से ‘समय पर’ ही आईं हैं!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License