NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
फेक्ट चेक : फ़र्ज़ी वीडियो पहले शाहीन बाग़ और अब कोरोना के संबंध में वायरल
वीडियो की पड़ताल करने पर पाया गया कि इस वीडियो में जो दावा किया जा रहा है वो झूठा है। वीडियो का कोरोना और ग़रीबों की राहत सामग्री से कोई संबंध नहीं है।
राज कुमार
17 Apr 2020
fact check

ग़रीबों के राहत कार्य में जुटे मुसलमान कोरोना वायरस फैला रहे हैं। इस दावे के साथ एक वीडियो वायरल किया जा रहा है।

Screen Shot 2020-04-16 at 2.27.10 PM.png

ये वीडियो भारतीय हिंदू सेना के फेसबुक पेज पर 11 अप्रैल 2020 को सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर अपलोड किया गया है। वीडियो को इस लिंक पर आप देख सकते हैं। अकेले इसी अकाउंट पर इसे 12,000 से ज्यादा लोगों ने देखा है और 300 से ज्यादा लोगों ने शेयर किया है। इस अकाउंट के अलावा अन्य फेसबुक पेज और अकाउंट से भी इस वीडियो को वायरल किया जा रहा है।

 quicksquarenew_0.jpg

 quicksquarenew (1).jpg

 quicksquarenew (2).jpg

 quicksquarenew (3).jpg

जब इस वीडियो को कीफ्रेम में तोड़कर रिवर्स इमेज सर्च किया गया तो पता चला कि ये वीडियो 15 दिसंबर 2018 को Basheer Bahrain नाम के यूट्यूब चैनल पर पब्लिश किया गया था। इसे आप इस लिंक पर देख सकते हैं।

Screen Shot 2020-04-16 at 3.13.33 PM.png

यहीं पर मतलब साफ हो जाता है कि ये एक पुराना वीडियो है जिसका कोरोना की फिलहाल की परिस्थितियों से कोई संबंध नहीं है। वीडियो के बारे में यूट्यूब चैनल पब्लिशर ने वीडियो के कमेंट सेक्शन में जो बताया है उसका स्क्रीनशाट नीचे दिया गया है।

Screen Shot 2020-04-16 at 3.43.49 PM.png
वीडियो की जांच के दौरान ये भी पता चला कि इस वीडियो को शाहीन बाग़ के आंदोलन के दौरान भी वायरल किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि गैर मुसलमानों को थूक वाली बिरयानी खिलाई जा रही है। इसे आप इस लिंक पर देख सकते हैं। Hindutav2 
नाम के यूट्यूब चैनल पर इसे 21 जनवरी 2020 को पब्लिश किया गया था। शीर्षक था

Screen Shot 2020-04-16 at 3.50.52 PM (1).png
“शाहीन बाग में बांटी जा रही बिरयानी का सच”।

फेसबुक पर Vedika Vedpathee अकाउंट पर भी इसे 21 जनवरी को शाहीन बाग़ के संदर्भ में डाला गया। जहां से 623 लोगों ने इसे साझा किया गया था।

Screen Shot 2020-04-16 at 3.54.35 PM.png
जिसे आप इस लिंक पर देख सकते हैं।

Screen Shot 2020-04-16 at 3.47.59 PM.png

वीडियो की पड़ताल करने पर पाया गया कि इस वीडियो में जो दावा किया जा रहा है वो झूठा है। वीडियो का कोरोना और ग़रीबों की राहत सामग्री से कोई संबंध नहीं है। इस वीडियो को फर्ज़ी सूचनाओं के साथ दो बार वायरल किया गया। पहली बार जनवरी में शाहीन बाग़ के संबंध में और दूसरी बार अप्रैल में कोरोना के संबंध में।

पाठकों से अपील है कि फेक न्यूज़ से सावधान रहें। किसी भी ऐसे पोस्ट, फोटो और वीडियो आदि को साझा और फार्वर्ड न करें जिसकी सत्यता की पुष्टि न हो।

(राज कुमार स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं।)

इसे भी पढ़ें : फेक्ट चेक: प्रयागराज में तबलीग़ी जमात पर टिप्पणी करने पर युवक की हत्या!

इसे भी पढ़ें : फेक्ट चेक : मरकज़ के नाम से फ़र्ज़ी फोटो वायरल

fact check
Fake video
Coronavirus
COVID-19
Shaheen Bagh
Communal Hate
Hate politics
muslim hate
Religion Politics
Social Media
viral video

Related Stories

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

पड़ताल: क्या टिकैत वाकई मीडिया को धमकी दे रहे हैं!

छत्तीसगढ़ की वीडियो की सच्चाई और पितृसत्ता की अश्लील हंसी

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

जिसे कांग्रेस की ‘COVID टूलकिट’ बताया जा रहा है, वो जाली लेटरहेड पर बनाया गया डॉक्युमेंट है

महामारी की दूसरी लहर राष्ट्रीय संकट, इंटरनेट पर मदद मांगने पर रोक न लगाई जाए : उच्चतम न्यायालय


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License