NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हाउथी और सरकार समर्थक सैनिकों के बीच यमन के मारिब में लड़ाई तेज़
मारिब और इसके आसपास का तेल क्षेत्र देश के उत्तर में सऊदी समर्थित यमनी सरकार के नियंत्रण में अभी भी अंतिम महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसके अधिकांश क्षेत्रों पर हाउथी का नियंत्रण है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Apr 2021
हाउथी और सरकार समर्थक सैनिकों के बीच यमन के मारिब में लड़ाई तेज़

मिडिल ईस्ट आई की 25 अप्रैल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हाउथी द्वारा यमनी शहर मारिब पर नियंत्रण बढ़ाने के क्रम में यमन में विद्रोही हाउथी मिलिशिया और सऊदी और पश्चिम समर्थित गठबंधन सेना के बीच लड़ाई में लगभग 65 लड़ाके मारे गए हैं।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि निरंतर तेज लड़ाई और हिंसा से इस क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों का बड़े पैमाने पर विस्थापन हो सकता है और अन्य परेशानियों का सामना कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनसीएचआर) के अनुसार 2021 की शुरुआत से ही 13,600 यमनी नागरिक (2,272 परिवार) विस्थापित हो चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक हाउथी ने उत्तरपश्चिम में कसार युद्ध क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है और पश्चिमी रेखा पर भी आगे बढा है। मारिब से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित अल मिल क्षेत्र और इसके शहरी व आबादी वाले क्षेत्रों की ओर ये लड़ाई मुड़ गई है।

मारिब देश के उत्तर में राष्ट्रपति अब्दु रब्बू मंसूर हादी की यमनी सरकार का अंतिम शेष गढ़ है जो आसपास के तेल क्षेत्रों के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। मारिब देश के अन्य हिस्सों से लगभग 1 मिलियन आंतरिक रूप से विस्थापित यमनियों का निवास स्थल है जिन्हें वहां शरण लेने के लिए मजबूर किया गया है।

यमनी सरकार के मिलिट्री अटॉर्नी जनरल मेजर जनरल अब्दुल्ला अल-हदीरी मारे गए उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें मारिब शहर के पश्चिम में अल-मसजाह में मारा गया था। अल-हदीरी को "ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह की निगरानी में एक सशस्त्र आतंकवादी संगठन बनाने और गुप्त रुप से विद्रोह के लिए" शीर्ष हाउथी नेता अब्दुल्ला अल हाउथी और 174 अन्य हाउथी सदस्यों से मिलने के लिए जाना जाता है। ईरान और हिजबुल्ला ने यमन में हस्तक्षेप से लगातार इनकार किया है।

युद्ध में हताहतों की संख्या में इजाफा करते हुए यूएनएचआरसी ने उन नागरिकों की संख्या पर विशेष चिंता व्यक्त की है जो इस गोलीबारी की चपेट में आ रहे हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं। यूएन का कहना है कि मार्च के महीने में 40 नागरिकों की मौत हुई थी जिनमें विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी बस्तियों में से 13 शामिल लोग थे। ये आंकड़ा 2018 के बाद से मारिब में एक महीने में सबसे ज्यादा है।

houthi
yemen
Houthi soldiers

Related Stories

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद

यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है

यमन के लोगों ने सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया, युद्ध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया

यमन की नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग को लेकर अमेरिकी कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल

यमन के लोगों ने यूएस ड्रोन हमले को लेकर जर्मनी को ज़िम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दायर किया

युद्ध विराम की सहमति से पहले वायु व समुद्री नाकेबंदी हटाने की हौथी की मांग

यमनः आर्थिक संकट को लेकर अदन में राष्ट्रपति भवन में घुसे लोग


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License