NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा - लहसुन-प्याज नहीं खाती... इसलिए चिंता न करें
सांसद सुप्रिया सुले के सवाल, 'क्या आप प्याज खाती हैं ?'  पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, '‘मैं बहुत ज्यादा प्याज-लहसुन नहीं खाती…इसलिए चिंता न करें। मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जहां प्याज से मतलब नहीं रखते'. भले ही यह वित्त मंत्री का सीधा जवाब हो फिर भी इस जवाब से वित्त मंत्री के बेरुखी का पता चलता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Dec 2019
nirmala sitaraman
Image courtesy: India Today

वित्त मंत्री सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि वे प्याज और लहसुन नहीं खातीं। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने सीतारमण से पूछा था कि क्या वे प्याज खाती हैं? इस पर वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जहां प्याज-लहसुन से मतलब नहीं रहता। मैं भी इनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं करती। मेरा परिवार शुद्ध शाकाहारी है, फिर भी प्याज की बढ़ती कीमतों का मसला देखूंगी।’’

सुप्रिया ने लोकसभा में कहा था, ‘‘प्याज का उत्पादन काफी निचले स्तर पर आ गया? हम चावल और दूध समेत अन्य चीजों का भारी मात्रा में निर्यात करते हैं। प्याज उत्पादन करने वाले किसान बहुत कम हैं। वास्तव में उन्हें सहायता देने की आवश्यकता है।’’ वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर राज्यसभा में कामकाज रोको प्रस्ताव दिया था।

‘मैं ऐसे समूह का हिस्सा रही हूं, जो बाजार पर नजर रखते हैं’

सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं 2014 से कुछ ऐसे मंत्रियों के ग्रुप का भी हिस्सा रही हूं, जो प्याज के बाजार में उतार-चढ़ाव पर नजर रखते हैं। कई बार प्याज का उत्पादन कम होता है। तब हमने उन लोगों को भी सहायता दी है, जो प्याज का आयात करना चाहते हैं। हमने निर्यातकों के लिए भी रातों-रात 5 से 7% तक की सहायता के आदेश को मंजूरी दी है।’’

आगे उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाये हैं, जिनमें इसके भंडारण से जुड़े ढांचागत मुद्दों का समाधान निकालने के उपाय शामिल हैं।

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ‘प्याज के भंडारण से कुछ ढांचागत मुद्दे जुड़े हैं और सरकार इसका निपटारा करने के लिए कदम उठा रही है।’

उन्होंने कहा कि खेती के रकबे में कमी आई है और उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है लेकिन सरकार उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठा रही है।

सीतारमण ने कहा कि प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरता कोष का उपयोग किया जा रहा है. इस संबंध में 57 हजार मीट्रिक टन का बफर स्टाक बनाया गया है. इसके अलावा मिस्र और तुर्की से भी प्याज आयात किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और राजस्थान के अलवर जैसे क्षेत्रों से दूसरे प्रदेशों में प्याज की खेप भेजी जा रही है। 

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Nirmala Sitharaman
cost of onions
Onion Crisis
Garlic
NCP
Supriya Sule

Related Stories

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग

महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  

5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल

केंद्रीय बजट 2022-23 में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के पीछे का सच

विशेषज्ञों के हिसाब से मनरेगा के लिए बजट का आवंटन पर्याप्त नहीं

स्वास्थ्य बजट: कोरोना के भयानक दौर को क्या भूल गई सरकार?

बजट 2022: गांव और किसान के प्रति सरकार की खटकने वाली अनदेखी

प्रोग्रेसिव टैक्स से दूर जाती केंद्र सरकार के कारण बढ़ी अमीर-ग़रीब के बीच असमानता


बाकी खबरें

  • jammu and kashmir
    लव पुरी
    जम्मू-कश्मीर में आम लोगों के बीच की खाई को पाटने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं
    17 Mar 2022
    इन भाषाई एवं जातीय रूप से विविध क्षेत्र की अपनी विशिष्ट समस्याएं हैं, जिनके लिए अनुकूलित विशेष पहल की दरकार है, जिन पर लगता है कोई भी काम नहीं कर रहा है। 
  • अरुण कुमार त्रिपाठी
    केजरीवाल के आगे की राह, क्या राष्ट्रीय पटल पर कांग्रेस की जगह लेगी आप पार्टी
    17 Mar 2022
    मोदी-आरएसएस से सीधे भिड़े बिना कांग्रेस को निपटाती आप पार्टी, क्या एक बार फिर केजरीवाल की ‘अस्पष्ट’ विचारधारा के झांसे में आएगा देश?
  • राहुल कुमार गौरव
    ग्राउंड रिपोर्ट: कम हो रहे पैदावार के बावजूद कैसे बढ़ रही है कतरनी चावल का बिक्री?
    17 Mar 2022
    विश्व में अपनी स्वाद और जिस खुशबू के लिए कतरनी चावल को प्रसिद्धि मिली। आज उसी खुशबू का बिजनेस गलत तरीके से किया जा रहा है। कतरनी चावल जैसे ही महीन चावल में सुगंधित इत्र डालकर कतरनी के नाम पर बेचा जा…
  • अनिल अंशुमन
    ‘बिहार विधान सभा पुस्तकालय समिति’ का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर वामपंथ के माले विधायक ने रचा इतिहास
    17 Mar 2022
    ‘पुस्तकालय-संस्कृति’ विकसित कर ‘शिक्षा में क्षरण’ से निजात पाने के जन अभियान का दिया प्रस्ताव
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़: आदिवासियों के फ़र्ज़ी एनकाउंटर वाले एड़समेटा कांड को 9 साल पूरे, माकपा ने कहा दोषियों पर दर्ज हो हत्या का मामला 
    17 Mar 2022
    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले स्थित एड़समेटा गांव में,  पुलिस गोलीबारी के दौरान चार नाबालिग समेत 8 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने इस नक्सली ऑपरेशन के तौर पर पेश किया था, परन्तु अब जाँच रिपोर्ट आई जिसने साफ…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License