NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
शी यात्रा : चीनी पर्यटकों के लिये ई-वीजा की सुविधा में पांच साल का विस्तार
भारत पहले से ही चीनी पर्यटकों को ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। फिर भी, चीनी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा नहीं हुआ है। पिछले साल सिर्फ ढाई लाख चीनी सैलानी भारत आये थे जबकि भारत से साढ़े सात लाख पर्यटक चीन गये थे।
भाषा
12 Oct 2019
chines tourist
फोटो साभार : सीएनबीसी

बीजिंग: अधिक से अधिक चीनी पर्यटकों को आकर्षित करने की मुहिम के तहत भारत ने चीनी पर्यटकों के लिये ई-वीजा के नियमों में ढील दी है। यह घोषणा ऐसे समय में की गयी है जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भारत यात्रा पर आये हुए हैं। यहां भारतीय दूतावास ने शनिवार को यह जानकारी दी।

शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी दूसरी अनौपचारिक बैठक के लिये शुक्रवार को तमिलनाडु के ऐतिहासिक तटीय शहर मामल्लापुरम पहुंचे थे।

दूतावास की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भारत ने चीनी सैलानियों के लिये एकाधिक प्रवेश सुविधाओं के साथ पांच साल के टूरिस्ट ई-वीजा की घोषणा की।

इसके अनुसार, ‘‘यह अपेक्षित है कि चीनी नागरिकों के लिये इस एकपक्षीय ई-टूरिस्ट वीजा को उदार बनाने से दोनों देशों के बीच लोगों का लोगों से संपर्क बढ़ेगा और इससे पर्यटन स्थल के तौर पर चीनी सैलानी भारत का चयन करने के लिये प्रोत्साहित होंगे।’’

भारत पहले से ही चीनी पर्यटकों को ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। फिर भी, चीनी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा नहीं हुआ है। पिछले साल सिर्फ ढाई लाख चीनी सैलानी भारत आये थे जबकि भारत से साढ़े सात लाख पर्यटक चीन गये थे।

अब फिर चीनी नागरिकों के लिये ई-वीजा सुविधा में ढील दी गयी है।

अधिकारियों ने यहां बताया कि भारत ने शुक्रवार को पांच वर्षीय ई-सुविधा में चीनी नागरिकों को शामिल करने की घोषणा की, जो कई देशों के पर्यटकों को दी जाती है।

विज्ञप्ति के अनुसार पांच वर्षीय एकाधिक प्रवेश के लिये वीजा शुल्क 80 अमेरिकी डॉलर होगा।

इसके अलावा यह भी फैसला किया गया है कि संभावित सैलानी पहले से कम दर यानी 25 अमेरिकी डॉलर के वीजा शुल्क पर 30 दिन के एकल प्रवेश की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। अप्रैल से जून के समय यह वीजा शुल्क सिर्फ 10 अमेरिकी डॉलर होगा।

Xi Jingping
Narendera Modi
india-china
E-visa facility for Chinese tourists

Related Stories

बुमला : हिमाचल के ऊंचे इलाकों में भारत-चीन आमने-सामने

क्या भारत और चीन की फिर कभी जुगलबंदी होगी?

लद्दाख गतिरोध: नज़रिये में प्रगति?

असहयोग आंदोलन : जनता के विरोध के हक़ का प्रतीक

कार्टून क्लिक: ओह, सॉरी ग़लती से मिस्टेक हो गई!

हिंदूवादी संगठनों का नैरेटिव और देशभक्ति पाकिस्तान भरोसे!

चीन सीमा पर गतिरोध का मुख्य कारण मोदी सरकार का कुप्रबंधन: सोनिया गांधी

भारत एक मौज: नूडल्स पर प्रतिबंध और बहिष्कार

गलवान की गफ़लत बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा पर सियासत नहीं!

गुतारेस ने भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचने की अपील की


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License