NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला तिहाड़ जेल से रिहा
चौटाला को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में 2013 में जेल की सजा हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण वह 26 मार्च 2020 से आपात पैरोल पर थे और उन्हें 21 फरवरी 2021 को आत्मसमर्पण करना था।

भाषा
02 Jul 2021
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला तिहाड़ जेल से रिहा

नयी दिल्ली: हरियाणा के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दस वर्ष की कैद की सजा काट रहे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तिहाड़ जेल से शुक्रवार को रिहा कर दिया गया।

जेल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चौटाला (86) पैरोल पर रिहा थे और शुक्रवार को वह औपचारिकताएं पूरी करने के लिए तिहाड़ जेल पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

महानिदेशक (दिल्ली कारागार) संदीप गोयल ने बताया,‘‘जरूरी औपचारिकताओं के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।’’ पिछले माह दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी किया था और कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जेलों में भीड़-भाड़ कम करने के लिए ऐसे कैदियों को छह माह की विशेष छूट दी थी जिन्होंने दस वर्ष की अपनी सजा के साढ़े नौ वर्ष पूरे कर लिए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि चूंकि चौटाला ने अपनी सजा के नौ वर्ष नौ माह पूरे कर लिए हैं, तो वह रिहा होने के हकदार हैं।

गौरतलब है कि चौटाला को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में 2013 में जेल की सजा हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण वह 26 मार्च 2020 से आपात पैरोल पर थे और उन्हें 21 फरवरी 2021 को आत्मसमर्पण करना था। एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने पहले बताया था कि उच्च न्यायालय ने उनकी पैरोल बढ़ा दी है।


चौटाला, उनके बेटे अजय चौटाला और 53 अन्य लोगों को वर्ष 2000 में 3,206 जूनियर बेसिक शिक्षकों की गैर कानूनी तरीके से भर्ती मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी।

जनवरी 2013 में सीबीआई की विशेष अदालत में इन सभी को अलग अलग अवधि की सजा सुनाई गई।

Haryana
OP Chautala
Tihar Jail

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा के बजट पर लोगों की प्रतिक्रिया 

हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली निगमों का निजीकरण "अलोकतांत्रिक" और "संघीय ढांचे के ख़िलाफ़"

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

कार्टून क्लिक: ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे?


बाकी खबरें

  • भाषा
    अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’
    09 May 2022
    अदालत ने कहा कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हुए घटनाक्रम और दंगे रोकने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका की जांच किए जाने की आवश्यकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,207 नए मामले, 29 मरीज़ों की मौत 
    09 May 2022
    राज्यों में कोरोना जगह-जगह पर विस्पोट की तरह सामने आ रहा है | कोरोना ज़्यादातर शैक्षणिक संस्थानों में बच्चो को अपनी चपेट में ले रहा है |
  • Wheat
    सुबोध वर्मा
    क्या मोदी सरकार गेहूं संकट से निपट सकती है?
    09 May 2022
    मोदी युग में पहली बार गेहूं के उत्पादन में गिरावट आई है और ख़रीद घट गई है, जिससे गेहूं का स्टॉक कम हो गया है और खाद्यान्न आधारित योजनाओं पर इसका असर पड़ रहा है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: एक निशान, अलग-अलग विधान, फिर भी नया इंडिया महान!
    09 May 2022
    क्या मोदी जी के राज में बग्गाओं की आज़ादी ही आज़ादी है, मेवाणियों की आज़ादी अपराध है? क्या देश में बग्गाओं के लिए अलग का़ानून है और मेवाणियों के लिए अलग क़ानून?
  • एम. के. भद्रकुमार
    सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति
    09 May 2022
    सीआईए प्रमुख का फ़ोन कॉल प्रिंस मोहम्मद के साथ मैत्रीपूर्ण बातचीत के लिए तो नहीं ही होगी, क्योंकि सऊदी चीन के बीआरआई का अहम साथी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License