NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की दिल्ली के अस्पताल में कोविड-19 से मृत्यु
दिल्ली कारा विभाग ने बताया कि, ‘‘दिल्ली जेल के कैदी मोहम्मद शहाबुद्दीन की मृत्यु के बारे में डीडीयू अस्पताल से सूचना मिली है। वह कोविड-19 से पीड़ित थे।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
01 May 2021
राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की दिल्ली के अस्पताल में कोविड-19 से मृत्यु
Image courtesy : The Indian Express

जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की शनिवार को यहां दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में मृत्यु हो गई।

दिल्ली कारा विभाग ने बताया कि हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे शहाबुद्दीन को 20 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

महानिदेशक (कारा) संदीप गोयल ने बताया, ‘‘दिल्ली जेल के कैदी मोहम्मद शहाबुद्दीन की मृत्यु के बारे में डीडीयू अस्पताल से सूचना मिली है। वह कोविड-19 से पीड़ित थे।’’
कारा अधिकारियों ने बताया कि उन्हें दो-तीन दिन पहले अस्पताल के सघन निगरानी कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

उन्होंने बताया कि सिवान के पूर्व सांसद तिहाड़ के उच्च सुरक्षा जेल नंबर दो में बंद थे।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में आप सरकार और जेल अधिकारियों को शहाबुद्दीन की उचित चिकित्सा देखभाल और निगरानी के निर्देश दिए थे।

बिहार के सिवान जिले की एक विशेष अदालत ने नौ दिसंबर 2015 को शहाबुद्दीन और उनके सहयोगी को 2004 के दोहरी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

दो भाईयों सतीश और गिरीश रौशन की अगस्त 2004 में कथित तौर पर रंगदारी देने से इंकार करने के लिए हत्या कर दी गई थी।

उनका तीसरा भाई राजीव रौशन, शहाबुद्दीन के लोगों द्वारा किए गए अपराध का गवाह था जिसे छह जून 2014 को अदालत में उनके खिलाफ गवाही देने जाने के समय रास्ते में हत्या कर दी गई।

शहाबुद्दीन एवं तीन अन्य को दोषी ठहराने एवं सजा दिए जाने को पटना उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय ने भी बरकरार रखा।

उच्चतम न्यायालय के 15 फरवरी 2018 के एक आदेश के बाद राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व नेता को तिहाड़ जेल में स्थानांतरित किया गया था।
डॉन से नेता बने शहाबुद्दीन की कानून के साथ कई अन्य अदावतें भी थीं।

वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकर्ता छोटे लाल गुप्ता के अपहरण मामले में भी दोषी थे। उन पर जेएनयू के पूर्व छात्र नेता चंद्रशेखर प्रसाद सहित कम्युनिस्ट पार्टी के 15 अन्य कार्यकर्ताओं की हत्या का भी आरोप था। उन पर हत्या और अपहरण के तीन दर्जन से अधिक मामले थे।
 
शहाबुद्दीन 1990 और 1995 में जीरादेई विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे।
 
बहरहाल छोटे लाल गुप्ता के अहपरण और लापता होने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया गया।

इसके बाद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने राजद के टिकटपर सिवान से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन वह हार गईं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहाबुद्दीन के निधन पर दुख जताया।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव ने भी संयुक्त बयान जारी कर पार्टी के पूर्व नेता के निधन पर शोक जताया है।

उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन के असामयिक निधन से राजद परिवार शोकाकुल है।

उनकी पार्टी राजद  ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि "समस्त राजद परिवार पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन साहब का कोरोना संक्रमण के कारण हुए असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करता है। ईश्वर शोकाकुल परिवार और शुभचिंतकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे। आपकी कमी हमेशा खलेगी। अल्लाह आपको जन्नत में आला मक़ाम दें।"

नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजश्वी यादव ने लिखा "पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का कोरोना संक्रमण के कारण असमय निधन की दुःखद ख़बर पीड़ादायक है। ईश्वर उनको जन्नत में जगह दें, परिवार और शुभचिंतकों को संबल प्रदान करें। उनका निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में राजद परिवार शोक संतप्त परिजनों के साथ है।"

shahabuddin
Shahabuddin passed away
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • एजाज़ अशरफ़
    दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान
    12 May 2022
    जाने-माने एक्टिविस्ट बताते हैं कि कैसे वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि किसी दलित को जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म और आस्था से परिभाषित किया जाना चाहिए।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,827 नए मामले, 24 मरीज़ों की मौत
    12 May 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में आज कोरोना के एक हज़ार से कम यानी 970 नए मामले दर्ज किए गए है, जबकि इस दौरान 1,230 लोगों की ठीक किया जा चूका है |
  • सबरंग इंडिया
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल
    12 May 2022
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ एमपी के आदिवासी सड़कों पर उतर आए और कलेक्टर कार्यालय के घेराव के साथ निर्णायक आंदोलन का आगाज करते हुए, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की।
  • Buldozer
    महेश कुमार
    बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग
    11 May 2022
    जब दलित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के दलित समुदाय में गुस्सा है।
  • Professor Ravikant
    न्यूज़क्लिक टीम
    संघियों के निशाने पर प्रोफेसर: वजह बता रहे हैं स्वयं डा. रविकांत
    11 May 2022
    लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ आरएसएस से सम्बद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता हाथ धोकर क्यों पड़े हैं? विश्वविद्यालय परिसरों, मीडिया और समाज में लोगों की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License