NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार के वकील ने हाईकोर्ट से कहा: सामान्य स्थिति होने तक अदालती दख़ल की ज़रूरत नहीं
भाजपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज करने के मामले में जवाब देने के लिए कोर्ट ने केंद्र और पुलिस को चार हफ्ते का समय दिया है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Feb 2020
Delhi High court

दिल्ली : सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बृहस्पतिवार को बताया कि उत्तर-पूर्व दिल्ली हिंसा के सिलसिले में 48 एफआईआर दर्ज की गई हैं और राष्ट्रीय राजधानी में स्थिति सामान्य होने तक न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

मेहता ने मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ को सूचित किया कि भाजपा के तीन नेताओं द्वारा कथित तौर पर दिए गए नफरत भरे भाषण को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दायर याचिका पर केंद्र और पुलिस को जवाब दाखिल करने की जरूरत है।
इसपर पीठ ने केंद्र और पुलिस को जनहित याचिका पर जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया। 

मेहता ने अदालत को सूचित किया कि सांप्रदायिक हिंसा में आगजनी, लूट और मौतों के सिलसिले में अभी तक 48 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। संशोधित नागरिकता कानून को लेकर ये हिंसा भड़की थी।

मेहता ने यह भी कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है और इसलिए इसे मामले में पक्षकार बनाया जाए जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी।

आपको बता दें कि इससे पहले कल, बुधवार को इस मामले की सुनवाई करने वाले जज न्यायमूर्ति मुरलीधर का तबादला कर दिया गया। हालांकि उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने कुछ दिन पहले ही उनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी, लेकिन इसे मानने में केंद्र सरकार ने बुधवार की उनकी सख्त टिप्पणियों के बाद ज़रा भी देर नहीं लगाई। 

दरअसल न्यायमूर्ति मुरलीधर ने दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए नफ़रत फैलाने वाले भाषणों को लेकर तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर ‘‘नाराज़गी’’ जताई थी। 

इसे पढ़ें : दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश मुरलीधर का तबादला

ऐसे समय में जब एक न्यायाधीश दिल्ली हिंसा की सुनवाई कर रहा है, उसके रातो-रात इस तरह तबादले किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Delhi Violence
Delhi High court
BJP
kapil MIshra
anurag thakur
Parvesh Verma
Hate Speech

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • ghazipur
    भाषा
    गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया
    30 Mar 2022
    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो दिन पहले गाजीपुर लैंडफिल साइट (कूड़ा एकत्र करने वाले स्थान) पर भीषण आगजनी के लिये बुधवार को डीपीसीसी को ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और घटना के…
  • paper leak
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित
    30 Mar 2022
    सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर परीक्षा का प्रश्न पत्र और हल किया गया पत्र वायरल हो गया था और बाजार में 500 रुपए में हल किया गया पत्र बिकने की सूचना मिली थी।
  • potato
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर आलू किसान
    30 Mar 2022
    पटनाः बिहार के कटिहार जिले के किसान राजेंद्र मंडल, नौशाद अली, मनोज सिंह, अब्दुल रहमान और संजय यादव इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने के बावजूद परेशान हैं और चिंतित हैं। जि
  • east west
    शारिब अहमद खान
    रूस और यूक्रेन युद्ध: पश्चिमी और गैर पश्चिमी देशों के बीच “सभ्य-असभ्य” की बहस
    30 Mar 2022
    “किसी भी अत्याचार की शुरुआत अमानवीयकरण जैसे शब्दों के इस्तेमाल से शुरू होती है। पश्चिमी देशों द्वारा जिन मध्य-पूर्वी देशों के तानाशाहों को सुधारवादी कहा गया, उन्होंने लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बरबाद…
  • Parliament
    सत्यम श्रीवास्तव
    17वीं लोकसभा की दो सालों की उपलब्धियां: एक भ्रामक दस्तावेज़
    30 Mar 2022
    हमें यह भी महसूस होता है कि संसदीय लोकतंत्र के चुनिंदा आंकड़ों के बेहतर होने के बावजूद समग्रता में लोकतंत्र कमजोर हो सकता है। यह हमें संसदीय या निर्वाचन पर आधारित लोकतंत्र और सांवैधानिक लोकतंत्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License