NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
सरकार ने बताया, 38 हजार स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं
देश में 2014 से स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है लेकिन 2021 में सरकार राज्यसभा में बता रही है कि देश भर में 38,408 स्कूलों और 2,86,310 आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय चालू स्थिति में नहीं हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2021
toilet shortage
Image courtesy : Deccan Herald

एक तरफ़ देश में स्वच्छ भारत अभियान का शोर है। 2014 से पीएम स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनवाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन वहीं दूसरी तरफ़ सरकार बता रही है कि 38 हज़ार स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है।  

सरकार ने सोमवार को कहा कि देश भर में 38,408 स्कूलों और 2,86,310 आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय चालू स्थिति में नहीं हैं।

जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश भर के 2,85,103 स्कूलों में हाथ धोने की सुविधा नहीं है।

उन्होंने कहा कि 6,50,481 स्कूलों में पेयजल के स्रोत हैंडपंप हैं जबकि 61,627 स्कूलों में पेयजल के स्रोत असंरक्षित कुएं हैं। उन्होंने कहा कि 82,708 स्कूल पेयजल के लिए संरक्षित कुओं पर निर्भर हैं। इसके अलावा 4,15,102 स्कूलों में पेयजल नल जल से मिलता है।

मंत्री ने बताया कि जिन 2,86,310 आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय की सुविधा नहीं है, उनमें 53,496 ऐसे केंद्र महाराष्ट्र में हैं जबकि ओडिशा में 40,444, राजस्थान में 29098 और असम में 22,819 ऐसे केंद्र हैं।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि जल जीवन मिशन अगस्त 2019 में शुरू किया गया था और तब से 5.37 करोड़ घरों में नल से पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मिशन के शुरू होने से पहले कुल 18.93 करोड़ घरों में से 3.23 करोड़ यानी 17 प्रतिशत घरों में नल से पानी के कनेक्शन थे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Toilet Shortage
Toilets in School
Government schools

Related Stories

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

वायु प्रदूषण: दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय 29 नवंबर से फिर खुलेंगे

स्कूल तोड़कर बीच से निकाल दी गई फोर लेन सड़क, ग्रामीणों ने शुरू किया ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान

कोविड-19: बिहार में जिन छात्रों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट नहीं, वे ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित

वॉल मैगजीन कैम्पेन: दीवारों पर अभिव्यक्ति के सहारे कोरोना से आई दूरियां पाट रहे बाल-पत्रकार 

शिक्षा के 'केरल मॉडल' को दूसरे राज्यों को भी क्यों फॉलो करना चाहिए?

भारत का एजुकेशन सेक्टर, बिल गेट्स की निराशा और सिंगापुर का सबक़

देश में करीब आधे सरकारी स्कूलों में बिजली और खेल के मैदान नहीं : संसदीय समिति

विशेष : भारत के एक गांव में एक शिक्षिका अलग से लगाती हैं संविधान की क्लास

एक देश और अलग-अलग स्कूलों में पल रही ग़ैर-बराबरी


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License