NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
अंतरराष्ट्रीय
सरकारें पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा मानें : प्रेस परिषदों का विश्व संघ
दुनिया भर से प्रमुख पत्रकारों ने देशों की सरकारों से कहा कि वे इस मुश्किल वक्त में पत्रकारों की सहायता के लिये आगे आए क्योंकि वे चिकित्सकों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की तरफ इस संकट से लड़ रहे हैं।
भाषा
04 May 2021
सरकारें पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा मानें : प्रेस परिषदों का विश्व संघ
Image courtesy : New Indian Express

नयी दिल्ली: दुनिया भर में प्रेस परिषदों और उस जैसे मीडिया संगठनों के निकाय प्रेस परिषदों के विश्व संघ (डब्ल्यूएपीसी) ने सरकारों का आह्वान कर कहा कि वो पत्रकारों को कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ रहे अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के तौर पर देखे।

एक बयान के मुताबिक, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डब्ल्यूएपीसी ने पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड रोधी टीका लगाए जाने की मांग की जिससे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए वे सुरक्षित रहें।

दुनिया भर से प्रमुख पत्रकारों ने देशों की सरकारों से कहा कि वे इस मुश्किल वक्त में पत्रकारों की सहायता के लिये आगे आए क्योंकि वे चिकित्सकों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की तरफ इस संकट से लड़ रहे हैं।

डब्ल्यूएपीसी अध्यक्ष, प्रख्यात स्तंभकार और नॉर्थ साइप्रस प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष, सुले आकरे ने एक वेबीनार में भारत में स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की जहां महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान कई पत्रकारों की जान गई।

ऑनलाइन बैठक में एशिया, यूरोप और अफ्रीका से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

डब्ल्यूएपीसी ने महामारी के दौरान जान गंवाने सभी पत्रकारों की मौत पर शोक जताते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया।

दैनिक भास्कर समूह के संपादक प्रकाश दुबे ने दिल्ली स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सेप्शन स्टडीज’ का हवाला देते हुए कहा कि भारत में एक अप्रैल 2020 से 28 अप्रैल 2021 के बीच कोविड-19 से करीब 101 पत्रकारों की मौत हो चुकी है।

World Federation of Press Councils
journalist
Corona warriors
WAPC

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

आशा कार्यकर्ताओं की मानसिक सेहत का सीधा असर देश की सेहत पर!

कोविड डयूटी पर लगे शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स  घोषित करे सरकार : माकपा

सरकार और मीडिया संस्थान रिपोर्टिंग के दौरान संक्रमित पत्रकारों की मदद करें : पीसीआई

कोरोना काल में डॉक्टर, नर्सों को झारखंड CM का तोहफा, मिलेगी एक महीने की एक्सट्रा सैलरी

यूपी:कोरोना काल में सेवा दे रहे इंटर्न डॉक्टरों को मिलता है केवल ₹250 प्रतिदिन

कोरोना महामारी के बीच नगर निगम डॉक्टरों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी

दिल्ली: तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर

महाराष्ट्र: कोरोना रक्षकों पर कहर जारी, अब तक 22 हज़ार से अधिक पुलिसकर्मी संक्रमित, 40 डॉक्टरों की मौत


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License