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ज्ञानवापी प्रकरणः 14 मई की सुबह आठ बजे से शुरू होगा मस्जिद का सर्वे, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष
वाराणसी के कलेक्टर कौशल राज शर्मा के मुताबिक शनिवार की सुबह 8 से 12 बजे के बीच ज्ञानवापी के सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। पुलिस कमिश्‍नर ए.सतीश गणेश ने दोनों पक्षों से शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
13 May 2022
Gyanvapi

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में शनिवार (14 मई) से सर्वे शुरू हो जाएगा। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की है। वाराणसी के सिविल जज (जूनियर डिविजनन) रवि कुमार दिवाकर की  अदालत ने मुस्लिम पक्ष के उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कोर्ट कमिश्‍नर हटाने के लिए आग्रह किया गया था। इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे रोकने की मांग को लेकर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।

वाराणसी के कलेक्टर कौशल राज शर्मा के मुताबिक 14 मई की सुबह 8 से 12 बजे के बीच ज्ञानवापी के सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। पुलिस कमिश्‍नर ए.सतीश गणेश ने दोनों पक्षों से शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है।

एक दिन पहले गुरुवार को वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में 17 मई के पहले दोबारा सर्वे शुरू करने का आदेश दिया था। अदालत ने अधिवक्ता कमिश्नर नहीं हटाने का फैसला सुनाते हुए कहा था बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने मस्जिद के चप्पे चप्पे की वीडियोग्राफी करने के आदेश देने के साथ ही दोनों तहखानों को खोल उसकी भी वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया है। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि जरूरत पड़ी तो ताला तोड़ दिया जाए। अदलत के इस फैसले से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है।

इससे पहले ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे रोकने की मांग को लेकर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ से दायर की गई याचिका में सर्वे पर फौरन रोक लगाने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि हम बिना कागजात देखे आदेश नहीं दे सकते।

18 अगस्त 2021 को कोर्ट में शुरू हुए इस विवाद के वादियों का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मां श्रृंगार गौरी, भगवान गणेश, हनुमान, आदि विश्वेश्वर, नंदीजी और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं हैं। ये सभी देवी-देवता प्लॉट नंबर 9130 पर मौजूद हैं जो काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से सटा है। वादी पक्ष की कोर्ट से मांग है कि मस्जिद की इंतजामिया कमिटी देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचा सकता है। हिंदू समुदाय को यहां दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाए। हिंदू पक्ष की याचिका में यह मांग भी की गई थी कि एक कमीशन गठित करके कोर्ट मस्जिद परिसर में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की मौजूदगी को सुनिश्चित करे। इसे लेकर ही कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति कर अदालत ने मस्जिद परिसर की कथित वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया था।

इसे भी पढ़ें : अयोध्या के बाबरी मस्जिद विवाद की शक्ल अख़्तियार करेगा बनारस का ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा?

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