NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
उत्पीड़न
कानून
शिक्षा
अंतरराष्ट्रीय
असुरक्षा और हिंसा के ख़िलाफ़ हैती के शिक्षक राष्ट्रीय हड़ताल पर
देश में व्याप्त असुरक्षा, हिंसा और उसे रोकने में सरकार की नाकामी के खिलाफ हैती में स्कूली शिक्षक एक सप्ताह की राष्ट्रीय हड़ताल पर चले गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
20 Apr 2021
haiti

देश में व्याप्त असुरक्षा, हिंसा और उसे रोकने में सरकार की नाकामी के खिलाफ हैती में स्कूली शिक्षक एक सप्ताह की राष्ट्रीय हड़ताल पर चले गए हैं।   हड़ताल 19 अप्रैल से शुरू हुई और 23 अप्रैल तक जारी रहेगी। हड़ताल का आह्वान ग्रुप फॉर फंडामेंटल टीचर्स फॉर रेनोवेटेड एजुकेशन थ्रू न्यू एण्ड सालिडैरीटी एक्शन्स (रेफेरन्स) ने राजधानी के पोर्ट-औ-प्रिंस के कर्रेफ़ौर कम्यून में इस हफ्ते मारे गए शिक्षक के परिवार के साथ एकजुटता में दिया था। शिक्षक संघ ने सभी सार्वजनिक और निजी शैक्षिक कर्मचारियों से हड़ताल का समर्थन करने के लिए आह्वान किया है।

हैती के शिक्षक तथ्यतः राष्ट्रपति जोवेनेल मोईज़ से माँग कर रहे हैं कि  मौजूदा असुरक्षा और हिंसा के वातावरण को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाएँ। वे 11 अप्रैल को राजधानी में क्रॉक्स-डेस-बुकेस कम्यून और उसके आसपास से अगवा किए गए 12 लोगों की, जिनमें पुरोहित वर्ग के सात सदस्य, पांच हैती मूल के और दो फ्रांसीसी नागरिक शामिल हैं, रिहाई की भी मांग कर रहे हैं। रेफेरन्स ने स्थिति में सुधार न होने पर अधिकारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

मोईज़ के पद छोड़ने से इनकार के कारण शुरू हुआ वर्तमान का सामाजिक-राजनीतिक संकट और संविधान में फेर-बदल की उनकी असंवैधानिक योजनाओं के बीच हैती में आपराधिक गिरोहों द्वारा अपहरण, हत्या, नरसंहार और बलात्कार में खतरनाक वृद्धि देखने को मिल रही है। मोईज़ के नेत्रत्व में प्रशासन अभी तक हालात पर काबू पाने में पूरी तरह से नाकाम रहा है। स्कूली छात्र और शिक्षक इन समूहों के मुख्य निशाने पर हैं।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2020 की आखिरी तिमाही के बाद से हैती में 73 बच्चे और महिलाएं सामूहिक हिंसा के शिकार हुए, जो पिछले वर्ष से 62% की वृद्धि है। इसके अतिरिक्त, हाईटियन ब्रिगेड फॉर प्रोटेक्शन फॉर माइनर्स (बीपीएम) के अनुसार, 2020 और 2021 के बीच कम से कम 31 बच्चों का अपहरण हो चुका है।

पिछले हफ्ते, 14, 15 और 16 अप्रैल को, मोईज़ के तानाशाही शासन को खत्म करने और देश में व्यापक असुरक्षा की स्थिति के लिए कईं विरोध प्रदर्शनों आयोजित किए गए थे। उच्च स्तर की असुरक्षा और उग्र हिंसा के संकट के बीच, पिछले हफ्ते, 14 अप्रैल को, प्रधान मंत्री जोसेफ जोथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

Haiti
teachers protest
civilian killings

Related Stories

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

बिहार : शिक्षा मंत्री के कोरे आश्वासनों से उकताए चयनित शिक्षक अभ्यर्थी फिर उतरे राजधानी की सड़कों पर  

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने वाले सैकड़ों शिक्षक सड़क पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

मोदी सरकार ने पूरे किए अपने वादे, बेरोज़गारी के आंकड़ों में दिखता विकास!

तानाशाही और साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ हैती में विरोध प्रदर्शन जारी

पश्चिम बंगाल: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पारा शिक्षक 70 दिनों से कर रहे हैं प्रदर्शन

जोवेनेेेल मोइसे की तानाशाही के ख़िलाफ़ हैती के लोगों का विरोध जारी


बाकी खबरें

  • केवल बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    14 Sep 2021
    हम कैसे समय में जी रहे हैं जहाँ हमसे एक ऐसी दुनिया में तर्कसंगत रहने की बात कही जाती है जहाँ केवल अव्यवस्था ही एकमात्र आदर्श है, युद्ध और बाढ़ के कारण अव्यवस्था, किसी-न-किसी महामारी के कारण अव्यवस्था।
  •  'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    प्रभात पटनायक
    'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    14 Sep 2021
    भारत में मोदी सरकार का अपना ही विचित्र एजेंडा है। हरेक चीज को एक माल में तब्दील कर देने का एजेंडा। कुछ भी पवित्र नहीं हैं, कुछ भी पूजनीय नहीं है, कुछ भी बाजार से ऊपर नहीं है, सब कुछ बिकाऊ है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
    14 Sep 2021
    संयुक्त किसान मंच ने सरकार को चेताया है कि अगर आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार बागवानों और किसानों के साथ मिलकर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो संयुक्त किसान मंच, अन्य संगठनों के साथ मिलकर 27 सितंबर…
  • इको गॉर्डन, लखनऊ में 10 सितंबर को युवाओं को सम्बोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
    लाल बहादुर सिंह
    युवा रोज़गार आंदोलन किसान-मज़दूर आंदोलन के साथ जुड़कर नवउदारवाद और फ़ासीवाद के लिए चुनौती बनेगा
    14 Sep 2021
    27 सितम्बर का भारत बन्द इस मिशन का अहम पड़ाव है। इसके अलावा मोदी जी के जन्मदिन 17 सितंबर को इस वर्ष भी युवाओं ने जुमला दिवस-बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    जूलियन इंजुगारट, एना डागोरेट
    अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    14 Sep 2021
    महामारी अपने साथ पहले से कहीं ज़्यादा ग़ैर-बराबरी और नाइंसाफ़ी लेकर आयी। लेकिन,ज़मीनी स्तर के आंदोलनों ने संघर्ष कर रहे लोगों को एकजुट किया, संगठित किया और उनके लिए खाने-पीने का इंतज़ाम किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License