NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिशा की ज़मानत पर सुनवाई, ग्रेटा ने मानवाधिकार का मुद्दा उठाया
जलवायु कार्यकर्ता दिशा फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और अदालत में उनकी ज़मानत पर सुनवाई है। इस बीच अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्वीडन की जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिशा रवि के समर्थन करते हुए लिखा है कि “अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का मानवाधिकार है।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Feb 2021
cartoon click

किसानों के समर्थन में टूलकिट साझा करने के मामले में आरोपी बनाई गई जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की ज़मानत याचिका पर आज सुनवाई है। इस बीच अदालत ने उन्हें कल तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

दिशा रवि की पांच दिन की रिमांड अवधि खत्म होने पर शुक्रवार को उन्हें पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जे.रवि के समक्ष पेश किया गया था। दिशा की ओर से पेश अधिवक्ता ने ज़मानत अर्जी पेश करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किला को पुलिस ने फर्जी मामले में फंसाया है। उन्होंने कहा कि उनकी क्लाइंट से पूछताछ पूरी हो चुकी है और उसने जांच में सहयोग किया है। ऐसे में ज़मानत स्वीकार की जाए।

जांच अधिकारी ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मामले में उसके सह-आरोपी-शांतनु मुकुल और निकिता जैकजकॉब-पूछताछ में शामिल हो रहे हैं और उनसे पूछताछ के बाद यदि जरूरत महसूस हुई तो आरोपी रवि को पुन: रिमांड ले सकती है।

आपको बता दें कि दिशा के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस और मीडिया को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि टूलकिट मामले में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के बारे में मीडिया में आई कुछ खबरें ‘सनसनीखेज और पूर्वाग्रह से ग्रसित रिपोर्टिंग’ की ओर संकेत करती हैं। हालांकि अदालत ने सुनवाई के इस चरण में इस तरह की सामग्री को हटाने का निर्देश देने से इंकार कर दिया।

उच्च न्यायालय ने मीडिया प्रतिष्ठानों से कहा कि लीक हुई जांच सामग्री को प्रसारित नहीं किया जाए क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह हलफनामा में दिए गए अपने इस रुख का पालन करे कि उसने जांच संबंधी कोई जानकारी प्रेस को लीक नहीं की और न ही उसका ऐसा कोई इरादा है।

अदालत ने साथ ही मीडिया प्रतिष्ठानों से कहा कि लीक हुई जांच सामग्री प्रसारित नहीं की जाए।

उधर, स्वीडन की जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने एकबार फिर दिशा रवि का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का मानवाधिकार है। इस मानवाधिकार पर कोई बहस नहीं की जा सकती है। इसे लोकतंत्र का मूल हिस्सा होना चाहिए। इसके साथ ही ग्रेटा थनबर्ग ने स्टैंड विद दिशा रवि Stand With Disha Ravi का हैशटैग भी लगाया।

Freedom of speech and the right to peaceful protest and assembly are non-negotiable human rights. These must be a fundamental part of any democracy. #StandWithDishaRavi https://t.co/fhM4Cf1jf1

— Greta Thunberg (@GretaThunberg) February 19, 2021

Disha Ravi
Greta Thunberg
Human Rights
Supreme Court
cartoon click
Irfan ka cartoon

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक


बाकी खबरें

  • सरोजिनी बिष्ट
    विधानसभा घेरने की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशाएं, जानिये क्या हैं इनके मुद्दे? 
    17 May 2022
    ये आशायें लखनऊ में "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन- (AICCTU, ऐक्टू) के बैनर तले एकत्रित हुईं थीं।
  • जितेन्द्र कुमार
    बिहार में विकास की जाति क्या है? क्या ख़ास जातियों वाले ज़िलों में ही किया जा रहा विकास? 
    17 May 2022
    बिहार में एक कहावत बड़ी प्रसिद्ध है, इसे लगभग हर बार चुनाव के समय दुहराया जाता है: ‘रोम पोप का, मधेपुरा गोप का और दरभंगा ठोप का’ (मतलब रोम में पोप का वर्चस्व है, मधेपुरा में यादवों का वर्चस्व है और…
  • असद रिज़वी
    लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश
    17 May 2022
    एडवा से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर सांप्रदायिकता और नफ़रत से दूर रहने की लोगों से अपील कर रही हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 43 फ़ीसदी से ज़्यादा नए मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए 
    17 May 2022
    देश में क़रीब एक महीने बाद कोरोना के 2 हज़ार से कम यानी 1,569 नए मामले सामने आए हैं | इसमें से 43 फीसदी से ज्यादा यानी 663 मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए हैं। 
  • एम. के. भद्रकुमार
    श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी
    17 May 2022
    यहां ख़तरा इस बात को लेकर है कि जिस तरह के राजनीतिक परिदृश्य सामने आ रहे हैं, उनसे आर्थिक बहाली की संभावनाएं कमज़ोर होंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License