NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
कितना गंभीर है कोरोनावायरस का ख़तरा
R0 की ऊंची दर और वैक्सीन न होने की स्थिति में इसके संक्रमण को आगे रोकने का अच्छा उपाय संक्रमित लोगों का जल्द पता लगाकर, उन्हें एकांत में रखा जाना है। उन्हें तब तक एकांत में रखा जाए, जबतक संक्रमण ख़त्म न हो जाए।
संदीपन तालुकदार
05 Mar 2020
coronavirus

COVID-19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वैश्विक महामारी घोषित किया जाना फ़िलहाल बाक़ी है। लेकिन इसके संक्रमण की दर बेहद चिंताजनक है। WHO रिपोर्ट्स के मुताबिक़, 2 मार्च तक चीन के अलावा दुनिया के 65 देशों में इस वायरस के मामलों की पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण कोरिया, इटली और ईरान हैं। दक्षिण कोरिया में अब तक कोरोनावायरस के 4,212 मामले सामने आए हैं। इनमें 476 नए मामले हैं। कुलमिलाकर द.कोरिया में 22 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

इटली में 561 नए मामलों समेत 1,689 लोगों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। वहीं 35 लोगों ने जान गंवाई है। ईरान में 385 नए मामलों के साथ-साथ, अब तक 978 लोगों में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहां 54 लोगों ने जान गंवाई है।

चीन के बाहर कोरोनावायरस के मामलों में उछाल को नीचे ग्राफ़ में बताया गया है। WHO द्वारा जारी किए गए यह आंकड़े 2 मार्च तक के हैं।

table 1.JPG

एक ओर यह वायरस नए देशों में फैल रहा है, तो दूसरी तरफ चीन में संक्रमण के मामलों में कमी आनी शुरू हो गई है। अगर हम पिछले एक महीने की बात करें, तो चीन में मंगलवार को सबसे कम संक्रमण के मामले सामने आए। कुल मिलाकर दो मार्च तक 125 नए मामलों का खुलासा हुआ और 31 लोगों की जान गई। अमेरिका में 6 नई मौतों की जानकारी सामने आई है। 

चीन और दूसरे देशों में इस महामारी की तुलना इस ग्राफ़ में की गई है। ग्राफ़ में पिछले 12 दिनों का अंतराल लिया गया है।

table 2.JPG

अब जब लग रहा है कि COVID-19 को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया जाएगा, तब हर देश को इसके लिए पहले से तैयारी और जल्द रोकथाम के प्रबंध करने चाहिए।

संक्रमण और इससे संबंधित चिंता फैलने के मामले में चीन द्वारा अपनाए गए मॉडल को लागू किया जा सकता है। COVID-19 पर बनाए गए ''WHO-चीन ज्वाइंट मिशन'' ने भी संक्रमण की रोकथाम के लिए अपनाए गए आक्रामक चीनी मॉडल की तारीफ की है। 

वैज्ञानिक तौर पर अपनाई गई इस पद्धति के तहत चीन ने संक्रमण के मामलों का पता लगाने और उनके संबंध में आए लोगों की जल्द खोज-बीन, संबंधित लोगों को बड़े स्तर पर एकांत में रखने की व्यवस्था शामिल है। यहां बताना जरूरी है कि जिस हुबेई प्रांत में यह वायरस पैदा हुआ था, उसे पूरी तरह लॉकडॉउन कर दिया गया, वहां चीन के लाखों लोग फंसे हुए हैं। लेकिन हुबेई में आम जनजीवन और स्वास्थ्य के लिए जरूरी सभी सेवाएं मुहैया कराई गई हैं।

''R0 या बेसिक रिप्रोड्क्शन नंबर''

R0 को ''आर नॉट'' या ''बेसिक रिप्रोडक्शन नंबर'' कहा जाता है। यह एक मात्रात्मक शब्दावली है, जिसके ज़रिए किसी बीमारी के संक्रमण स्तर को मापा जाता है। एक संक्रमित आदमी कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है, इसका प्रदर्शन ''आर नॉट'' के ज़रिए होता है। R0 जब एक से कम होता है, तो संक्रमण खत्म हो जाता है। अगर यह एक से ज्यादा होता है तो संक्रमण फैलता है। बड़े स्तर पर संक्रमण फैलाने वाले वॉयरस जैसे-खसरा या टीबी जैसी बीमारियों के बैक्टीरिया का R0 स्तर ज़्यादा होता है। खसरा का R0, 10 से 20 के बीच होता है। वहीं टीबी में यह आंकड़ा 10 होता है। 2013 में फैले कोरोनावायरस के एक दूसरे संक्रमण SARS का R0 3 के आसपास था।

इस नए कोरोनावायरस-COVID-19 का R0 करीब 4.08 है। इसका मापन ''चाइनीज़ एकेडमी ऑफ साइंसेज़ इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटोमेशन'' और ''यूनिवर्सिटी ऑफ चाइनीज़ एकेडमी ऑफ साइंस'' ने किया है। यह आंकड़ा WHO (1.4 से 2.5 के बीच) के अंदाज से ज्यादा है।

R0 की ऊंची दर और वैक्सीन न होने की स्थिति में इसके संक्रमण को आगे रोकने का अच्छा उपाय संक्रमित लोगों का जल्द पता लगाकर, उन्हें एकांत में रखा जाना है। उन्हें तब तक एकांत में रखा जाए, जब तक संक्रमण खत्म न हो जाए। साथ ही ''रेस्पीरेटरी सपोर्ट सिस्टम जैसे वेंटिलेटर्स और आईसीयू'' जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं को चाक-चौबंद रखा जाए।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

How Serious Is the Threat of Coronavirus

COVID-19
Pandemic Coronavirus
China Model in Fighting Coronavirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2 लाख से ज़्यादा नए मामले, 959 मरीज़ों की मौत
    31 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,09,918 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 13 लाख 2 हज़ार 440 हो गयी है।
  • Environment
    टिकेंदर सिंह पंवार
    कॉर्पोरेट के फ़ायदे के लिए पर्यावरण को बर्बाद कर रही है सरकार
    31 Jan 2022
    कई परियोजनाओं को बहुत तेज़ी से पर्यावरण मंज़ूरी दी जा रही है।
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो
    30 Jan 2022
    लोककवि रसूल मियां (1872-1952), गांव- जिगना मजार टोला, जिला- गोपालगंज, बिहार। कविता कोश के परिचय के अनुसार भोजपुरी के शेक्सपियर नाम से चर्चित भिखारी ठाकुर, नाच या नौटंकी की जिस परम्परा के लोक कलाकार…
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक टीम
    महात्मा गाँधी, सावरकर और गोडसे
    30 Jan 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन बात करते हैं इतिहासकार अशोक पांडे से। 30 जनवरी को गाँधी जी की हत्या कर दी गयी थी। ये दोनों गाँधी, सावरकर और गोडसे के बारे में चर्चा करते हैं और…
  • Buddhadev
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे पीछे: बुद्धदेब बाबू को पद्मभूषण क्यों? पेगासस पर फंस गई सरकार और अन्य
    30 Jan 2022
    'ख़बरों के आगे-पीछे' के इस अंश में बीते हफ़्ते ख़बरों की दुनिया में क्या कुछ हुआ, इस पर राय रख रहे हैं अनिल जैन।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License