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राजनीति
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कैसे आकाश में सुराख़ नहीं हो सकता : सातवाँ समाचार पत्र (2020)
बोलीविया में आने वाले 3 मई को चुनाव होने जा रहे हैं। इस चुनाव से पहले बोलीविया किस तरह की राजनीतिक उठापटक के दौर से गुजर रहा है? बोलीविया की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है? इस पर पढ़िए सामाजिक शोध संस्थान ट्राईकांटिनेंटल  का यह विशेलषण ।
ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
15 Feb 2020
बोलीविया
राउल मार्टिनेज, फूल और तारे, 1972

नवंबर 2019 में बोलिवियन सेना ने अप्रत्यक्ष रूप से अपने राष्ट्रपति इवो मोरालेस आयमा को इस्तीफा देने के लिए कहा। मोरालेस अंततः मैक्सिको चले गए और फिर अर्जेंटीना में शरण ली। जीनिन आनेज़, एक अति दक्षिणपंथी नेत्री जो किसी प्रकार से इस पद की उत्तराधिकारी नहीं थी, ने सेना, फासीवादी नागरिक समूहों और इंजील चर्च के समर्थन से सत्ता हासिल कर ली। आनेज़ ने कहा कि वो जल्द ही चुनाव कराएँगी, लेकिन खुद उस चुनाव में नहीं लड़ेंगी।

आनेज़ ने 3 मई को चुनाव रखे हैं। लेकिन अपने वादे के ख़िलाफ़, वो राष्ट्रपति पद के लिए खड़ी होंगी। चुनावी परिस्थितियाँ इतनी खराब हैं कि संयुक्त राष्ट्र ने सार्वजनिक रूप से देश में ‘बढ़ते ध्रुवीकरण' पर चिंता जतायी है। अंतरिम सरकार और उसके दक्षिणपंथी सहयोगियों द्वारा मोरालेस की पार्टी - समाजवाद के लिए आंदोलन (एम ए एस ) - और उसके समर्थकों को धमकाने और उनपर हिंसा करने के पर्याप्त सबूत हैं। हालांकि शुरुआती सर्वेक्षण एम ए एस  के उम्मीदवारों - लुइस एर्स कैटाकोरा (राष्ट्रपति) और डेविड चोकहुंका सेस्पेडेस (उप-राष्ट्रपति) - की जीत की ओर संकेत करते हैं लेकिन समाज में भय फैलाने और बोलिवियाई जनता के कुछ वर्गों को नागरिकता से वंचित करने जैसी भद्दी चालें भी चली जा रही हैं।

आनेज़ ने नवंबर के सहसाघात के बाद पूरी ताकत के साथ समाज का दम घोंटने की कोशिशें की, लेकिन एम ए एस के कार्यकर्तायों और संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ व कैथोलिक चर्च के दबाव ने बोलिवियाई सेना को वापिस सैन्यगार भेजने और हिंसा करने पर सेना को संरक्षण देने वाले निर्णय को वापिस लेने के लिए आनेज़ को मजबूर कर दिया। इसके बावजूद आनेज़ और उनके सहयोगियों का राज्य प्रणाली का इस्तेमाल कर एम ए एस  पर अत्याचार जारी है - 100 से अधिक एम ए एस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य 592 अधिकारियों को राजद्रोह और आतंकवाद जैसे आरोपों के तहत गिरफ़्त में लेने के लिए धमकाया जा रहा है। (मोरालेस भी इन आरोपों का सामना कर रहे हैं) । आनेज़ के 'आंतरिक मंत्री’ -आर्टुरो मुरिलो- ने चैपर को मताधिकार से हटाने की दरकार की है। चैपर एक ऐसा क्षेत्र है जो पूरी तरह से एम ए एस का समर्थन करता है।
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यूसेबीओ चोकुए, वालेमोस।

9 जनवरी को, अमेरिकी सरकार ने चुनाव में 'तकनीकी सहायता' के लिए एक यूएसएआईडी (USAID) टीम भेजने की पेशकश की है; मोरालेस ने 2013 में यूएसएआईडी को इस आधार पर निष्कासित कर दिया था कि वो उनकी सरकार को कमजोर करने का काम कर रहे थे। ‘तकनीकी सहायता’ चुनावों में हस्तक्षेप करने का ही तरीका है।

आनेज़ ने बोलिविया के सर्वोच्च निर्वाचन अधिकरण (TSE) का नेतृत्व सल्वाडोर रोमेरो को सौंपा है, जो 2003 से 2008 तक इसके पूर्व-प्रभारी रह चुके हैं। मोरालेस ने अपना पहला चुनाव जीतने के बाद रोमेरो से कहा कि उनका कार्यकाल बढ़ाया नहीं जाएगा। रोमेरो ने तुरंत ला पाज़ स्थित अमेरिकी दूतावास जाकर अमेरिकी राजदूत फिलिप गोल्डबर्ग को इसकी शिकायत की, मोरालेस ने 2008 में गोल्डबर्ग को बोलीविया से निष्कासित कर दिया (गोल्डबर्ग अब कोलंबिया में अमेरिकी राजदूत हैं)। और अमेरिका ने रोमेरो को होंडुरास में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संस्थान का प्रमुख नियुक्त कर दिया; ये संस्थान अमेरिकी शासक वर्ग की एक अर्ध-स्वतंत्र एजेंसी है, जो 'लोकतंत्र के प्रचार' का काम करती है - दूसरे शब्दों में कहें तो ये संस्थान बोलीविया और होंडुरास जैसे देशों में अमेरिका-समर्थक पूंजीवादी पार्टियों को स्थापित करने की दिशा में काम करता है। होंडुरास के 2009 में हुए राज-परिवर्तन के बाद पहले चुनाव में रोमेरो ने हिंसा को वैध बनाने का काम शुरू किया जिसके चलते 2013 के चुनाव में दक्षिणपंथी उम्मीदवार जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ की जीत हुई।
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मारिया अम्पारो पिनेडा डुटर्टे की तस्वीर।


2013 के मतदान से कुछ दिन पहले, नेशनल सेंटर ऑफ़ फार्मवर्कर्स (CNTC) के दो नेता- मारिया अम्पारो पिनेडा डुटर्टे और जूलियो रेमन मराडियागा- चुनाव प्रशिक्षण के बाद घर लौट रहे थे; वे वामपंथी लिबर पार्टी के समर्थक थे। उनका सर काट कर उन्हें मार दिया गया। मारिया की एक रिश्तेदार फ्लोरेंसिया लोपेज़ ने कहा, ‘वे वो लोग हैं जिन्हें भुला दिया गया'। लेकिन हमने उन्हें याद रखा है। वो होंडुरास और बोलीविया जैसे देशों के चुनावों में अमेरिका द्वारा संचालित ‘लोकतंत्र के प्रचार’ की स्मृति हैं।

ट्राइकांटिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान ने 3 मई के चुनाव की तरफ़ बढ़ते बोलीविया की स्थिति पर एक रेड अलर्ट जारी किया है। इसे यहाँ से डाउनलोड करें और व्यापक रूप से प्रसारित करें।
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रेड अलर्ट की तस्वीर

3 मई के चुनावी संदर्भ में बोलीविया में क्या हो रहा है?

10 नवंबर 2019 को बोलीविया में सत्ता-परिवर्तन हुआ। बोलिवियाई सशस्त्र सेना के कमांडर-इन-चीफ ने राष्ट्रपति इवो मोरालेस से इस्तीफा देने के लिए कहा। पुलिस की अवज्ञा पहले से ही शुरू हो चुकी थी, समाज में अस्थिरता आने लगी थी-  यह सब कुछ एक ऐसे राष्ट्रपति चुनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा था जिसके परिणामों को विपक्ष ने मानने से इंकार कर दिया था और जिसे अमेरिकी राज्यों के संगठन (OAS) ने संदिग्ध रूप से अमान्य ठहरा दिया था। मोरालेस के इस्तीफा देने के दो दिन बाद, एक लगभग अनजानी विपक्षी नेत्री, जीनिन आनेज़ ने बहुराष्ट्रीय विधान सभा (Plurinational Legilative Assembly) - जहाँ मोरालेस की पार्टी समाजवाद के लिए आंदोलन (एम ए एस) का बहुमत है- की न्यूनतम कार्यवाह संख्या की सहमति के बिना ही ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया।

नई सरकार ने कहा कि ये सरकार केवल तब तक रहेगी जब तक कि चुनाव नहीं हो जाते। लेकिन आनेज़ के सत्तासीन होने के साथ ही सरकार ने एम ए एस पार्टी और अन्य सामाजिक आंदोलनों के नेताओं और कार्यकर्तायों के खिलाफ दमन की मुहिम शुरू कर दी -अब तक 36 लोग मारे जा चुके हैं- और संयुक्त राज्य सरकार द्वारा संचालित नवउदारवादी एजेंडे से प्रेरित राजनीतिक और आर्थिक नीतिगत बदलावों को लागू किया है। इस सरकार के द्वारा अपनाए गए हिंसा के प्रतीकात्मक और प्रतिक्रियावादी कृत्यों, जैसे कि स्वदेशी लोगों और बोलीविया के राष्ट्रों की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाले झंडे विफला का प्रवासन, से व्यक्त होता है कि ये अंतरिम सरकार नस्लवादी, पितृसत्तात्मक और कट्टरपंथी है।

जनवरी 2020 में, सरकार ने घोषणा की कि राष्ट्रपति और विधायी चुनाव 3 मई को होंगे। चुनाव प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रतिबंधित लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की हालात में शुरू हुई; जनवरी के अंत तक देश के मुख्य शहरों का सैन्यीकरण कर दिया गया था ताकि किसी भी प्रकार के संभावित विरोध को रोका जा सके। अंतरिम सरकार के द्वारा एम ए एस के सरकारी अधिकारियों पर दमन जारी है जिसके कारण वे विदेशी दूतावासों में शरण लेने लगे हैं। अंतरिम सरकार ने पचास से अधिक रेडियो स्टेशनों को बंद कर दिया है; और सरकार की कार्यवाइयों पर सवाल उठाने वाले रेडियो स्टेशनों पर राजद्रोह और हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं।

कई राजनीतिक दलों के गठबंधन राष्ट्रपति चुनाव में अपने उम्मीदवारों का नामांकन करवा चुके हैं। एम ए एस के उम्मीदवार लुइस एर्स कैटाकोरा (राष्ट्रपति पद के लिए) और डेविड चोकहुंका सेस्पेडेस (उप-राष्ट्रपति पद के लिए) हैं। मोरालेस की सरकार में कैटाकोरा अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक वित्त विभाग के मंत्री थे और सेस्पेडेस विदेश मंत्री थे। कैटाकोरा ही मोरालेस सरकार की आर्थिक सफलता के वास्तुकार थे। सेस्पेडेस बोलीविया की अंतर्राष्ट्रीय संप्रभुता की नीतियों का संचालन करते थे और उनकी बोलीविया के स्वदेशी और किसान आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका है। शुरुआती सर्वेक्षण एम ए एस के उम्मीदवारों की जीत दर्शाते हैं।

फरवरी के पहले दिनों में, मोरालेस के दो वकीलों में से एक को हिरासत में ले लिया गया। सरकार एम ए एस पार्टी के वकील को भी गिरफ्तार करना चाहती थी, जबकि वो मई के चुनावों के लिए उम्मीदवारों का पंजीकरण करवा रहे थे। एम ए एस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, लुइस एर्स कैटाकोरा के बोलिविया लौटने के साथ ही उन्हें धमकाने और उनकी गिरफ्तारी की कोशिशें शुरू हो गयी हैं। देश के वो हिस्से जो एम ए एस के गहरे समर्थक हैं, वहाँ बर्बरता का माहौल जारी है और उनके वोट के अधिकार को ख़त्म करने की कोशिशें की जा रही हैं।

अंतरिम राष्ट्रपति आनेज़ ने घोषणा की है कि वो अपना वर्तमान पद छोड़े बिना राष्ट्रपति पद पर चुनाव लड़ेंगी, हालाँकि ये उनके पहले के बयानों के विपरीत है। सत्ता-परिवर्तन का समर्थन कर चुके उम्मीदवारों की आलोचना के बावजूद आनेज़ का ये कदम इस सरकार के सहसाघाती चरित्र को ही मान्य ठहराता है।

ये ज़रूरी है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अंतरिम सरकार द्वारा एम ए एस पर प्रतिबंध लगाने, चुनाव में धोखाधड़ी करने, और बोलीविया में लोकतंत्र की संभावना को नष्ट कर देने जैसे सम्भावित ख़तरों का संज्ञान लें।

बोलीविया में सत्ता-परिवर्तन क्यों हुआ और अमेरिकी हस्तक्षेप क्यों जारी है?

बोलीविया में दुनिया के ज्ञात लिथीयम भंडारों में से सबसे बड़ा भंडार है ( बोलिविया वैश्विक लिथियम का 20% उत्पादन करने की क्षमता रखता है)। लिथियम इलेक्ट्रिक कारों, लैपटॉप, घड़ियों, सेल फोन में और यहाँ तक की नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाली बैटरियों का मुख्य घटक है। बोलिविया में लिथियम का सबसे बड़ा भंडार पोटोसि विभाग के तहत आने वाले उयूनी नमक फ्लैट्स में है, जहां मोरालेस सरकार ने सरकारी कंपनी के द्वारा इसके खनन की योजना बनाई थी।

बोलीविया में हाइड्रोकार्बन का भी बड़ा भंडार है - विशेष रूप से प्राकृतिक गैस का- जिसे बोलिविया विशेषकर ब्राजील और अर्जेंटीना को देता है। जब मोरालेस ने पदभार संभाला, तो शुरूआती कामों में उन्होंने इन संसाधनों का राष्ट्रीयकरण कर इन पर राज्य नियंत्रण विकसित करना चाहा। पूर्वी बोलिविया के सांताक्रूज में हाइड्रोकार्बन भंडारों का एक बड़ा हिस्सा स्थित है। सांताक्रूज बोलिविया के कृषि व्यवसाय- ख़ासकर सोया- का आधार भी है। सांता क्रूज़ की सरकार और उसकी नागरिक समिति शुरू से ही मोरालेस के विरोध का आधार रही और सामाजिक अस्थिरता फैलाने में एक केंद्रीय भूमिका निभाई जिसके परिणामस्वरूप सत्ता-परिवर्तन हुआ।

मोरालेस ने 2005 का चुनाव 50% से अधिक मतों से जीता था। अपने पहले कार्यकाल (2006-2010) में, उनके MAS के नेतृत्व वाले प्रशासन ने हाइड्रोकार्बन उत्पादन और अर्थव्यवस्था के अन्य रणनीतिक भागों का राष्ट्रीयकरण किया; उन्होंने भूमि सुधार कार्य को महत्ता दी; और एक संविधान सभा बनाकर संविधान में ऐसा सुधार किया जो बहुराष्ट्रीय राज्य के रूप में बोलीविया के गठन की नींव बना। मोरालेस ने 2006 से, सभी सामाजिक संकेतकों को बेहतर बनाने के लिए एक नीति बनाई; उनकी सरकार गरीबी कम करने (38.2% से 15.2%), निरक्षरता खत्म करने और स्वच्छता व जीवन प्रत्याशा में (9 साल) सुधार करने में सफल हुई।

बहुसंख्यक स्वदेशी देश होने के बावजूद, बोलीविया एक ऐसी जाति द्वारा शासित किया जाता रहा है जो मुख्य रूप से उन समूहों से बना है जो खुद को गोरे मानते हैं। स्वदेशी लोग लंबे समय से इस शासक जाति के हाथों अधीनता, नस्लवाद और राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भेदभाव के शिकार रहे हैं। मोरालेस की सरकार ने सामाजिक अर्थों में एक पूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व किया। उस सरकार ने जातिवादी हिंसा और स्वदेशी लोगों व उनकी संस्कृतियों के ख़िलाफ़ घृणास्पद प्रचार का पुरज़ोर मुकाबला किया; वो औपनिवेशिक वर्चस्व की संरचना और संस्कृति को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध सरकार थी। इसके ठीक विपरीत आज की अंतरिम सरकार नस्लीय घृणा और फासीवाद जैसे प्रतीकों से परिभाषित होती है; यही प्रतीक हैं जिनके कारण इस सरकार के द्वारा MAS के खिलाफ उग्र नस्लवादी हमले जारी हैं।

अमेरिकी सरकार ने आनेज़ को जल्द मान्यता देकर उनका राजनयिक दुनिया में गर्मजोशी से स्वागत किया; व तुरंत ही मैक्सिकन सरकार पर और बाद में अर्जेंटीना सरकार पर MAS के सदस्यों या मोरालेस प्रशासन की ओर से आने वाले शरण अनुरोधों को अस्वीकार करने के लिए दबाव डाला। ये स्पष्ट है कि अमेरिकी सरकार ने मोरालेस के खिलाफ तख्तापलट की तैयारी और उसके निष्पादन में भाग लिया। अमेरिका मोरालेस को नापसंद करता था:  उनकी आर्थिक संसाधनों का राष्ट्रीयकरण करने की नीति के कारण, बोलिविया से अमेरिकी एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) को निष्कासित करने के कारण, अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी (DEA) पर प्रतिबंध लगाने के लिए, कोका (COCA) के खिलाफ उनके सैन्य उन्मूलन कार्यक्रम चलाने के लिए, और अंतरराष्ट्रीय मंचों में आर्थिक, सैन्य, और राजनीतिक हस्तक्षेप की अमेरिकी नीति की निंदा करने के लिए।
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टीबीटी कमांडेंट माया

रीता वल्दिविया, एक युवा बोलिवियाई महिला ने अपने कदाचारी पिता से बच निकलने के बाद क्रांतिकारी संघर्ष और कविता की दुनिया को अपनाया व बोलीविया की राष्ट्रीय मुक्ति सेना (ELN) में शामिल हो गयीं। कविता ने उन्हें आवाज़ दी और क्रांतिकारी संघर्ष से उस आवाज को गति मिली। जिस साल अर्नेस्टो ’चे’ ग्वेरा को मारा गया था, उसी साल (1967) रीता वल्दिविया क्यूबा में प्रशिक्षण के लिए गई थी। ELN के नेता और बोलिवियन कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य ग्वीडो ऐल्वारो इंटि पेरेदो लेग़ुए ने उन्हें अपने प्रांत कोचाबम्बा में क्रांतिकारी गतिविधि का प्रभार सौंपा, जहां वो क्यूबा में अपने प्रशिक्षण के बाद वापस लौट गयीं। 1968 में इंटि ने अपना प्रतिष्ठित लेख ‘हम पहाड़ों में लौटेंगे’ लिखा, ये लेख कुलीन वर्ग और उसकी सेना के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की प्रतिज्ञा करता है। 13 जुलाई 1969 की रात, वाल्डिविया- जिन्हें ‘कमांडेंट माया’ के नाम से भी जाना जाता है- और उनके साथी एक सुरक्षित घर में मीटिंग के लिए गए; उन्हें छला गया था, उनकी गोली मार कर हत्या कर दी गई। वो सिर्फ़ तेईस साल की थीं। उसी साल के सितंबर में इंटि को भी मार दिया गया।

कैंटौरा (वेनेजुएला) में, एक जन-चिकित्सा केंद्र है जिसका नाम कमांडेंट माया के नाम पर रखा गया है, यहीं मैंने पहली बार उनके बारे में सुना (इत्तफ़ाक़ से इस महीने हमारा डोजियर भारत के जन-स्वास्थ्य क्लीनिकों पर है)।  कमांडेंट माया की कविता ‘डेफ़ेनसा आ ला काले (Defensa a la calle)’ -जिसे मार्गरेट रान्डेल ने अंग्रेज़ी में अनुवादित किया है - हमें सिखाती है कि बोलीविया में सबसे बुरे समयों में भी ऐसे लोग हैं जो संघर्ष कर रहे हैं अपने अधिकारों और आकांक्षाओं के लिए, अपनी मुट्ठियाँ दुनिया की ओर खोलते हुए:

मैं थक गई हूँ दूसरी दुनिया को पकड़े हुए
अपनी मुट्ठी में।
मैंने इसे खोल दिया एकाएक।

साभार : ट्राईकोंटिनेंटल : सामािजक शोध संथान

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