NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आईएईए अब ईरानी परमाणु स्थलों की छवियों को प्राप्त नहीं कर सकेगा : ईरान
फ़रवरी में हस्ताक्षर किए गए सरकार और संयुक्त राष्ट्र परमाणु संस्था के बीच तीन महीने का समझौता इस साल शनिवार को समाप्त हो गया।
पीपल्स डिस्पैच
24 May 2021
आईएईए अब ईरानी परमाणु स्थलों की छवियों को प्राप्त नहीं कर सकेगा : ईरान
तस्वीर: ईड-ऑफ-कुंजी-समय सीमा

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने रविवार 23 मई को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) अब  ईरानी परमाणु स्थल की छवि को हासिल  नहीं कर पाएगी क्योंकि ईरान के साथ इसके समझौते समाप्त हो गए हैं। ईरान की प्रेस टीवी के अनुसार, कलीबाफ ने रविवार को संसद को बताया, "22 मई से और तीन महीने के समझौते की समाप्ति के साथ एजेंसी का इस समझौते के तहत सहमत परमाणु परिसरों के अंदर कैमरों द्वारा एकत्र किए गए डेटा तक पहुंच नहीं होगा"

आईएईए और ईरानी सरकार ने फरवरी में तीन महीने के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके अनुसार संयुक्त राष्ट्र की इस परमाणु  संस्था को उपग्रह छवियों और कैमरा फुटेज तक पहुंचने की अनुमति दी गई थी। 

ईरानी संसद द्वारा दिसंबर में एक कानून पारित किए जाने के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे जिसमें अधिकांश निरीक्षकों को भौतिक निरीक्षण बंद करने और देश छोड़ने के लिए कहा।

पिछले साल नवंबर में ईरान के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की हत्या के बाद यह कानून पारित हुआ था।

यह 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका की वापसी के खिलाफ और ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का एक जवाबी फैसला था।जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव डील ऑफ एक्शन (JCPOA) के तहत ईरान ने सभी प्रतिबंधों को हटाने के बदले में अपने सभी परमाणु स्थलों को अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के लिए खोल दिया था। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 2018 में समझौते से हट गए और ईरान के खिलाफ एकतरफा प्रतिबंध लगाए।

संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निकाय के साथ ईरानी सरकार का समझौता इस उम्मीद के साथ था कि अमेरिका अपने प्रतिबंधों को उठाएगा और राष्ट्रपति जो बाइडन  के नए प्रशासन में परमाणु समझौते में फिर से शामिल होगा जिसका वादा उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किया था।

जो बाइडन प्रशासन ने ईरान को जेसीपीओए के उल्लंघन को पहले समाप्त करने का कह कर प्रतिबंध हटाने से इनकार कर दिया था। ईरान और अमेरिका के बीच परोक्ष वार्ता  महीनों से ‌वियना में चल रही है । दोनों पक्षों की ओर से सकारात्मक संकेत के बावजूद कुछ ठोस निर्णय  नहीं हो पाया है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को कहा कि  वियना में अंतिम समझौता होने तक बातचीत जारी रहेगा।

IRAN
IAEA
United Nations Nuclear Society

Related Stories

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 

ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

ईरान की एससीओ सदस्यता एक बेहद बड़ी बात है

फ़ारस की खाड़ी में बाइडेन की नीति


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा
    08 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के टीके का उत्पादन के बारे में बात करेंगे, टीके के निर्यात को ले के दुनिया के अलग- अलग देशों और उनके कंपनियों की नीतियों को भी समझेंगे और इन टीकों से जो बड़ा…
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : रुद्रप्रयाग में दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना, ज़मीन देने वाले किसान नाराज़!
    08 Feb 2022
    रुद्रप्रयाग विधानसभा के जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा गांव में 2013 में सैनिक स्कूल प्रस्तावित किया गया था मगर आज तक यहाँ सरकार स्कूल नहीं बनवा पाई है। पढ़िये न्यूज़क्लिक संवाददाता मुकुंद झा की यह…
  • Media
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘केंद्रीय मीडिया प्रत्यायन दिशा-निर्देश-2022’ : स्वतंत्र मीडिया पर लगाम की एक और कोशिश?
    08 Feb 2022
    यह सरकारी दिशा-निर्देश ऊपर से जितने अच्छे या ज़रूरी दिखते हैं, क्या वास्तव में भी ऐसा है? ‘‘सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता’’ या ‘जन व्यवस्था’ जितने आवश्यक शब्द हैं, इन्हें लागू करने की नीति या…
  • union budget
    सी. सरतचंद
    अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र
    08 Feb 2022
    केंद्र सरकार आखिरकार केंद्रीय बजट में ठहरे/गिरते सरकारी राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में स्पष्ट वृद्धि के बीच में अंतर क्यों कर रही है?
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : क्षेत्रीय दलों ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर जताई नाराज़गी, प्रस्ताव को बताया जनता को शक्तिहीन करने का ज़रिया
    08 Feb 2022
    महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि बीजेपी गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलना चाहती है। इस लक्ष्य के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License