NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जस्टिस मुरलीधर के तबादले पर अंतरराष्ट्रीय बार निकाय ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा
‘‘यह अचानक असामान्य तबादला...ऐसे समय में जब सामाजिक अशांति के कारण भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता के कमतर होने का ख़तरा है।"
भाषा
13 Mar 2020
जस्टिस मुरलीधर
Image courtesy: India.com

दिल्ली: वकीलों की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के ‘‘जल्दबाजी में’’ तबादले के सरकार के ‘‘फैसले’’ पर चिंता जताई है। 

न्यायमूर्ति मुरलीधर का तबादला 26 फरवरी की रात को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में कर दिया गया। एक दिन पहले उन्होंने उत्तरपूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों से पहले भाजपा के तीन नेताओं द्वारा कथित तौर पर नफरत भरे भाषण देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से विफल रहने को लेकर दिल्ली पुलिस की खिंचाई की थी।

बार निकाय के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन की मानवाधिकार संस्था (आईबीएएचआरआई) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खुला पत्र जारी किया है और उनसे अपील की है कि न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के दिल्ली उच्च न्यायालय से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जल्दबाजी में किए गए तबादले पर कार्रवाई करें।’’

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘यह अचानक असामान्य तबादला...ऐसे समय में जब सामाजिक अशांति के कारण भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता के कमतर होने का खतरा है। कानून के शासन का बुनियादी उसूल है कि न्यायपालिका सरकार को जिम्मेदार ठहराए और किसी न्यायाधीश द्वारा स्वतंत्र रूप से आवाज उठाने को नहीं दबाया जाना चाहिए।’’

आईबीएएचआरआई वकीलों की संस्था है जो दुनिया भर में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण के लिए काम करती है।

Justice Murlidhar
International Bar body
Justice Muralidhar Transfer
president ramnath kovind
IBAHRI
Indian judiciary

Related Stories

2019 में हुआ हैदराबाद का एनकाउंटर और पुलिसिया ताक़त की मनमानी

प्रधानमंत्री जी! पहले 4 करोड़ अंडरट्रायल कैदियों को न्याय जरूरी है! 

मुद्दा: हमारी न्यायपालिका की सख़्ती और उदारता की कसौटी क्या है?

अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की

जजों की भारी कमी के बीच भारतीय अदालतों में 4.5 करोड़ मामले लंबित, कैदियों से खचाखच भरी जेलें

न्याय वितरण प्रणाली का ‘भारतीयकरण’

लिव-इन रिश्तों पर न्यायपालिका की अलग-अलग राय

न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी

जेंडर के मुद्दे पर न्यायपालिका को संवेदनशील होने की ज़रूरत है!

भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत : नहीं रहे हमारे शहज़ादे सलीम, नहीं रहे दिलीप कुमार


बाकी खबरें

  • Ayodhya
    रवि शंकर दुबे
    अयोध्या : 10 हज़ार से ज़्यादा मंदिर, मगर एक भी ढंग का अस्पताल नहीं
    24 Jan 2022
    दरअसल अयोध्या को जिस तरह से दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है वो सच नहीं है। यहां लोगों के पास ख़ुश होने के लिए मंदिर के अलावा कोई दूसरा ज़रिया नहीं है। अस्पताल से लेकर स्कूल तक सबकी हालत ख़राब है।
  • BHU
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू
    24 Jan 2022
    किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए धर्म की नहीं, विज्ञान और संविधान की जरूरत पड़ती है। बेहतर होता बीएचयू में आधुनिक पद्धति के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाते। हमारा पड़ोसी देश चीन बिजली की मुश्किलों से…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: एक वीरता पुरस्कार तो ग़रीब जनता का भी बनता है
    24 Jan 2022
    बेरोज़गारी, महंगाई और कोविड आदि की मार सहने के बाद भी भारत की आम जनता ज़िंदा है और मुस्कुरा कर पांच राज्यों में फिर मतदान की लाइन में लगने जा रही है, तो एक वीरता पुरस्कार तो उसका भी बनता है...बनता है…
  • genocide
    पार्थ एस घोष
    घर वापसी से नरसंहार तक भारत का सफ़र
    24 Jan 2022
    भारत में अब मुस्लिम विरोधी उन्माद चरम पर है। 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से इसमें लगातार वृद्धि हुई है।
  • bulli bai
    डॉ. राजू पाण्डेय
    नफ़रत का डिजिटलीकरण
    24 Jan 2022
    सुल्ली डील्स, बुल्ली बाई, क्लबहाउस और अब ट्रैड्स के ज़रिये अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने का काम लगातार सोशल मीडिया पर हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License