NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने फ़िलिस्तीन में युद्ध अपराधों की जांच की घोषणा की
यह घोषणा आईसीसी के उस फैसले के एक महीने बाद हुई है जिसमें घोषणा की गई थी कि फ़िलिस्तीन में संदिग्ध युद्ध अपराधों की जांच करने का उसका अधिकार क्षेत्र है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Mar 2021
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने फ़िलिस्तीन में युद्ध अपराधों की जांच की घोषणा की

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) औपचारिक रूप से कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में किए गए कथित युद्ध अपराधों की जांच शुरू करेगा। इसके मुख्य अभियोजक फतो बेनसूदा ने 3 मार्च को आईसीसी वेबसाइट पर एक बयान में ये बात कही।

बेनसूदा ने अपने बयान में यह भी कहा कि आईसीसी जांच 13 जून 2014 से फिलिस्तीन में चल रहे युद्ध अपराधों की जांच करेगा और यह "स्वतंत्र, निष्पक्ष और उद्देश्य पूर्ण रूप से बिना किसी भय या पक्षपात" के किया जाएगा जिसकी प्राथमिकताओं में "निश्चित समय" इसे पूरा करने है।

आईसीसी के इस फैसले का पैलिस्टिनियन अथॉरिटी द्वारा स्वागत किया गया। इसने कहा कि यह "लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय है जो फिलिस्तीन के न्याय और जवाबदेही के अथक प्रयास का परिणाम है। ये शांति के स्तंभ हैं जिसे फिलिस्तीनी लोग चाहते हैं और वे इसके लायक भी हैं।" गाज़ा में फिलिस्तीनी विरोधी समूह हमास ने भी इस घोषणा का स्वागत किया है। इसके प्रवक्ता हेज़म क़ासिम ने एक बयान में कहा, “हम अपने लोगों के खिलाफ इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्र में युद्ध अपराधों की जांच करने के आईसीसी के फैसले का स्वागत करते हैं। यह हमारे लोगों के पीड़ा के न्याय प्राप्त करने मार्ग में एक सहायता है।” आईसीसी द्वारा हमास का नाम लेने के साथ साथ इजरायल कथित युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार है और बैनसूदा ने संकेत दिया है कि ये जांच फिलिस्तीन की स्थिति में शामिल सभी पक्षों को कवर करेगा।

इसके उलट इज़रायल ने आईसीसी की इस घोषणा की निंदा की और इसे "राजनीतिक निर्णय" बताया। इसका मुख्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी संयुक्त राज्य अमेरिका ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीन में किए जा रहे युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन की किसी भी आईसीसी जांच का विरोध करता रहा है।

इस साल 5 फरवरी को जब आईसीसी ने बहुमत से फैसला सुनाया था कि फिलिस्तीन की स्थिति पर उसका अधिकार क्षेत्र है तब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने "फर्जी युद्ध अपराध" के लिए इज़रायल की जांच करने के लिए आईसीसी की निंदा की थी और इसे "शुद्ध एंटी-सेमिटिज्म" कहा था। अमेरिका ने भी इस फैसले को खारिज कर दिया था।

संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल हालांकि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के सदस्य नहीं हैं और अंतर्राष्ट्रीय रोम अधिनियम के हस्ताक्षरकर्ता भी नहीं हैं जो इसे नियंत्रित करते हैं और इसकी जातिसंहार, युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और आक्रामकता के अपराधों की जांच का नेतृत्व करते हैं।

icc
International crime court
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

यूक्रेन-रूस घटनाक्रम: रूस को अलग-थलग करने की रणनीति, युद्ध अपराधों पर जांच करेगा आईसीसी

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License