NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका छोड़ना होगा
यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट ने इस फैसले की घोषणा की है क्योंकि कई विश्वविद्यालय आगामी सेमेस्टर में ऑनलाइन कक्षा शुरु करने की योजना बना रहे हैं
पीपल्स डिस्पैच
07 Jul 2020
ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका छोड़ना होगा

यूएस ने घोषणा की है कि जिन विदेशी छात्रों की कक्षाएं पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई हैं उन्हें देश छोड़ने के लिए कहा जाएगा। यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) द्वारा सोमवार 6 जुलाई को एक बयान में ये सूचना जारी की गई थी। इस फैसले से यूनिवर्सिटी में दाखिल हज़ारों विदेशी छात्रों पर असर पड़ेगा जिन्होंने COVID-19 महामारी के चलते हाल ही में आगामी शैक्षणिक अवधि के लिए अपनी कक्षाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर लिया है।

आईसीई के बयान में कहा गया है कि "नॉनइमिग्रैंट एफ-1 और एम-1 छात्र जो पूरी तरह से ऑनलाइन संचालित करने वाले स्कूलों में शामिल हो रहे हैं वे पूरे ऑनलाइन पाठ्यक्रम को नहीं कर सकते हैं और संयुक्त राज्य में नहीं रह सकते हैं।" छात्रों को उस पाठ्यक्रम या स्कूल में स्थानांतरित करने के बीच चयन करने को दिया जाएगा जहां की इन-पर्सन अटेंडेंस की आवश्यकता होगी या पूरी तरह से यूएस छोड़ दें।

बयान में यह भी कहा गया है कि अमेरिका उन छात्रों को भी पुनःप्रवेश की अनुमति नहीं देगा जो इन ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेते हुए अपने घर वापस गए हैं। "यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट फॉल सेमेस्टर के लिए पूरी तरह ऑनलाइन स्कूल और /या प्रोग्राम में दाखिल छात्रों को विजा जारी नहीं करेगा और न ही यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन इन छात्रों को यूएस में प्रवेश की अनुमति देगा।"

छूट की अनुमति केवल उन छात्रों को है जो चिकित्सा अवकाश पर हैं या अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और व्यावसायिक अध्ययन कार्यक्रमों में दाखिला कराए हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों और छात्रों को अपनी स्थिति में कोई भी बदलाव करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा।

एनपीआर से बात करते हुए इमिग्रेशन के वकील फियोना मैकएंटी ने कहा कि इस फैसले का "कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने यह कहते इस घोषणा पर सवाल किया उठाया कि, "अगर छात्र शैक्षणिक दृष्टिकोण से सफलतापूर्वक ऑनलाइन अध्ययन कर सकते हैं तो हम उन्हें ऐसी स्थिति में आने के लिए क्यों मजबूर कर रहे हैं जहां वे अपने स्वास्थ्य को ख़तरे में डाल सकते हैं और अपने साथियों के स्वास्थ्य को भी खतरे में डाल सकते हैं?"

फॉल सेमेस्टर कक्षाएं अमेरिका भर के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शुरू होने वाली हैं। क्रॉनिकल ऑफ हायर एजुकेशन के अनुसार, लगभग 8% संस्थानों ने पूरी तरह से ऑनलाइन करने के लिए घोषणा की है लगभग 23% ने 'हाइब्रिड' मॉडल को अपनाने वाले हैं जो ऑनलाइन कक्षाओं में निर्धारित घंटों से अधिक समय के लिए अनुमति देता है और 8.5% ने अभी तक इसके विकल्पों पर फैसला नहीं किया है।

USA
America
Online Classes
Online Education
Immigration and Customs Enforcement
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक


बाकी खबरें

  • Libya
    पीपल्स डिस्पैच
    "लीबिया में विदेशी लड़ाके और विदेशों से वेतन प्राप्त सैनिक पर युद्ध अपराधों के लिए मुक़दमा चलेगा"
    19 May 2021
    देश के आधिकारिक और ग़ैर आधिकारिक हिरासत केंद्रों में अवैध रूप से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने के लिए पिछले हफ़्ते लीबिया के सशस्त्र गुटों और विदेशी लड़ाकों से संयुक्त राष्ट्र द्वारा किए गए…
  •     नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश एवं बचाव अभियान है।     भाषा  मुंबई: बजरे पी305 पर मौजूद लोगों में से 89 लोग अब भी लापता हैं। उल्लेखनीय है कि यह बजरा चक्रवात ताउते के कारण मुंबई के तट से कुछ दूरी पर सागर में फंस गया था और डूब गया था। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।  नौसेना की ओर से बुधवार को बताया गया कि बेहद खराब मौसम से जूझते हुए उसके जवानों ने बजरा पी305 पर मौजूद 273 लोगों में से अब तक 184 को बचा लिया है।  एक अधिकारी ने ब
    भाषा
    पी305 पर मौजूद लोगों में से 89 अब भी लापता, दो बजरों, ऑयल रिग के सभी लोग सुरक्षित हैं: नौसेना
    19 May 2021
    नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश एवं बचाव अभियान है।
  • The court summoned the dean of the hospital on a petition seeking the medical aid of Honey Babu
    भाषा
    हनी बाबू की चिकित्सकीय सहायता के अनुरोध वाली याचिका पर अदालत ने अस्पताल के डीन को किया तलब
    19 May 2021
    हनी बाबू के वकील युग चौधरी ने अवकाशकालीन पीठ से याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया, क्योंकि बाबू पिछले सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और ‘ब्लैक फंगस’ की वजह से उनकी आंख में भी संक्रमण हो…
  • Columbia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में नेशनल स्ट्राइक कमेटी ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया
    19 May 2021
    कोलंबियाई संगठनों ने प्रदर्शनकारियों की मांग न मानने को लेकर राष्ट्रपति इवान डुके सरकार की निंदा की है।
  • isra
    एम.के. भद्रकुमार
    गाज़ा में इज़रायल की विध्वंसक जीत के मायने
    19 May 2021
    फिलिस्तीनियों के साथ हिंसा से इज़रायल के भीतर राष्ट्रवादी उन्माद उमड़ा है। इस उन्माद की वज़ह से उस विपक्षी गठबंधन का रास्ता बंद हो गया है, जो नेतन्याहू को पद से हटाने की कोशिश कर रहा था। नेतन्याहू को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License