NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान ने फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताई
पिछले कुछ हफ्तों में इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के बाद अमेरिका ने मंगलवार को फारस की खाड़ी के ऊपर अपने दो बी-52 बमवर्षक विमान उड़ाए।
पीपल्स डिस्पैच
31 Dec 2020
ईरान

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने बुधवार 30 दिसंबर को अमेरिका को इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से परहेज करने की चेतावनी दी क्योंकि यह इस तरह के किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। ज़रीफ़ कतर के उपप्रधान मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान से बात कर रहे थे। इस खबर के बीच यह चेतावनी दी गई है कि अमेरिका ने बुधवार को फारस की खाड़ी के ऊपर अपने रणनीतिक दो बी-52 बमवर्षक विमानों को उड़ाया।

इन दो बी-52 बमवर्षक विमानों ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या की बरसी से तीन दिन पहले बुधवार को उत्तरी डकोटा स्थित अमेरिकी वायु सेना से चक्कर लगाया था।

3 जनवरी 2019 को बगदाद हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले में अमेरिका द्वारा इराक में पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स के कमांडर अब्द महदी अल-मुहांडिस के साथ ईरानियन रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर सुलीमनी को मार गिराया गया था। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इराक में एक सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागी थीं जहां अमेरिकी सैनिक तैनात थे। ईरान इस घटना को याद कर रहा और दोषी को पकड़ने की अपनी प्रतिज्ञा को दोहरा रहा है।

गुरुवार 31 दिसंबर को एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि ईरान ने जनरल सुलेमानी की हत्या के लिए जिम्मेदार 48 लोगों की पहचान की है और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने जा रहा है।

हालांकि अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बमवर्षकों की उड़ान को "रक्षात्मक कदम" बताया है। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है। इसने सोमवार को आठ साल के अंतराल के बाद इस क्षेत्र में दो युद्धपोतों के साथ एक परमाणु-संचालित पनडुब्बी यूएसएस जॉर्जिया तैनात किया है।

नवंबर के अंतिम सप्ताह में अमेरिका ने इराक से वापस होने वाले अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षा देने के लिए अपने यूएसएस निमिट्ज विमान वाहक को तैनात किया था। ट्रम्प प्रशासन ने इराक से अपने 500 सैनिकों के वापसी की घोषणा की थी जिससे देश में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 3,000 से घटकर 2,500 हो जाएगी।

पिछले हफ्ते ट्रम्प ने भी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद ईरान के खिलाफ युद्ध की धमकी दी थी। इस कार्रवाई के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराते हुए ट्रम्प ने धमकी दी थी कि ऐसे हमलों में कोई भी अमेरिकी कर्मी मारे जाने की स्थिति में वह ईरान पर हमला करेगा।

पिछले साल सुलेमानी की हत्या के बाद से ईरान अधिक से अधिक क्षेत्रीय सहयोग और इस क्षेत्र से सभी विदेशी सैनिकों की वापसी पर जोर दे रहा है।

IRAN
USA
Qasem Soleimani

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • spain
    डीडब्ल्यू
    स्पेन : 'कंप्यूटर एरर' की वजह से पास हुआ श्रम सुधार बिल
    08 Feb 2022
    स्पेन की संसद ने सरकार के श्रम सुधार बिल को सिर्फ़ 1 वोट के फ़ासले से पारित कर दिया- विपक्ष ने कहा कि यह एक वोट उनके सदस्य ने ग़लती से दे दिया था।
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव 2022 : बदहाल अस्पताल, इलाज के लिए भटकते मरीज़!
    08 Feb 2022
    भारतीय रिजर्व बैंक की स्टेट फाइनेंस एंड स्टडी ऑफ़ बजट 2020-21 रिपोर्ट के मुताबिक, हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड सरकार के द्वारा जन स्वास्थ्य पर सबसे कम खर्च किया गया है।
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    चमोली जिले का थराली विधानसभा: आखिर क्या चाहती है जनता?
    07 Feb 2022
    उत्तराखंड चुनाव से पहले न्यूज़क्लिक की टीम ने चमोली जिले के थराली विधानसभा का दौरा किया और लोगों से बातचीत करके समझने का प्रयास किया की क्या है उनके मुद्दे ? देखिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म का कार्ड नाजी दौर में ढकेलेगा देश को, बस आंदोलन देते हैं राहत : इरफ़ान हबीब
    07 Feb 2022
    Exclusive इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने देश के Living Legend, विश्व विख्यात इतिहासकार इरफ़ान हबीब से उनके घर अलीगढ़ में बातचीत की और जानना चाहा कि चुनावी समर में वह कैसे देख रहे हैं…
  • Punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाबः बदहाल विश्वविद्यालयों पर क्यों नहीं बात करती राजनैतिक पार्टियाँ !
    07 Feb 2022
    पंजाब में सभी राजनैतिक पार्टियाँ राज्य पर 3 लाख करोड़ के कर्ज़े की दुहाई दे रही है. इस वित्तीय संकट का एक असर इसके विश्वविद्यालयों पर भी पड़ रहा है. अच्छे रीसर्च के बावजूद विश्वविद्यालय पैसे की भारी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License