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इज़रायल ने फिलिस्तीनी महिला कार्यकर्ता खितम साफिन को अवैध प्रशासनिक हिरासत में रखा
इज़रायली सैनिकों द्वारा देर रात छापे के दौरान इनके साथ गिरफ़्तार किए गए अन्य फिलिस्तीनियों की किस्मत अभी भी साफ नहीं है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Nov 2020
khitam-saafin

प्रमुख फिलिस्तीनी वामपंथी कार्यकर्ता और महिला संगठन की नेता खितम साफिन को 9 नवंबर को इजरायल के सैन्य कमांडर द्वारा छह महीने की प्रशासनिक हिरासत में रखा गया। ये जानकारी सोमवार को समिदून पैलिस्टिनियन प्रिजनर सॉलिडरिटी नेटवर्क ने दी। खितम को पिछले सप्ताह क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में हुई छापेमारी में कई अन्य प्रसिद्ध फिलिस्तीनी वामपंथी और ट्रेड यूनियन नेताओं और कार्यकर्ताओं, महिला छात्र संगठन के नेताओं साथ ही पूर्व राजनीतिक क़ैदियों के साथ गिरफ़्तार किया गया था।

साफिन प्रसिद्ध और व्यापक रूप से सम्मानित फिलिस्तीनी नेता हैं जो विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर हैं। वह यूनियन ऑफ पैलिस्टिनियन वीमेन्स कमेटी की अध्यक्ष हैं और जनरल सेक्रेटेरियट ऑफ द जनरल यूनियन ऑफ पैलिस्टिनियन वीमेन की सदस्य भी हैं। वह इससे पहले ग्लोबल वीमेन मार्च पैलिस्टिनियन चैप्टर की अध्यक्षा के रूप में भी काम कर चुकी हैं।

एक सप्ताह पहले हुई उनकी गिरफ्तारी और अपहरण को लेकर फिलिस्तीन और विस्तारित अरब-मग्रिब क्षेत्र में महिला अधिकार संगठनों से जुड़े लोगों द्वारा कड़ी निंदा की गई थी और एक बयान में इज़रायली छापे में गिरफ्तार साफिन और अन्य फिलिस्तीनी नेताओं व कार्यकर्ताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की थी।

यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्य और फिलिस्तीन के साथ संबंधों के लिए संसद के प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष मनु पिनेडा ने यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस (ईईएएस) को एक बयान भी जारी किया जिसमें उन्होंने यूरोपीय संघ और ईईएएस से बिना किसी औपचारिक मुकदमे के हिरासत में रखे गए साफिन और अन्य फिलिस्तीनी नागरिकों की रिहाई के लिए अपने राजनयिकों को संगठित करने के लिए अनुरोध किया।

वर्तमान में 5700 के क़रीब फिलिस्तीनी क़ैदियों में से लगभग 40 फिलिस्तीनी महिलाओं को इज़राइल द्वारा हिरासत में लिया गया है। लगभग 5700 फिलिस्तीनी क़ैदियों में से 470 अवैध प्रशासनिक निरोध नीति के तहत रखा जा रहा है। इन बंदियों में फिलिस्तीनी वामपंथी संसद सदस्य और महिला अधिकार कार्यकर्ता खालिदा जरार सहित प्रमुख फिलिस्तीनी महिला नेता शामिल हैं।

Israel
Palestine
Activist khitam saafin
European Parliament

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