NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल ने फिलिस्तीनी महिला कार्यकर्ता खितम साफिन को अवैध प्रशासनिक हिरासत में रखा
इज़रायली सैनिकों द्वारा देर रात छापे के दौरान इनके साथ गिरफ़्तार किए गए अन्य फिलिस्तीनियों की किस्मत अभी भी साफ नहीं है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Nov 2020
khitam-saafin

प्रमुख फिलिस्तीनी वामपंथी कार्यकर्ता और महिला संगठन की नेता खितम साफिन को 9 नवंबर को इजरायल के सैन्य कमांडर द्वारा छह महीने की प्रशासनिक हिरासत में रखा गया। ये जानकारी सोमवार को समिदून पैलिस्टिनियन प्रिजनर सॉलिडरिटी नेटवर्क ने दी। खितम को पिछले सप्ताह क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में हुई छापेमारी में कई अन्य प्रसिद्ध फिलिस्तीनी वामपंथी और ट्रेड यूनियन नेताओं और कार्यकर्ताओं, महिला छात्र संगठन के नेताओं साथ ही पूर्व राजनीतिक क़ैदियों के साथ गिरफ़्तार किया गया था।

साफिन प्रसिद्ध और व्यापक रूप से सम्मानित फिलिस्तीनी नेता हैं जो विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर हैं। वह यूनियन ऑफ पैलिस्टिनियन वीमेन्स कमेटी की अध्यक्ष हैं और जनरल सेक्रेटेरियट ऑफ द जनरल यूनियन ऑफ पैलिस्टिनियन वीमेन की सदस्य भी हैं। वह इससे पहले ग्लोबल वीमेन मार्च पैलिस्टिनियन चैप्टर की अध्यक्षा के रूप में भी काम कर चुकी हैं।

एक सप्ताह पहले हुई उनकी गिरफ्तारी और अपहरण को लेकर फिलिस्तीन और विस्तारित अरब-मग्रिब क्षेत्र में महिला अधिकार संगठनों से जुड़े लोगों द्वारा कड़ी निंदा की गई थी और एक बयान में इज़रायली छापे में गिरफ्तार साफिन और अन्य फिलिस्तीनी नेताओं व कार्यकर्ताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की थी।

यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्य और फिलिस्तीन के साथ संबंधों के लिए संसद के प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष मनु पिनेडा ने यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस (ईईएएस) को एक बयान भी जारी किया जिसमें उन्होंने यूरोपीय संघ और ईईएएस से बिना किसी औपचारिक मुकदमे के हिरासत में रखे गए साफिन और अन्य फिलिस्तीनी नागरिकों की रिहाई के लिए अपने राजनयिकों को संगठित करने के लिए अनुरोध किया।

वर्तमान में 5700 के क़रीब फिलिस्तीनी क़ैदियों में से लगभग 40 फिलिस्तीनी महिलाओं को इज़राइल द्वारा हिरासत में लिया गया है। लगभग 5700 फिलिस्तीनी क़ैदियों में से 470 अवैध प्रशासनिक निरोध नीति के तहत रखा जा रहा है। इन बंदियों में फिलिस्तीनी वामपंथी संसद सदस्य और महिला अधिकार कार्यकर्ता खालिदा जरार सहित प्रमुख फिलिस्तीनी महिला नेता शामिल हैं।

Israel
Palestine
Activist khitam saafin
European Parliament

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

कौन हैं यूरोपीय संसद की नई अध्यक्ष रॉबर्टा मेट्सोला? उनके बारे में क्या सोचते हैं यूरोपीय नेता? 


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा
    27 May 2022
    सेक्स वर्कर्स को ज़्यादातर अपराधियों के रूप में देखा जाता है। समाज और पुलिस उनके साथ असंवेदशील व्यवहार करती है, उन्हें तिरस्कार तक का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लाखों सेक्स…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    अब अजमेर शरीफ निशाने पर! खुदाई कब तक मोदी जी?
    27 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं हिंदुत्ववादी संगठन महाराणा प्रताप सेना के दावे की जिसमे उन्होंने कहा है कि अजमेर शरीफ भगवान शिव को समर्पित मंदिर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?
    27 May 2022
    ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन में प्राप्त हुई, फिर गवाईं गईं चीज़ें बताती हैं कि पूंजीवाद और अमेरिकी समाज के ताने-बाने में कितनी गहराई से नस्लभेद घुसा हुआ है।
  • सौम्यदीप चटर्जी
    भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन
    27 May 2022
    चूंकि भारत ‘अमृत महोत्सव' के साथ स्वतंत्रता के 75वें वर्ष का जश्न मना रहा है, ऐसे में एक निष्क्रिय संसद की स्पष्ट विडंबना को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पूर्वोत्तर के 40% से अधिक छात्रों को महामारी के दौरान पढ़ाई के लिए गैजेट उपलब्ध नहीं रहा
    27 May 2022
    ये डिजिटल डिवाइड सबसे ज़्यादा असम, मणिपुर और मेघालय में रहा है, जहां 48 फ़ीसदी छात्रों के घर में कोई डिजिटल डिवाइस नहीं था। एनएएस 2021 का सर्वे तीसरी, पांचवीं, आठवीं व दसवीं कक्षा के लिए किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License