NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सीरिया में फिर से इज़रायली हवाई हमले, एक हफ़्ते से भी कम समय में यह तीसरी घटना
अपनी दीर्घकालिक नीति के लिए प्रतिबद्ध इज़रायल ने सीरिया में अपने हवाई हमलों को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, इसके सैनिकों ने दावा किया था कि उसने उत्तरी इज़रायल में सीमा पार से दो रॉकेटों के हमले के बाद मंगलवार को लेबनान के अंदर गोलाबारी की।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jul 2021
सीरिया में फिर से इज़रायली हवाई हमले, एक हफ़्ते से भी कम समय में यह तीसरी घटना

सीरियन अरब समाचार एजेंसी (एसएएनए) के रिपोर्ट के अनुसार सीरियाई मिसाइल रक्षा प्रणाली ने गुरुवार 22 जुलाई की तड़के इजरायल द्वारा दागे गए इसके होम्स प्रांत पर कई मिसाइलों को गिरा दिया। एक हफ्ते से भी कम समय में यह तीसरी घटना थी जब सीरियाई सेना ने सीरिया की संप्रभुता का पूर्ण उल्लंघन करते हुए इजरायल के मिसाइलों को गिराया। आधिकारिक समाचार एजेंसी के अनुसार, इन मिसाइलों को होम्स प्रांत के अल-कुसैर क्षेत्र के ऊपर इंटरसेप्ट किया गया जिससे केवल कुछ क्षति हुई।

इससे पहले इज़रायल ने सोमवार 19 जुलाई को सीरिया के अंदर कई मिसाइलों को दागा था। एसएएनए ने रिपोर्ट में बताया था कि सीरियाई वायु रक्षा द्वारा अलेप्पो प्रांत के असफायरा क्षेत्र में लगभग 11:30 बजे अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया था, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी वहीं कुछ चीजों का नुकसान हुआ था।

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा था कि इजरायल अपनी निरंतर हमले से हुए नुकसान की "पूरी जिम्मेदारी" वहन करेगा। इसने देश में सशस्त्र आतंकवादी समूहों का समर्थन करने और सीरियाई गोलन सहित अरब भूमि पर कब्जा करने के लिए इज़रायल को भी दोषी ठहराया। इसने इस क्षेत्र को मुक्त करने के लिए सीरिया की प्रतिज्ञा को फिर दोहराया।

मंगलवार को इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने भी लेबनान के अंदर यह कहते हुए गोलियां चलाईं कि ये गोलीबारी उसके उत्तरी क्षेत्रों के अंदर दागे गए दो रॉकेटों के जवाब में थी। आईडीएफ ने कहा कि दोनों रॉकेट से कोई नुकसान नहीं हुआ। उनमें से एक को इजरायली आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली ने गिराया था जबकि दूसरा तट के पास एक खुले क्षेत्र में गिर गया था।

इज़रायली मीडिया ने दावा किया था कि लेबनान से गोलीबारी सीरिया पर हुए हमलों और रविवार को अल-अक्सा परिसर पर हुए हमले की प्रतिक्रिया में हुई। इस दौरान इजरायली बलों ने मुस्लिम के त्योहार ईद अल- अजहा के अवसर पर परिसर में नमाज अदा कर रहे फिलिस्तीनियों को बाधित किया था।

सीरिया और लेबनान की संप्रभुता का पूर्ण उल्लंघन करते हुए इजरायल ने 2011 में युद्ध की शुरुआत के बाद से लेबनानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करके सीरिया के अंदर सैकड़ों हवाई हमले किए हैं। इज़रायल शायद ही कभी ऐसे हमलों को स्वीकार करता है। जब भी वह ऐसा करता है, यह दावा करता है कि उसने इस देश में ईरानी उपस्थिति को निशाना बनाया है जिसे सीरिया और ईरान दोनों ने नकार दिया है।

Syria
Israel
Israeli air strikes again in Syria

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन का एक साल: जश्न के साथ नई चुनौतियों के लिए तैयार
    26 Nov 2021
    दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को आज एक साल पूरा हो गया। 26 नवंबर 2020 को शुरू हुआ यह आंदोलन आज अहम मोड़ पर है। पहली जीत के तौर पर यह आंदोलन तीनों कृषि क़ानूनों को वापस करा चुका है और अब दूसरी बड़ी…
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों ने Mr. PM को पढ़ाया संविधान का पाठ
    26 Nov 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की सरहद टिकरी बॉर्डर पर बैठीं किसान औरतों और मर्दों के साथ-साथ नेताओं से बात करके यह जानने की कोशिश की कि आखिर मोदी की घोषणा पर उन्हें क्यो नहीं…
  • sex ratio
    अजय कुमार
    1000 मर्दों पर 1020 औरतों से जुड़ी ख़ुशी की ख़बरें सच की पूंछ पकड़कर झूठ का प्रसार करने जैसी हैं!
    26 Nov 2021
    औरतों की संख्या मर्दों से ज़्यादा है - यह बात NFHS से नहीं बल्कि जनगणना से पता चलेगी।
  • up police
    विजय विनीत
    जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या
    26 Nov 2021
    दलित उत्पीड़न में यूपी, देश में अव्वल होता जा रहा है और इस सरकार में दलितों व कमजोरों को न्याय मिलना दूर की कौड़ी हो गया है। यदि प्रयागराज पुलिस ने दलित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई की होती और सवर्ण…
  • kisan andolan
    मुकुंद झा
    किसान आंदोलन के एक साल बाद भी नहीं थके किसान, वही ऊर्जा और हौसले बरक़रार 
    26 Nov 2021
    26 नवंबर 2020 को दिल्ली की सीमाओं से शुरू हुए किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर टिकरी, सिंघू और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर हज़ारों की संख्या में किसान पहुंचे और आंदोलन को अन्य मांगों के साथ जारी रखने का अहम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License