NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सैनिकों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में एक अन्य फ़िलिस्तीनी युवक की हत्या की
20 वर्षीय शौकत अवाद को उस समय गोली मारी गई जब इज़रायली सैनिकों ने 12 वर्षीय मोहम्मद अल-अलामी के अंतिम संस्कार में भाग लेने वाले लोगों पर गोलियां चलाई थीं। अलामी को इन सैनिकों ने एक दिन पहले गोली मार कर हत्या कर दी थी।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jul 2021
इज़रायली सैनिकों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में एक अन्य फ़िलिस्तीनी युवक की हत्या की

इजरायली सैनिकों ने गुरुवार 29 जुलाई को वेस्ट बैंक के कब्जे वाले शहर बेत उमर में एक अन्य फिलिस्तीनी युवक को मार डाला। 20 वर्षीय शौकत खालिद अवाद को इजरायली सेना ने उस समय गोली मार दी जब वह एक दिन पहले इन सैनिकों द्वारा हत्या किए गए 12 वर्षीय लड़के के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था। कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हेब्रोन के पास ही इसे भी गोली मारी गई।

बुधवार 28 जुलाई को 12 वर्षीय लड़के मोहम्मद अल-अलामी को उस समय इजरायली सैनिकों ने गोली मार दी गई थी जब वह अपनी बहन और पिता के साथ कार में सफर कर रहा था। इसके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सैनिकों ने शहर के प्रवेश द्वार पर बिना कोई चेतावनी दिए कार पर गोलियां चला दीं। मिडिल ईस्ट आई के अनुसार, लड़के को पांच गोलियां लगी थीं।

गुरुवार की हुई गोलीबारी के चश्मदीदों के अनुसार, जब अल-अलामी का अंतिम संस्कार जुलूस शहर के कब्रिस्तान में पहुंचा तो इजरायली सैनिकों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इजरायली सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे और रबर कोटेड गोलियां चलाई जिससे कई लोग घायल हो गए और अवाद की मौत हो गई।

फ़िलिस्तीनी रेड क्रीसेंट के अनुसार इजरायली सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 12 फ़िलिस्तीनी घायल हो गए। कई अन्य लोगों को आंसू गैस के गोले और रबर कोटेड गोलियों से घायल होने के चलते इलाज कराया गया था।

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के अनुसार शौकत अवाद को सिर और पेट में गोली लगी थी और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी।

शौकत पिछले एक हफ्ते में इजरायली सैनिकों द्वारा मारे गए कब्जे वाले वेस्ट बैंक में पांचवां फिलिस्तीनी नागरिक है। इनमें से तीन नाबालिग थे। पिछले शुक्रवार को एक अवैध इजरायली बस्ती के विरोध में रामल्ला के बाहर एक 17 वर्षीय लड़के मोहम्मद मुनीर अल-तमीमी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। करीब तीन महीने तक संघर्ष करने के बाद सोमवार को यूसुफ नवाफ महरेब की मौत हो गई। मई महीने में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उसे इजरायली सैनिकों ने गोली मार दी थी। डिफेंस ऑफ चिल्ड्रन इंटरनेशनल-पैलेस्टाइन चैप्टर के अनुसार अलामी साल 2021 में इजरायल द्वारा मारा गया 78वां फिलीस्तीनी बच्चा थ।

एक अन्य फिलीस्तीनी व्यक्ति चार बच्चों के पिता 41 वर्षीय शादी उमर लोतफी सलीम को मंगलवार 27 जुलाई को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नब्लुस में इजरायली सेना ने गोली मार दी थी।

Israel
Palestine
West Bank

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • कोविड-19 से सबक़: आपदाओं से बचने के लिए भारत को कम से कम जोखिम वाली नीति अपनानी चाहिए
    सागर धारा
    कोविड-19 से सबक़: आपदाओं से बचने के लिए भारत को कम से कम जोखिम वाली नीति अपनानी चाहिए
    01 Jun 2021
    बड़े संकट के प्रहार से निपटने में भारत की सुस्ती असल में एक व्यवस्थागत समस्या रही है,जिसके लिए एक व्यवस्थित समाधान की ज़रूरत है।
  • दिल्ली : सरकार के दावों के विपरीत प्रवासी मज़दूरों को नहीं मिल रहा राशन
    मुकुंद झा
    दिल्ली : सरकार के दावों के विपरीत प्रवासी मज़दूरों को नहीं मिल रहा राशन
    01 Jun 2021
    एक सवाल जो उठ रहा है वह यह कि इस दौरान क्या कुछ बदला है? मज़दूरों की सुरक्षा के लिए क्या कुछ हुआ? क्या सरकारें मज़दूरों को भरोसा दिला सकी हैं कि वे उनके लिए भी हैं? इन सभी का जवाब आज के हालात देखकर…
  • तमिलनाडु में रह रहे प्रवासी मजदूरों की परेशानी 
    गरिमा साधवानी, अर्पित पाराशर
    तमिलनाडु में रह रहे प्रवासी मजदूरों की परेशानी 
    01 Jun 2021
    शोषण और भाषा इत्यादि की मुश्किलों के बावजूद, झारखण्ड और बिहार से कई प्रवासी बेहतर मजदूरी और अपनी प्रतिष्ठा को बरक़रार रखने की खातिर यहाँ पर काम करना जारी रखे हुये हैं, जबकि उनमें से कुछ लोग तो अच्छे-…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 2 महीने बाद डेढ़ लाख से कम नए मामले दर्ज
    01 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,27,510 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 6.72 फ़ीसदी यानी 18 लाख 95 हज़ार 520 हो गयी है।
  • नरेंद्र मोदी
    परंजॉय गुहा ठाकुरता
    सात साल के सबसे बड़े संकट में नरेंद्र मोदी
    01 Jun 2021
    2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं और तब से लेकर अभी तक के सात साल में इतने कमजोर और लाचार वे कभी नहीं दिखे। उनकी सरकार को समझ ही नहीं आ रहा है कि इस संकट से निकलने के लिए आगे का रास्ता क्या…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License