NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इटली की अदालत ने मट्टेओ साल्विनी के शरणार्थी-विरोधी कार्यों पर मुक़दमा शुरू किया
साल 2019 में भूमध्यसागर से तट रक्षक जहाज़ द्वारा बचाए गए 131 प्रवासियों को उतरने से रोकने में देरी, अनावश्यक अधिकार के उपयोग के आरोप के मामले में सिसिली स्थित कैटेनिया कोर्ट में मुक़दमे के लिए अतिदक्षिणपंथी नेता पेश हुए।
पीपल्स डिस्पैच
05 Oct 2020
Matteo Salvini

शनिवार 3 अक्टूबर को इटली के अतिदक्षिणपंथी लेगा नॉर्ड लीडर मट्टेओ साल्विनी को सिसिली स्थित कैटेनिया कोर्ट में साल 2019 में एक घटना में शरणार्थियों के ख़िलाफ़ अनावश्यक अधिकार के उपयोग के आरोप में ट्रायल के लिए पेश होने के लिए बुलाया गया था। 131 प्रवासियों को इटली की बंदरगाह पर एक तट रक्षक जहाज़ से उतरने के लिए रोका गया था।

जब साल्विनी फाइव स्टार मूवमेंट- लेगा नॉर्ड कोलिशन मिनिस्ट्री(1 जून 2018 - 5 सितंबर 2019) में इटली के आंतरिक मामलों के मंत्री थे तब उन्होंने बचाव के लिए लगे जहाज़ों के लिए इटली की बंदरगाहों को बंद करने सहित ख़तरनाक शरणार्थी नीतियों की शुरुआत की थी। ये शरणार्थी युद्धग्रस्त लीबिया से बचने के लिए मेडिटेरेनियन से जा रहे थे।

मार्च में 2018 की इटली की आम चुनावों के बाद सरकार का गठन किया गया जिसमें गुइसेपे कॉन्टे प्रधानमंत्री बने और उप-प्रधानमंत्री के रूप में फाइव स्टार मूवमेंट के मट्टेओ साल्विनी और लुइगी डि मयओ बने। उप-प्रधानमंत्री और आंतरिक मामलों के मंत्री रहने पर साल्विनी ने बंदरगाहों को बंद करने, कई प्रवासी स्वागत केंद्रों को बंद करने, बचाव में लगे जहाज़ों के कैप्टन सहित स्वयंसेवकों के अभियोजन, बचाव में लगे जहाज़ों के लाइसेंस रद्द करने और ज़ब्त करने और शरणार्थी विरोधी अभियान चलाकर अपने दक्षिणपंथी समर्थन के आधार को मज़बूत करने की कोशिश की। साल 2019 में साल्विनी ने गठबंधन को तोड़ दिया और अपनी पार्टी की एकतरफा जीत की उम्मीद में नए सिरे से चुनाव की मांग की। लेकिन ये फैसला उलटा साबित हुआ जब डेमोक्रेट पार्टी (पीडी) ने कॉन्टे के नेतृत्व में नई सरकार बनाने के लिए फाइव स्टार मूवमेंट के साथ गठबंधन किया।

रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को कैटेनिया कोर्ट ने साल्विनी के कार्यों को लेकर सवाल-जवाब के लिए 20 नवंबर को इटली के पीएम गुइसेपे कॉन्टे को बुलाने का फैसला किया।

पोटरेरो अल पोपोलो ने आरोप लगाया है कि साल्विनी और इटली के राजनीतिक प्रतिष्ठान को न केवल 2019 के प्रवासी जहाज के मामले में बल्कि नस्लवादी उल्लंघन, समुद्र में प्रवासियों की मौत, प्रवासी श्रमिकों के शोषण, सीमा पर सैनिकों की तैनाती के लिए ईयू ट्रस्ट फंड और अफ्रीका ट्रस्ट फंड के विचलन सहित कई मामलों में और लीबिया युद्ध में इटली के शामिल होने को लेकर अभियोग चलाया जाना चाहिए।

कम्युनिस्ट रिफंडेशन पार्टी (पीआरसी), पोटेरे अल पोपोलो और ब्लैक लाइव्स मैटर्स के एक्टिविस्ट ने शनिवार को कैटेनिया कोर्ट में साल्विनी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।

italy
Matteo Salvini
Communist Refundation Party
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

गिउलिअनो ब्रुनेटी: “नाटो के ख़िलाफ़ हमारा संघर्ष साम्राज्यवादी ताकतों के ख़िलाफ़ संघर्ष है”

इटली : डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल की

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?

दुनिया भर की : नेतन्याहू के जानेभर से इज़रायल भला नहीं बन जाएगा


बाकी खबरें

  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
    12 Jan 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
  • dharm sansad
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
    12 Jan 2022
    पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।
  • राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    विजय विनीत
    राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    12 Jan 2022
    "आरएसएस को असली तकलीफ़ यही है कि अशोक की परिकल्पना हिन्दू राष्ट्रवाद के खांचे में फिट नहीं बैठती है। अशोक का बौद्ध होना और बौद्ध धर्म धर्मावलंबियों का भारतीय महाद्वीप में और उससे बाहर भी प्रचार-…
  • Germany
    ओलिवर पाइपर
    जर्मनी की कोयला मुक्त होने की जद्दोजहद और एक आख़िरी किसान की लड़ाई
    12 Jan 2022
    पश्चिमी जर्मनी में एक गांव लुत्ज़ेराथ भूरे रंग के कोयला खनन के चलते गायब होने वाला है। इसलिए यहां रहने वाले सभी 90 लोगों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया है। उनमें से केवल एक व्यक्ति एकार्ड्ट ह्यूकैम्प…
  • Hospital
    सरोजिनी बिष्ट
    लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़
    12 Jan 2022
    लखनऊ के साढ़ामऊ में स्थित सरकारी अस्पताल को पूरी तरह कोविड डेडिकेटेड कर दिया गया है। इसके चलते आसपास के सामान्य मरीज़ों, ख़ासकर गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही इसी अस्पताल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License