NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीरः यह रास्ता किधर जाता है!
जिस तरह इन तथाकथित मुठभेड़ों में बड़े पैमाने पर कश्मीरी नौजवान मारे जा रहे हैं, वह विचलित कर देनेवाला दृश्य है। यह नहीं भूलना चाहिए कि जो कश्मीरी नौजवान मारा जा रहा है, वह भारत का नागरिक है।
अजय सिंह
15 Apr 2021
कश्मीरः यह रास्ता किधर जाता है!
Image courtesy : NDTV

सरकारी आंकड़े आम तौर पर नीरस व उबाऊ होते हैं। उनमें लुका-छिपी का खेल भी ख़ूब चलता है। इसके बावजूद उनसे सच्चाई को एक हद तक समझने में मदद मिलती है। ऐसे ही एक सरकारी आंकड़े से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर में सेना से मुठभेड़ के नाम पर कितने नौजवान मारे जा रहे हैं। ऐसी ही एक मुठभेड़ में—वह असली थी या नकली, कहना मुश्किल है—14 साल का एक बच्चा फ़ैसल गुलज़ार 10-11 अप्रैल 2021 की रात में मारा गया। घटना दक्षिण कश्मीर के शोपियां इलाक़े की है।

केंद्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर की सरकार द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, सेना व अन्य सुरक्षा बलों के साथ ‘मुठभेड़’ में सिर्फ़ अप्रैल 2021 के महीने में (14 अप्रैल तक) 16 संदिग्ध विद्रोही (मिलिटेंट) कश्मीर में मारे गये। (इनमें से 12 विद्रोही सिर्फ़ 72 घंटे के अंदर मारे गये।) जनवरी 2021 से लेकर 14 अप्रैल 2021 तक कश्मीर में कुल 40 संदिग्ध विद्रोही मारे जा चुके हैं। कश्मीर में हर मुठभेड़ गहरे संदेह व सवाल के घेरे में रही है।

देखा जा सकता है कि कश्मीर में सेना की बंदूक का राज चल रहा है। हर ‘मुठभेड़’ का पैटर्न एक-जैसा रहता है और उसकी पटकथा जैसे पहले ही लिख ली गयी होती हैः किसी इलाक़े में विद्रोहियों के छुपे होने की सूचना मिलने पर सेना, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) और पुलिस ने उस इलाक़े को घेर लिया, विद्रोहियों से समर्पण करने की अपील की गयी, जब वे नहीं माने, तब सुरक्षा बल एक ख़ास इलाक़े की ओर बढ़ने लगे, उन पर विद्रोहियों ने गोलियां चलानी शुरू की, तब जवाब में सुरक्षा बलों की ओर से गोलीबारी शुरू हुई...

जिस तरह इन तथाकथित मुठभेड़ों में बड़े पैमाने पर कश्मीरी नौजवान मारे जा रहे हैं, वह विचलित कर देनेवाला दृश्य है। यह नहीं भूलना चाहिए कि जो कश्मीरी नौजवान मारा जा रहा है, वह भारत का नागरिक है। क्या भारत की आबादी के एक बहुत ख़ास हिस्से को सेना व उसकी बंदूक के रहम-ओ-करम पर छोड़ा जा सकता है? ऐसा लगता है कि कश्मीर हमारे दिमाग़ी नक़्शे से क़रीब-क़रीब ग़ायब हो चला है।

यह विडंबना है कि जिसे मुख्यधारा की राजनीति कहा जाता है, उसका कश्मीर के नौजवानों पर रत्ती भर असर नहीं दिखायी देता। जम्मू-कश्मीर की भूतपूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती और एक अन्य भूतपूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अक्सर राज्य के नौजवानों से ‘मुख्यधारा की राजनीति’ में लौटने की अपील करते रहे हैं। लेकिन नौजवानों के बीच उनकी विश्वसनीयता अच्छी-ख़ासी संदिग्ध हो चली है, इसलिए उनकी अपील बेअसर होती रही है।

कश्मीर में जब तक मुठभेड़ों पर रोक नहीं लगती, हर मुठभेड़ की न्यायिक जांच नहीं करायी जाती, और सेना को बैरक में लौटने का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक कश्मीर में ख़ून-ख़राबा रोक पाना नामुमकिन है।

(लेखक वरिष्ठ कवि व राजनीतिक विश्लेषक हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

इसे भी पढ़ें :  शोपिंया में किशोर मिलिटेन्ट के मारे जाने से कई उम्मीदें चकनाचूर

Jammu and Kashmir
Kashmir
Shopian encounter
Shopian
Encounter killings
J&K Police

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?


बाकी खबरें

  • weekend curfew
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र शनिवार-रविवार का कर्फ़्यू
    04 Jan 2022
    डीडीएमए की बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ‘‘शनिवार और रविवार को कर्फ़्यू रहेगा। लोगों से अनुरोध किया जाता है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।’’
  • Subramanian Swamy
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं
    04 Jan 2022
    मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंज़ूरी रद्द करने का…
  • Hindu Yuva Vahini
    विजय विनीत
    बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें, लगाए गए उन्मादी नारे
    04 Jan 2022
    "हिन्दू युवा वाहिनी के लोग चाहते हैं कि हम अपना धैर्य खो दें और जिससे वह फायदा उठा सकें। हरिद्वार में आयोजित विवादित धर्म संसद के बाद बनारस में नंगी तलवारें लहराते हुए जुलूस निकाले जाने की घटना के…
  • Maulana Hasrat Mohani
    परमजीत सिंह जज
    मौलाना हसरत मोहानी और अपनी जगह क़ायम अल्पसंख्यक से जुड़े उनके सवाल
    04 Jan 2022
    आज भी अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करते हैं, ऐसे में भारत को संविधान सभा में हुई उन बहसों को फिर से याद दिलाने की ज़रूरत है, जिसमें बहुसंख्यकवाद के कड़वे नतीजों की चेतावनी दी गयी थी।
  • Goa Chief Ministers
    राज कुमार
    गोवा चुनावः  34 साल में 22 मुख्यमंत्री
    04 Jan 2022
    दल बदल के मामले में गोवा बाकी राज्यों को पीछे छोड़ता नज़र आ रहा है। चुनाव से पहले गोवा के आधे से ज्यादा विधायक पार्टी बदल चुके हैं। आलम ये है कि कहना मुश्किल है कि जो विधायक आज इस पार्टी में है कल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License