NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पत्रकार एब्बी मार्टिन ने बीडीएस विरोधी कानून को लेकर जॉर्जिया पर मुकदमा दायर किया
जॉर्जिया के कानून को लेकर ये मुकदमा दायर किया गया था जिसमें स्वतंत्र ठेकेदारों को इजरायल के बहिष्कार के खिलाफ संकल्प पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Feb 2020
Georgia

स्वतंत्र पत्रकार और डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता एब्बी मार्टिन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की एक संघीय अदालत में जॉर्जिया प्रांत और बीडीएस विरोधी कानून को लेकर जॉर्जिया दक्षिणी विश्वविद्यालय के खिलाफ बोलने की आजादी से संबंधित मुकदमा दायर किया है। जॉर्जिया दक्षिणी विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में बोलने वाली मार्टिन को इजरायल के बहिष्कार के खिलाफ संकल्प पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया था। मार्टिन द्वारा संकल्प पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के बाद यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था। यह तर्क दिया गया कि यह उनके बोलने और अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन करता है।

जॉर्जिया ने 2016 में एक कानून पारित किया था जो व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए इजरायल के बहिष्कार की वकालत नहीं करने के लिए एक फार्म पर हस्ताक्षर करने को अनिवार्य करता है यदि उनके काम में 1,000 डॉलर या उससे अधिक का लेनदेन शामिल है। यह कानून बढ़ते बॉयकाट, विभाजन और प्रतिबंधों या बीडीएस आंदोलन को रोकने के लिए पारित किया गया था, जो विशेष रूप से विश्वविद्यालय परिसर में फिलिस्तीनियों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के लिए इजरायल को जवाबदेह बनाने का प्रयास करता है।

मार्टिन को 28 फरवरी को जॉर्जिया दक्षिणी विश्वविद्यालय में एक समूह द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया और मुआवजे के रूप में 1,000 यूएसडी का भुगतान किया जाना था। बाद में ये सम्मेलन रद्द कर दिया गया।

मार्टिन ने 10 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के अपने इरादे को बताया जिसमें उनके साथ काउंसिल फॉर अमेरिकन-इस्लामिक अफेयर्स और पार्टनरशिप फॉर सिविल जस्टिस फंड के प्रतिनिधि शामिल हुए। अटलांटा में जॉर्जिया के उत्तरी जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय में ये मामला दायर किया गया था।

अन्य लोगों के साथ मार्टिन ने तर्क दिया कि संवैधानिक रूप से मिली बोलने की आजादी के अधिकार की लड़ाई के लिए यह मामला मुख्य रूप से एक नागरिक अधिकार मुकदमा है। मार्टिन बीडीएस आंदोलन को लेकर लंबे समय से मुखर रहे हैं। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने बड़े पैमाने पर फिलिस्तीन पर इजरायल के कब्जे और फिलिस्तीनियों पर हुए अत्याचारों को रिपोर्ट किया है। उन्होंने हाल ही में गाजा में फिलिस्तीनियों के संघर्ष पर 'गाजा फाइट्स फॉर फ्रीडम’ शीर्षक से एक डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया है जो 2006 के बाद से इजरायल द्वारा लगाए गए अवैध नाकाबंदी के खिलाफ लड़ाई को विस्तार से बताता है। 

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Georgia
Journalist Abby Martin
Georgia law
journalist
USA
Georgia Southern University
Anti BDS law

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नागरिकों से बदले पर उतारू सरकार, बलिया-पत्रकार एकता दिखाती राह

बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है

जीत गया बलिया के पत्रकारों का 'संघर्ष', संगीन धाराएं हटाई गई, सभी ज़मानत पर छूटे

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • kashmir jammu
    सुहैल भट्ट
    विशेषज्ञों के मुताबिक़ कश्मीर में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति अपने कगार पर है
    27 Dec 2021
    जम्मू-कश्मीर में तनाव से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका बड़ा कारण साल 2019 में हटाई गई धारा 370 को मुख्य माना जा रहा है, खुद को कैदी जैसा महसूस कर रहे जम्मू-कश्मीर के लोगों में…
  • Ethiopia
    पीपल्स डिस्पैच
    अमेरिका समर्थित टीपीएलएफ़ ने इथियोपिया में जंग हारने के बाद संयुक्त राष्ट्र से सुरक्षा की गुहार लगाई
    27 Dec 2021
    संघीय सरकार की फ़ौज ने टीपीएलएफ़ को टिगरे राज्य में वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया, अब टीपीएलएफ़ शांति प्रक्रिया के लिए बातचीत शुरू करने की गुहार लगा रहा है। सरकार ने समूह के नि:शस्त्रीकरण और इसके…
  • Mental health
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: मानसिक सेहत गंभीर मामला लेकिन इलाज के लिए जाएं कहां?
    27 Dec 2021
    फ़रवरी 2019 में उत्तराखंड में मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। ये प्राधिकरण काग़ज़ों में भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। प्राधिकरण में मानसिक स्वास्थ्य के लिए…
  •  Muzaffarpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुज़फ़्फ़रपुर: हादसा या हत्याकांड!, मज़दूरों ने कहा- 6 महीने से ख़राब था बॉयलर, जबरन कराया जा रहा था काम
    27 Dec 2021
    बॉयलर छह महीने से ख़राब था। कामगारों ने ख़तरे की आशंका जताई थी। बॉयलर का सेफ्टी वाल्व भी ख़राब था। इसके विरोध में दो दिन तक मज़दूरों ने काम भी बंद रखा था लेकिन प्रबंधन ने इसको ठीक नहीं कराया था।
  • haridwar
    वसीम अकरम त्यागी
    राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: आख़िर तुम किस मर्ज़ की दवा हो?
    27 Dec 2021
    हरिद्वार, आगरा से लेकर गुरुग्राम तक, त्रिपुरा से लेकर कर्नाटक तक, नमाज़ से लेकर चर्च की प्रार्थना सभा तक अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिये बना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License