NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्यूनीशिया के प्रस्तावित मीडिया बिल को लेकर पत्रकारों व एक्टिविस्टों ने विरोध किया
हालांकि, देश में मीडिया के कुछ लोग इस बिल को लेकर बटे हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग खुले तौर पर इसका समर्थन कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
21 Oct 2020
ट्यूनीशिया

नए प्रस्तावित मीडिया बिल के ख़िलाफ़ सैकड़ों पत्रकारों और एक्टिविस्टों द्वारा राजधानी ट्यूनिस में ट्यूनीशियाई संसद के सामने मंगलवार 20 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया क्योंकि ये बिल देश में मीडिया संचालन के लिए लाइसेंसिंग नियमों को काफी हद तक शिथिल करता है।

300 से अधिक प्रदर्शनकारी संसद के बाहर इकट्ठा हुए और नारे लगाते हुए व पोस्टर और तख्तियां लिए हुए इस प्रस्तावित मीडिया बिल का विरोध करने लगे। उन्होंने सरकार पर नए आंतरिक नियमों का लाभ लेने के लिए जानबूझकर शक्तिशाली आंतरिक और बाहरी कंपनियों को सक्षम बनाने का आरोप लगाया जिसके माध्यम से वे जिस तरह चाहें उसे किसी भी तरह से पब्लिक डिस्कोर्स और पब्लिक ओपिनियन को प्रभावित कर सकेंगे। उन्होंने आशंका जताई कि नया बिल संभवतः अधिक चरमपंथी प्रोपगैंडा और सामग्री के प्रसार को भी जन्म दे सकता है और साथ ही भ्रष्टाचार और अन्य हेरफेर को बढ़ा सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने इस बिल के उस खंड के ख़िलाफ़ भी अपना विरोध जताया जिसमें कहा गया है कि देश की संसद मौजूदा व्यवस्था के बजाय एक साधारण बहुमत के साथ मीडिया नियामक निकाय में सदस्यों को नियुक्त करने में सक्षम होगा। मौजूदा व्यवस्था में नए सदस्य के लिए संसद को दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।

जर्नलिस्ट्स लेबर सिंडिकेट के अध्यक्ष मेहदी जलासी ने एक बयान में कहा कि "यह प्रस्तावित संशोधन लोकतंत्र और प्रेस क्षेत्र के लिए एक वास्तविक ख़तरा है। लाइसेंस रद्द करने से भ्रष्टाचारियों, राजनेताओं और शायद अतिवादियों को इस क्षेत्र को नियंत्रित करने का रास्ता खुलेगा।”

इसके विपरीत, इस बिल का समर्थन करने वालों में इस्लामिस्ट एंहाडा पार्टी सहित करामा गठबंधन के प्रमुख सैफ एडडाइन मैकलॉफ जिन्होंने संसद में ट्यूनीशियाई सरकार का समर्थन किया है और साथ ही ट्यूनीशिया में टीवी और रेडियो चैनलों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ ट्यूनीशिया के लिए उपलब्ध मीडिया सामग्री के साथ इस क्षेत्र में कई और नौकरियों के निर्माण का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री हिचेम मेचिची ने कहा है कि ये बिल ट्यूनीशिया के मीडिया क्षेत्र के लिए अच्छा होगा।

हिचेम मेचिची ने विपक्ष को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि प्रस्तावित क़ानून तेज़ी से मीडिया क्षेत्र का विस्तार और उदारीकरण करेगा और यह सीधे तौर पर अपनी स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा, क्योंकि कोई भी सरकार देश में आने वाले सभी नए और आगामी मीडिया संस्थानों को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं होगी जो तेजी से बढ़ रही है।

Tunisia
Media bill
Protest against media bill
Activists
Journalists

Related Stories

अब ट्यूनीशिया के लोकतंत्र को कौन बचाएगा?

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

बेशर्म नंगई पर उतरा तंत्र, नफ़रती एजेंटों की पौ-बारा

मध्य प्रदेश : बीजेपी विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाई तो पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा किया

ट्यूनीशिया: पहली डिजिटल राजनीतिक सुझाव प्रक्रिया पर लोगों में मत-विभाजन

'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के पुरज़ोर समर्थक दो पत्रकारों को 'नोबेल शांति पुरस्कार'

ट्यूनीशिया के संविधान में संशोधन करने की राष्ट्रपति की योजना का विरोध

ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को बर्ख़ास्त किया, देश में विरोध के बाद संसद निलंबित

कोविड मामलों में नए उछाल के बीच ट्यूनीशिया के स्वास्थ्य मंत्री हटाए गए

पेगासस जासूसी मामला: विपक्ष ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल, गृह मंत्री को बर्ख़ास्त करने की मांग


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    रवि शंकर दुबे
    किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा
    10 Dec 2021
    ‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं... चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश और भीषण ठंड को किसानों ने सिर्फ़ इसलिए झेला ताकि…
  •  Bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार खाद संकटः रबी की बुआई में देरी से किसान चिंतित, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
    10 Dec 2021
    अब मुजफ्फरपुर जिले के दस गांव के किसानों ने डीएपी खाद समेत अन्य खाद और बीज की भारी कमी को लेकर एनएच-722 पर प्रदर्शन किया और करीब छह घंटे तक मार्ग को जाम रखा।
  • Ghanshyam Tiwari
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश में सपा की जीत संविधान की जीत होगी : घनश्याम तिवारी
    10 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश के चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश और देश की राजनीती में सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं. हाल ही में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मेरठ में हुई रैली में लाखो की संख्या में लोग देखने को मिले। आने वाले…
  • omicron
    संदीपन तालुकदार
    ओमिक्रोन के नए संस्करण का पता चला, यह टीके की सुरक्षा को दे सकता है मात
    10 Dec 2021
    जैसा कि पहले प्रयोगशाला अध्ययनों के द्वारा सुझाया गया है, और यह सच हो सकता है कि कोविड टीकों के द्वारा प्रदान की गई कुछ सुरक्षा से ओमिक्रोन बचकर निकल सकता है।
  • rights
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पत्रकारों पर बढ़ते हमले क्या आलोचना की आवाज़ दबाने की कोशिश है?
    10 Dec 2021
    सीपीजे की रिपोर्ट के मुताबिक़ एक दिसंबर 2021 तक दुनिया भर में 293 पत्रकार अपने काम के लिए विभिन्न देशों की जेलों में बंद थे। रिपोर्ट के अनुसार चीन में पत्रकारों की सबसे बुरी स्थिति है, तो वहीं भारत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License